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Udham Singh Nagar News: कोर्ट की फाइलों में किसने लिखी आपत्ति, कमिश्नर के सवाल पर मुंह ताकने लगे तहसीलदार और कर्मचारी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 12 Apr 2023 11:59 PM IST
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Inspection By Kumaon Commissioner
रुद्रपुर में तहसील के निरीक्षम के दौरान कुमाऊं कमिश्नर रावत से न्याय की गुहार लगातीं बुजुर्ग मह
रुद्रपुर। तहसील न्यायालय में लंबित वादों में कार्यवाही में बरती जा रही शिथिलता पर कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत तहसीलदार नीतेश डागर पर भड़क गए। उन्होंने तहसीलदार से साफ कहा कि पहले कहां थीं, यहां कितने समय से काम कर रही हो और अब कहां जाना चाहती हो, बता दो। कहा कि कोर्ट की किसी भी फाइल में तहसीलदार के हस्ताक्षर नहीं है। जमीनों की 143 की फाइलों में दर्ज आपत्तिको लिखने वाले के बारे में तहसीलदार और कर्मचारी जवाब नहीं दे पाए। इस पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए हैंडराइटिंग की जांच के निर्देश दिए। उन्होंने डीएम से तहसीलदार का स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए।
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बुधवार की सुबह साढ़े 11 बजे कमिश्नर अचानक तहसील में पहुंच गए। उस समय एसडीएम, तहसीलदार और अन्य अधिकारी बैठक में थे। कमिश्नर ने तहसील कार्यालय में चकबंदी, पुनर्स्थापना संबंधी मामलों की फाइलें देखी। कक्ष में कर्मचारी नहीं होने के चलते उन्होंने एसडीएम प्रत्यूष सिंह व तहसीलदार नीतू डागर से पूछा कि यह फाइलें किसकी कस्टडी में है, पर जवाब नहीं मिला। उन्होंने तहसील न्यायालय में फाइलें देखी तो वहां 50 मामले लंबित पाए गए, इसमें भी किसी भी फाइल में तहसीलदार के हस्ताक्षर नहीं थे। इस पर कमिश्नर ने खुद ही न्यायालय की अलमारियों को खंगालकर लंबित मामलों की फाइलेें निकालकर खंगाली।
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न्यायालय में अव्यवस्थाएं देख उन्होंने डीएम युगल किशोर पंत व एसडीएम को समय-समय में न्यायालय का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। इसके अलावा 143 की पत्रावलियों में बेवजह की आपत्तियां दर्ज होने पर कमिश्नर ने इसे लिखने वाले के बारे में जानकारी मांगी। लेकिन तहसीलदार, नाजिर, राजस्व उपनिरीक्षकों की ओर से जानकारी देने में असमर्थता जताई गई। इससे नाराज कमिश्नर ने डीएम को हैंडराइटिंग की जांच के लिए कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। कुछ फाइलों में नोटसीट और रिर्पोटिंग के समस की तारीख दर्ज नहीं थी। कुमाऊं कमिश्नर के कई सवालों का जवाब नहीं देने पर एसडीएम व तहसीलदार के पसीने छूटे। करीब तीन घंटे तक तहसील का निरीक्षण किया। एसडीएम कोर्ट से आने वाली 143 की फाइलों का अभिलेखीकरण सही से नहीं होने और इस संबंध में भी नायब तहसीलदार और कर्मचारी जवाब नहीं दे सके।
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ये मिली अव्यवस्था
- दाखिल खारिज के निर्विवाद मामलों को अधिक समय तक लंबित रखना
- एलआर एक्ट का मामला लंबित होना
- जांच आख्या में तारीख दर्ज नहीं करना
- एक फाइल पर दोबारा आपत्ति लगाना
- कुछ फाइलों पर तहसीलदार के हस्ताक्षर नहीं होना और सही जानकारी नहीं दे पाना

नायब तहसीलदार सहित चार का स्पष्टीकरण, मूल विभाग जाएगा सर्वे लेखपाल
रुद्रपुर। कमिश्नर ने साफ किया कि फाइलों पर आवेदन, जांच रिपोर्ट और निस्तारण की तारीख जरूर अंकित की जाए। दाखिल खारिज के मामलों में पैरवी नहीं होने वाले मामलों का ब्योरा सभी तहसीलों से लेने के निर्देश दिए। उन्होंने नायब तहसीलदार भरत लाल, कानूनगो महेंद्र बिष्ट व राधे सिंह राणा व सर्वे लेखपाल का तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए। कहा कि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं हुए तो निलंबन व प्रतिकूल प्रवृष्टि की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। इसके साथ ही सर्वे लेखपाल मनोज शर्मा को अपने मूल विभाग बंदोबस्त में वापस भेजने के निर्देश डीएम को दिए। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी विशाल मिश्रा, ओसी कलक्ट्रेट मनीष बिष्ट आदि थे।

16 बार रचना कौर लगा चुकी चक्कर, अब क्या जान ले लोगे उसकी
रुद्रपुर। न्यायालय में सबसे पुराने विवादों में वादी का साक्ष्य आने के बाद भी मामले का निस्तारण नहीं किया गया। इस पर कुमाऊं कमिश्नर ने तहसीलादर से कहा कि रचना कौर 16 बार न्यायालय के चक्कर लगा चुकी है। अब क्या उसकी जान ले लोगे। कहा कि तहसीलदार के कार्यों में कोई गंभीरता नहीं दिख रही है। मामले निपटने के आदेश में भी कोई हस्ताक्षर नहीं किए गए हैं। फिजूल में मामलों को लटकाया जा रहा है। जो बेहद गंभीर मामला दिख रहा है।
चार महीनों से आरसीएमएस पोर्टल में नहीं अपलोड कर रहे हैं केस
रुद्रपुर। तहसील न्यायालय के मामलों को आरसीएमएस पोर्टल में चार महीनों से अपलोड नहीं करने पर भी कमिश्नर भड़क गए। उन्होंने बताया कि रुद्रपुर तहसील में बेहद सुधार की अव्यवस्था है। 143 के मामलों के मूवमेंट में भी कोई जवाबदेही नहीं है। कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप कार्यों को सरलीकरण, समाधान व निस्तारण के आधार पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही दाखिल-खारिज के मामलों में पैरवी न होने वाले मामलों की डिटेल सभी तहसीलों से लेने के भी निर्देश दिए।

कुमाऊं कमिश्नर के पैरों में गिरकर बुजुर्ग महिला ने लगाई न्याय की गुहार
रुद्रपुर। तहसील का निरीक्षण करने के दौरान किच्छा निवासी तैतरी यादव ने कुमाऊं कमिश्नर रावत के पैरों में गिरकर न्याय की गुहार लगाई। तैतरी यादव ने बताया कि कोरोना काल में किच्छा स्थित धौरा डैम में उसकी तीन एकड़ भूमि को कब्जा लिया है। रुद्रपुर तहसील में वह दसियों पर बार चक्कर लगा चुकी है। लेकिन मामले को लटकाया जा रहा है। इस पर कुमाऊं कमिश्नर ने उन्हें आश्वासन देते हुए मामले की जल्द सुनवाई करने का भरोसा दिलाया है।
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