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जामा मस्जिद लिंटर हादसे की जांच के लिए दो कमेटियां गठित
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/खटीमा।
Updated Mon, 09 Nov 2015 12:21 AM IST
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खटीमा। जामा मस्जिद में लिंटर गिरने से हुए हादसे के मामले में जिलाधिकारी अक्षत गुप्ता के निर्देश पर एसडीएम ऋचा सिंह ने दो टीमें गठित कर दी हैं। जिसमें एक टीम तकनीकी पहलुओं की जांच करेगी, जबकि दूसरी टीम दुर्घटना के कारणों सहित अन्य मामले देखेगी। जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य रोक दिया गया है। यह जानकारी जामा मस्जिद के सचिव सलाउद्दीन अंसारी को रिसीव करा दी गई है। एसडीएम सिंह ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से 25-25 हजार रुपये मुआवजे के चेक दिए।
मस्जिद में हुए हादसे के दूसरे दिन भी प्रशासन ने मलबा हटाने का कार्य जारी रखा। लिंटर के बचे हुए हिस्से से लटकी सरिया काटी गई। निर्माण स्थल का मलबा निकाला गया। डीएम के निर्देश पर एसडीएम सिंह ने तकनीकी जांच के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन किया है।
इसमें ऐई लोनिवि गिरधर सिंह राणा, जेई लक्ष्मण सिंह सामंत, नगर पालिका के जेई रविंद्र सिंह, जेई आरईएस केएस बृजवाल को रखा गया है। यह टीम निर्माण की तकनीकी जांच के अलावा अवशेष निर्माण प्रयोग के योग्य है या नहीं इसकी जांच करेगी। अन्य जांच के लिए तहसीलदार राधेश्याम राणा के नेतृत्व में दूसरी टीम गठित की गई है।
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यह टीम नक्शा पास है या नहीं, निर्माण करने के लिए औपचारिकताएं पूरी की गई या नहीं, मस्जिद के निर्माण के लिए इंजीनियर्स थे या नहीं। जब तक दोनों ही जांचें पूरी नहीं होती तब तक निर्माण नहीं किया जाएगा।
जांच के बाद जो निर्माण होगा, वह एसडीएम की देखरेख में किया जाएगा। एसडीएम सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री हरीश रावत के निर्देशानुसार सात घायलों में पुत्तन, शकील, इरफान, राशिद, इम्त्यिाज, मो. ताहिर, मो. नवी को 25-25 हजार का मुआवजा दिया गया।
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मस्जिद में हुए हादसे के दूसरे दिन भी प्रशासन ने मलबा हटाने का कार्य जारी रखा। लिंटर के बचे हुए हिस्से से लटकी सरिया काटी गई। निर्माण स्थल का मलबा निकाला गया। डीएम के निर्देश पर एसडीएम सिंह ने तकनीकी जांच के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन किया है।
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इसमें ऐई लोनिवि गिरधर सिंह राणा, जेई लक्ष्मण सिंह सामंत, नगर पालिका के जेई रविंद्र सिंह, जेई आरईएस केएस बृजवाल को रखा गया है। यह टीम निर्माण की तकनीकी जांच के अलावा अवशेष निर्माण प्रयोग के योग्य है या नहीं इसकी जांच करेगी। अन्य जांच के लिए तहसीलदार राधेश्याम राणा के नेतृत्व में दूसरी टीम गठित की गई है।
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यह टीम नक्शा पास है या नहीं, निर्माण करने के लिए औपचारिकताएं पूरी की गई या नहीं, मस्जिद के निर्माण के लिए इंजीनियर्स थे या नहीं। जब तक दोनों ही जांचें पूरी नहीं होती तब तक निर्माण नहीं किया जाएगा।
जांच के बाद जो निर्माण होगा, वह एसडीएम की देखरेख में किया जाएगा। एसडीएम सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री हरीश रावत के निर्देशानुसार सात घायलों में पुत्तन, शकील, इरफान, राशिद, इम्त्यिाज, मो. ताहिर, मो. नवी को 25-25 हजार का मुआवजा दिया गया।