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216 खसरों के दस्तावेजों की गहनता से हो रही जांच
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
Updated Mon, 14 May 2018 12:07 AM IST
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प्रतीकात्मक
- फोटो : अमर उजाला
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भूमि मुआवजा घोटाले के बाद से ही एनएचएआई मुआवजा भुगतान में फूंक-फूंककर कदम रख रहा है। एनएचएआई ने 29 गांवों के 216 खसरों के अवार्ड (प्रतिकर निर्धारण) का भुगतान करने से पहले वापस लौटा दिया है। इसके बाद पहले संबंधित तहसील से उक्त खसरों से रिपोर्ट तलब करने के साथ ही जांच कमेटी रिपोर्ट का परीक्षण कर रही है। इस पूरी कवायद के बाद रिपोर्ट एनएचएआई को भेजी जाएगी।
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एनएच चौड़ीकरण के लिए रुद्रपुर, काशीपुर, बाजपुर, किच्छा, गदरपुर और सितारगंज तहसील में अधिग्रहीत किए गए 216 खसरों के अवार्ड एसएलओ दफ्तर से एनएचएआई को भुगतान के लिए भेजे गए थे। लेकिन, एनएचएआई ने अवार्ड के भुगतान से पहले उनके दस्तावेजों की जांच की बात कहकर वापस लौटा दिया। इन खसरों में यह देखा जाना है कि यह अकृषि है या नहीं, सरकारी जमीन तो नहीं या फिर ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के निर्धारण में गड़बड़ी तो नहीं है।
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इसके बाद एसएलओ दफ्तर ने संबंधित तहसीलों से खसरों के संबंध में रिपोर्ट तलब की है। तहसीलों की रिपोर्ट मिलने के बाद उसका परीक्षण जांच कमेटी करेगी। रुद्रपुर और गदरपुर तहसील के 65 खसरों की रिपोर्ट मिल चुकी है। एसएलओ उत्तम सिंह चौहान ने बताया कि तहसीलों से मिली रिपोर्ट का एसएलओ, संबंधित एसडीएम, एनएचएआई के प्रतिनिधि, एसआईटी के इंस्पेक्टर की कमेटी परीक्षण करेगी। इसके बाद कमेटी रिपोर्ट को एनएचएआई को भेजेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर उक्त खसरों का प्रतिकर भुगतान एनएचएआई करेगा।
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