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विरोध दरकिनार, अतिक्रमण पर गरजी जेसीबी

Tue, 19 Dec 2017 12:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो गदरपुर। 
अमर उजाला ब्यूरो गदरपुर।  Updated Tue, 19 Dec 2017 12:29 AM IST
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JCB over encroachment
अतिक्रमण हटाती जेसीबी। अमर उजाला - फोटो : amar ujala
व्यापारियों का विरोध दरकिनार कर पुलिस प्रशासन ने मुख्य बाजार में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया और 100 से अधिक कच्चे और पक्के निर्माण जेसीबी से ध्वस्त कर दिए। अभियान के खिलाफ व्यापारी जुलूस निकालकर प्रदर्शन करते रहे, मगर चार जेसीबी अतिक्रमण पर गरजती रहीं। व्यापारियों की प्रशासन के साथ कई बार तीखी नोकझोंक भी हुई। व्यापारियों की गुहार पर डीएम ने मंगलवार तक स्वयं निर्माण हटाने की मोहलत दे दी, बुधवार को अभियान फिर शुरू होगा। इधर, देर शाम डीएम डॉ. नीरज खैरवाल और एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने थाने पहुंचकर अभियान की समीक्षा की।
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सोमवार सुबह 11 बजे एसडीएम पूरन सिंह राणा, एसपी क्राइम कमलेश उपाध्याय, एएसपी जगदीश चंद्र की अगुवाई में टीम मुख्य बाजार में अतिक्रमण हटाने पहुंच गई। जैसे ही जेसीबी ने थाना गेट के सामने वर्षों से काबिज अतिक्रमणकारियों के खोखे हटाने शुरू किए तो बड़ी संख्या में व्यापारी विरोध में पहुंच गए। पालिकाध्यक्ष अंजू भुड्डी भी पुलिस कर्मियों से उलझ पड़ीं, लेकिन महिला पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया। व्यापारी भी जुलूस की शक्ल में वहां पहुंचने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद व्यापारी नारेबाजी करते हुए सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। व्यापार मंडल अध्यक्ष पंकज सेतिया, महामंत्री मनीष फुटेला सहित तमाम व्यापारियों ने अभियान का विरोध कर हंगामा काटा।
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आरोप लगाया कि प्रशासन तानाशाही रवैया अपनाकर व्यापारियों का उत्पीड़न करने में लगा है। उन्होंने प्रशासन से कुछ समय देने की मांग की तो एसडीएम ने साफ इन्कार कर दिया। कहा इस मसले को लेकर पूर्व में कईं बार वार्ता हो चुकी है, लेकिन व्यापारी जिद पर अड़े रहे। इसके बाद मजबूरन हाइकोर्ट के आदेश के अनुपालन में अतिक्रमण हटवाना पड़ रहा है। अभियान को देखते हुए कईं व्यापारियों ने खुद ही अतिक्रमण हटाने शुरू कर दिए। बार-बार गुहार लगाने के बाद आखिर साढ़े 12 बजे प्रशासन ने व्यापारियों को मंगलवार तक स्वयं अतिक्रमण हटा लेने की मोहलत दे दी। साथ ही चेतावनी दी कि बुधवार से फिर व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाएगा।
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एसडीएम राणा ने बताया मुख्य मार्ग के बीच से नौ-नौ मीटर के दायरे में आने वाले सभी कच्चे और पक्के निर्माण हटाये जाने हैं, इसका एनएच की ओर से चिन्हीकरण कर दिया गया है। इस दौरान सीओ बाजपुर बहादुर सिंह चौहान, सीओ गदरपुर कमला बिष्ट, तहसीलदार वसी खान, एनएच उप प्रबंधक तकनीकी अनुज कुमार सिंह, थानाध्यक्ष ललित मोहन जोशी, ईओ नजर अली सहित बड़ी संख्या में पुलिस, राजस्व और पालिकाकर्मी मौजूद रहे। 

दो घंटे हाइवे पर धरने पर बैठे व्यापारी 
प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के खिलाफ व्यापारी थाने के सामने ही हाइवे पर धरने पर बैठ गए। उनके समर्थन में कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता भी धरने पर बैठे। इस दौरान व्यापारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर गुबार निकला। अभियान को लेकर प्रशासन ने पहले ही रूट डायवर्ट कर दिया था। धरने की वजह से हाइवे पर दिनभर वाहन नहीं चले। धरने पर बैठे व्यापारियों ने स्कूल बसों को जाने दिया। शाम के समय यातायात सुचारू हो सका। 
 
अभियान को लेकर सियासत शुरू 
अतिक्रमण हटाने के मुद्दे को लेकर सियासत भी गरमा गई है। पूर्व मंत्री तिलकराज बेहड़ ने गदरपुर पहुंचकर पत्रकारों से वार्ता में कहा कि क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडेय ने क्षेत्र की जनता का जो अपमान किया है उसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा। कहा कि हाइकोर्ट के आदेशों का सम्मान होना चाहिए लेकिन मंत्री अरविंद पांडेय को व्यापारियों का पक्ष सुनकर उचित समाधान करवाना चाहिए था। बाद में प्रशासन की कार्यवाही के विरोध में बेहड़ ने व्यापारियों और कार्यकर्ताओं के साथ मुख्य मार्ग पर धरना दिया। वहां मंडी समिति अध्यक्ष प्रीत ग्रोवर, व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष राजेश बंसल, पीसीसी सदस्य राजेंद्र पाल सिंह, विजय सुखीजा, जरनैल सिंह काली, अजय गाबा, संजय जुनेजा सहित अनेक मौजूद रहे। 

भाजपाइयों में भी छायी निराश 
प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाये जाने का विरोध कर रहे भाजपाइयों को उम्मीद थी कि कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडेय वहां पहुंचकर समस्या का सम्मानजनक हल करवाएंगे, लेकिन उनके न पहुंचने से कार्यकर्ताओं को निराश होना पड़ा। कई व्यापारियों ने भाजपाइयों से सवाल खड़े कर कहा कि क्षेत्रीय विधायक होने के नाते उन्हें व्यापारियों के पक्ष को प्रशासन के सामने रखना चाहिए था, लेकिन उन्होंने ऐसा न करके क्षेत्र के व्यापारियों की उपेक्षा की है। 

मंगलवार तक अतिक्रमण हटाने की मोहलत 
अतिक्रमण हटाये जाने के दौरान होने वाली क्षति से बचने के लिए व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने एसडीएम से दो दिन की मोहलत देने की गुहार लगाई, लेकिन एसडीएम पूरन सिंह राणा ने उनकी एक न सुनी। पालिकाध्यक्ष अंजू भुड्डी और कैबिनेट मंत्री प्रतिनिधि राजेश गुंबर ने डीएम और कैबिनेट मंत्री से फोन पर बात करने की बात कही, लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया। इसी बीच व्यापारी पहुंचे और उन्होंने लिखकर दिया कि वे अपने निर्माण खुद हटा लेंगे। इसके बाद एसडीएम ने मंगलवार तक खुद ही निर्माण हटाने का वक्त दिया। हालांकि डीएम डॉ. नीरज खैरवाल ने भी मंगलवार तक निर्माण खुद ही हटाने की मोहलत व्यापारियों को देने की बात कही। बताया कि बुधवार को फिर से अतिक्रमण हटाया जाएगा।

अनशनकारियों ने स्वयं तोड़ा अनशन 
प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने के बाद आमरण अनशन पर बैठे सभी छह व्यापारियों सिद्धाथ भुसरी, रोहित सुदामा, सुरेश खुराना, विजय सिडाना, राजू, अजय गुप्ता ने स्वयं ही अनशन समाप्त कर दिया। ये व्यापारी अतिक्रमण हटाओ अभियान के विरोध में दो दिन से आमरण अनशन पर बैठे थे। जब अभियान चला तो उन्हें खुद ही अनशन खत्म करना पड़ा। 

भारी संख्या में तैनात रही फोर्स 
अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये थे। एएसपी जगदीश चंद्र ने बताया कि तीन कंपनी पीएसी, दो एएसपी, चार डिप्टी एसपी, 30 सबइंस्पेक्टर, सात थाना प्रभारी, 120 पुरुष कांस्टेबल, 40 महिला कांस्टेबल, पांच फायर यूनिट, दंगा नियंत्रण वाहन, चार घुड़सवार, आंसू गैस दस्ता, पानी टैंका, चार जेसीबी, एक वीडियोग्राफी टीम अभियान में शामिल थे। 

रो पड़े व्यापार मंडल अध्यक्ष सेतिया 
व्यापारियों की लड़ाई लड़ रहे व्यापार मंडल अध्यक्ष पंकज सेतिया उस समय फफक कर रोने लगे जब जेसीबी ने दुकानों को तोड़ना शुरू किया। उन्होंने प्रशासन पर धोखा देने का भी आरोप लगाया। प्रशासन द्वारा जब दुकानों पर लाल निशान लगाकर चिन्हीकरण किया जा रहा था तो कई व्यापारियों की आंखों में आंसू आ गये। 

शुरू हुआ बाइपास का निर्माण कार्य
मुख्य बाजार में अतिक्रमण हटाओ अभियान के साथ ही लंबे समय से लटका बाइपास का निर्माण भी शुरू हो गया है। एसडीएम पूरन राणा ने बताया कि एनएच द्वारा बाइपास मार्ग का रुका हुआ निर्माण कार्य शुरु कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि बाइपास निर्माण शुरु करवाने की मांग व्यापारी भी कर रहे थे। इसको शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। 


जेसीबी से तार टूटे, बिजली गुल 
मुख्य बाजार में अतिक्रमण हटाते समय जेसीबी की चपेट में कईं बिजली के तार आकर टूट गए थे। हालांकि विद्युत विभाग ने पहले ही एहतियातन बिजली बंद कर दी थी। इस वजह से कोई हादसा तो नहीं हुआ, लेकिन मुख्य बाजार और आसपास के क्षेत्र की बिजली गुल रही। अभियान खत्म होने के बाद विद्युत कर्मी तारों को ठीक करने मेें जुट गए थे, लेकिन देर शाम तक आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी थी। 

 
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