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फल विक्रेताओं को 15 मीटर दूरी पर ठेली लगाने का निर्देश, जुर्माना बताया अव्यवहारिक

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Wed, 10 Jun 2020 02:11 PM IST
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Instructions to put fruit vendors at 15 meters distance impractical, fine of Rs 500 too much - Sushil Gaba
रुद्रपुर में फल ठेलियों की चालान की गई कापियां। - फोटो : AMAR UJALA
रुद्रपुर। सब्जी मंडी के समीप फल विक्रेताओं को बुधवार को सीपीयू की बड़ी कार्यवाही का सामना करना पड़ा। सब्जी मंडी के सामने स्थित फल मंडी पहुंचे सीपीयू दल ने फक विक्रेताओं को 15-15 मीटर की दूरी पर ठेली ना लगाने पर 10 से अधिक ठेलियों का 500 रुपये का चालान कर दिया। कई फल विक्रेताओं ने यह भी बताया कि जुर्माना ना देने पर सीपीयू दल ने उनके कांटे बांट भी जब्त कर लिए गए हैं। मौके पर पहुंचे कांग्रेस जिला महासचिव सुशील गाबा ने ठेला फल विक्रेताओं से बातचीत की और उनकी पीड़ाओं को जाना। गाबा ने 15 मीटर की दूरी के नियम को अव्यवहारिक बताते हुए गरीब ठेली वालों का ₹500 का चालान एवं जुर्माना बहुत अधिक करार दिया और इस विषय पर जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन को पत्र सौपनें का निर्णय लिया। कांग्रेस जिला महासचिव सुशील गाबा ने कहा कि कोरोना काल के दौरान पुलिस प्रशासन में अनेकों जगह बहुत बढ़िया कार्य किया है। इससे क्षेत्र की जनता को बहुत लाभ पहुंचा व क्षेत्र की जनता ने बहुत तारीफ भी की है , लेकिन आज सीपीयू ने लॉकडाउन खुलने के बाद जैसे तैसे गुजर बसर कर अपना जीवन यापन करने का प्रयास कर रहे फल विक्रेताओं को एक दूसरे से न्यूनतम 15 मीटर की दूरी पर खड़ा करने का व्यवहारिक नियम लागू करने का प्रयास किया है। जबकि वास्तव में ना तो सब्जी मंडी में ही और ना ही फल मंडी और बाजार में इतनी जगह है कि इन ठेलियों को 15 मीटर की दूरी पर खड़ा कराया जा सके। इसके अतिरिक्त रुद्रपुर में कोई वेंडर जोन भी नहीं है, जहां पर इन ठेलियों को जगह दी जा सके। ऐसे में ठेलियों को एक दूसरे से 15 मीटर की दूरी पर खड़ा किया जाना जमीनी धरातल पर संभव नहीं है। जिला महासचिव गाबा ने आगे कहा कि सीपीयू द्वारा गरीब फल विक्रेताओं का पांच ₹500 का चालान बहुत ज्यादा है ।यह गरीब मेहनतकश लोग बहुत इमानदारी से पूरे दिन भारी गर्मी में खड़ा होकर एवम अपना पसीना बहाकर बमुश्किल ₹500 ही कमा पाते हैं। वह अपने पूरे परिवार के चलाने की जिम्मेदारी इसी ₹500 से निभाते हैं और यदि इन फल विक्रेताओं पर ₹500 का जुर्माना हो जाता है तो यह भी मुमकिन है कि उन्हें व उनके परिवार को बहुत कष्टप्रद दिन गुजारना पड़ेगा । इसलिए मानवता के हित में इस जुर्माने को कम किया जाना चाहिए। जुर्माना ना भरे जानें पर सीपीयू द्वारा कांटे बांट आदि जब्त कर लिए जाने को भी उन्होंने अनुचित ठहराते हुए कहा कि सुबह-सुबह जब फल विक्रेता सब्जी मंडी से फल खरीद कर लाता है तो उसके पास पैसे नहीं होते। इसलिए उनके कांटे बांट जब्त करने के बजाए जुर्माना भुगतान हेतु समय भी देना चाहिए था।कहा कि वह जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन को पत्र लिखकर इस अव्यवहारिक नियम को समाप्त करने एवं फल विक्रेताओं को जीवन यापन सुनिश्चित करने के लि पत्र लिखेंगे।
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