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जूनियर डिविजन कोर्ट स्थापित करने की तैयारी शुरू
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर
Updated Thu, 02 Mar 2017 12:01 AM IST
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जसपुर में अधिवक्ताओं से वार्ता करते एडीजे
- फोटो : अमर उजाला
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सिविल जज जूनियर डिवीजन कोर्ट की स्थापना जल्द कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। कोर्ट के स्थापित से वादकारियों को सुलभ न्याय मिलने के साथ-साथ काशीपुर कोर्ट के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। कोर्ट के लिए कवायद शुरू होने से अधिवक्ताओं और वादकारियों के चेहरे खिले हुए हैं।
बताते चलें कि करीब सात साल से बार एसोसिएशन द्वारा जसपुर में सिविल कोर्ट की स्थापना के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कई न्यायिक अफसरों के समक्ष इस मांग को भी दोहराया। काफी मशक्कत के बाद तीन साल पहले पंतनगर आए तत्कालीन मुख्यमंत्री ने जसपुर में सिविल कोर्ट की स्थापना करने की घोषणा की थी। प्रमुख सचिव डीपी गैरोला ने इस बाबत अधिसूचना जारी की थी। लेकिन अधिसूचना के जारी होने के बाद केवल अफसरों के ही दौरे होते रहे। लेकिन कोई सार्थक प्रयास नहीं हुए। पिछले साल हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति आलोक सिंह ने भी जसपुर का दौरा किया था। उन्होंने कोर्ट स्थापना की पत्रावली को आगे बढ़ाई और फिर कोर्ट के लिए दुकानों का चिन्हीकरण हो सका।
एडीजे ने सिविल कोर्ट के लिए मंडी समिति की चार दुकानों का निरीक्षण कर दुकानों का कब्जा ले लिया है। एडीजे ने दुकानों में ताले भी डलवा दिए। बुधवार को जिला जज के आदेश पर तहसील परिसर में पहुंचे एडीजे नसीम अहमद का अधिवक्ताओं ने स्वागत किया।
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अधिवक्ताओं ने कोर्ट की स्थापना के लिए मंडी समिति की चारों दुकानों का निरीक्षण कराया। एडीजे ने मंडी समिति सचिव परमवीर सिंह को बुलाकर चारों दुकानों का कब्जा लेकर ताले डलवा दिए। बताया कि जिला जज के आदेश पर उन्होंने मंडी समिति की दुकानों पर कब्जा ले लिया है। चारों दुकानों को प्रतिमाह किराया दिया जाएगा। जल्द ही जसपुर में कोर्ट के लिये निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। वहां बार अध्यक्ष सुंदर पाल सिंह, रवि चौधरी, दिग्विजय सिंह चौहान, अरविंद चौहान, दिनेश शर्मा, भूपेंद्र सिंह, प्रमोद रोहला, राजीव कुमार, नईम अहमद आदि थे।
बताते चलें कि करीब सात साल से बार एसोसिएशन द्वारा जसपुर में सिविल कोर्ट की स्थापना के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कई न्यायिक अफसरों के समक्ष इस मांग को भी दोहराया। काफी मशक्कत के बाद तीन साल पहले पंतनगर आए तत्कालीन मुख्यमंत्री ने जसपुर में सिविल कोर्ट की स्थापना करने की घोषणा की थी। प्रमुख सचिव डीपी गैरोला ने इस बाबत अधिसूचना जारी की थी। लेकिन अधिसूचना के जारी होने के बाद केवल अफसरों के ही दौरे होते रहे। लेकिन कोई सार्थक प्रयास नहीं हुए। पिछले साल हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति आलोक सिंह ने भी जसपुर का दौरा किया था। उन्होंने कोर्ट स्थापना की पत्रावली को आगे बढ़ाई और फिर कोर्ट के लिए दुकानों का चिन्हीकरण हो सका।
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एडीजे ने सिविल कोर्ट के लिए मंडी समिति की चार दुकानों का निरीक्षण कर दुकानों का कब्जा ले लिया है। एडीजे ने दुकानों में ताले भी डलवा दिए। बुधवार को जिला जज के आदेश पर तहसील परिसर में पहुंचे एडीजे नसीम अहमद का अधिवक्ताओं ने स्वागत किया।
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अधिवक्ताओं ने कोर्ट की स्थापना के लिए मंडी समिति की चारों दुकानों का निरीक्षण कराया। एडीजे ने मंडी समिति सचिव परमवीर सिंह को बुलाकर चारों दुकानों का कब्जा लेकर ताले डलवा दिए। बताया कि जिला जज के आदेश पर उन्होंने मंडी समिति की दुकानों पर कब्जा ले लिया है। चारों दुकानों को प्रतिमाह किराया दिया जाएगा। जल्द ही जसपुर में कोर्ट के लिये निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। वहां बार अध्यक्ष सुंदर पाल सिंह, रवि चौधरी, दिग्विजय सिंह चौहान, अरविंद चौहान, दिनेश शर्मा, भूपेंद्र सिंह, प्रमोद रोहला, राजीव कुमार, नईम अहमद आदि थे।