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पौने चार साल में भी पूरी नहीं हुई राघवेंद्र हत्याकांड की जांच

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 05 Aug 2019 12:09 AM IST
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Investigation of Raghavendra murder case not completed even in four years
काशीपुर। भाजपा नेता नरेंद्र मानस के पुत्र राघवेंद्र प्रताप की हत्या की जांच साढ़े तीन साल बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। कई विवेचनाधिकारी बदलने के बावजूद पुलिस को हत्या के संबंध में पुख्ता साक्ष्य नहीं मिल सके हैं। पुलिस मुख्यालय के आदेश पर अब इस हत्याकांड की जांच सीओ रामनगर से हटाकर सीओ काशीपुर को सौंपी है। सीओ मनोज कुमार ठाकुर ने घटनास्थल का निरीक्षण कर नए सिरे से जांच शुरू कर दी है।
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23 नवंबर 2015 को स्टेडियम के पास रेलवे लाइन किनारे एक युवक का शव मिला था। मृतक की पहचान मोहल्ला रहमखानी निवासी राघवेंद्र (25) पुत्र नरेन्द्र मानस के रूप में हुई। इस मामले में नरेंद्र मानस ने गुरविंदर सिंह कोहली और उसके बेटे पवनजीत कोहली के खिलाफ 22 नवंबर को अपहरण कर राघवेंद्र की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी के फुटेज में कुछ लोग राघवेंद्र से मारपीट करते दिख रहे हैं।
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इस मामले में भाजपाइयों ने कोतवाली गेट पर धरना देकर लंबा आंदोलन चलाया था। प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट समेत कई दिग्गज भाजपाई भी धरने में शामिल हुए थे। मामला बढ़ता देख पुलिस ने नामजद आरोपी गुरविंदर कोहली और उसके पुत्र पवनजीत कोहली को गिरफ्तार किया था, लेकिन वादी पक्ष का आरोप था कि राघवेंद्र हत्याकांड में कुछ अन्य लोगों की भी लिप्तता हो सकती है।
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इस मामले में प्रभारी निरीक्षक वीके जेठा, राजनलाल आर्य, ओमप्रकाश शर्मा, चंचल शर्मा के बाद उपनिरीक्षक राजेश यादव ने जांच की, लेकिन किसी भी विवेचना अधिकारी को राघवेंद्र की मौत के कारणों से संबंधित पुख्ता सबूत नहीं मिल सके। तय समय में न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत न हो पाने के चलते इस मामले में गिरफ्तार किए गए पिता-पुत्र को जमानत पर रिहा कर दिया गया।
बाद में मुकदमे की विवेचना सीबीसीआइडी को ट्रांसफर की गई, लेकिन सीबीसीआइडी भी मौत के कारणों की गुत्थी सुलझाने में नाकाम रही। कोई नतीजा न निकलने पर पुलिस मुख्यालय से सीओ रामनगर के नेतृत्व में एसआइटी का गठन किया गया। कई माह तक चली एसआइटी जांच के बाद भी निष्कर्ष नहीं निकल सका।
पुलिस मुख्यालय से अब इस मामले की विवेचना सीओ काशीपुर मनोज कुमार ठाकुर को सौंपी गई है। तीन अगस्त को सीओ ठाकुर ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया। तमाम स्तर पर जांच होने के पौने चार साल भी पुलिस इस मुकदमे की जांच पूरी नहीं कर सकी है।

कोट
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर 22 नवंबर 2015 को हुए राघवेंद्र हत्याकांड की विवेचना मुझे सौंपी गई है। इससे पूर्व इस मुकदमे की विवेचना सीओ रामनगर पंकज कुमार की ओर से की जा रही थी। - मनोज कुमार ठाकुर, सीओ, काशीपुर।
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