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Udham Singh Nagar News: ज्यादा विषयों की परीक्षा के बोझ से मुक्ति, अब चार पेपर देंगे स्नातक के छात्र
Tue, 20 Oct 2026 11:15 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Tue, 20 Oct 2026 11:15 PM IST
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रुद्रपुर। एसबीएस डिग्री कॉलेज में स्नातक प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए राहत की खबर है। बीए, बीएससी और बीकॉम में अब सात से आठ विषयों की लिखित परीक्षाओं की तैयारी का दबाव नहीं रहेगा। विद्यार्थियों को केवल चार विषयों की लिखित परीक्षा देनी होगी। बाकी विषयों का मूल्यांकन आंतरिक परीक्षा, असाइनमेंट और प्रोजेक्ट के आधार पर किया जाएगा।
महाविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा व्यवस्था के लिए निर्देश जारी किए हैं। नई व्यवस्था के तहत तीन विषय डिसिप्लिन स्पेसिफिक कोर्स (डीएससी) यानी मेजर और एक विषय जनरल इलेक्टिव (जीई) यानी माइनर का होगा। इन चार विषयों की लिखित परीक्षा देनी होगी। शेष विषयों में विद्यार्थियों को आंतरिक मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके लिए असाइनमेंट और प्रोजेक्ट निर्धारित समय पर जमा करना जरूरी होगा। पहले अधिक विषयों की परीक्षाओं के चलते विद्यार्थियों को कम समय में कई विषयों की तैयारी करनी पड़ती थी। अब लिखित परीक्षाओं की संख्या घटने से उन्हें मुख्य विषयों पर अधिक ध्यान देने और तैयारी को बेहतर ढंग से व्यवस्थित करने का मौका मिलेगा। हालांकि बाकी विषयों को हल्के में लेना विद्यार्थियों के लिए भारी पड़ सकता है क्योंकि उनमें भी आंतरिक मूल्यांकन के जरिए अंक निर्धारित होंगे।
कोट
नई व्यवस्था विद्यार्थियों के लिए राहत देने वाली है। चार विषयों की लिखित परीक्षा होने से छात्रों को मुख्य विषयों की तैयारी के लिए अधिक समय मिल सकेगा। विद्यार्थियों से अपील है कि आंतरिक मूल्यांकन, असाइनमेंट और प्रोजेक्ट से संबंधित निर्देशों का गंभीरता से पालन करें। -प्रो. अवधेश नारायण सिंह, प्राचार्य
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महाविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा व्यवस्था के लिए निर्देश जारी किए हैं। नई व्यवस्था के तहत तीन विषय डिसिप्लिन स्पेसिफिक कोर्स (डीएससी) यानी मेजर और एक विषय जनरल इलेक्टिव (जीई) यानी माइनर का होगा। इन चार विषयों की लिखित परीक्षा देनी होगी। शेष विषयों में विद्यार्थियों को आंतरिक मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके लिए असाइनमेंट और प्रोजेक्ट निर्धारित समय पर जमा करना जरूरी होगा। पहले अधिक विषयों की परीक्षाओं के चलते विद्यार्थियों को कम समय में कई विषयों की तैयारी करनी पड़ती थी। अब लिखित परीक्षाओं की संख्या घटने से उन्हें मुख्य विषयों पर अधिक ध्यान देने और तैयारी को बेहतर ढंग से व्यवस्थित करने का मौका मिलेगा। हालांकि बाकी विषयों को हल्के में लेना विद्यार्थियों के लिए भारी पड़ सकता है क्योंकि उनमें भी आंतरिक मूल्यांकन के जरिए अंक निर्धारित होंगे।
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कोट
नई व्यवस्था विद्यार्थियों के लिए राहत देने वाली है। चार विषयों की लिखित परीक्षा होने से छात्रों को मुख्य विषयों की तैयारी के लिए अधिक समय मिल सकेगा। विद्यार्थियों से अपील है कि आंतरिक मूल्यांकन, असाइनमेंट और प्रोजेक्ट से संबंधित निर्देशों का गंभीरता से पालन करें। -प्रो. अवधेश नारायण सिंह, प्राचार्य
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