{"_id":"57e403904f1c1bff44a84c86","slug":"information-on-dengue-patient-s-death-stirred","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेंगू से मरीज की मौत की सूचना पर हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेंगू से मरीज की मौत की सूचना पर हड़कंप
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर
Updated Thu, 22 Sep 2016 09:45 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला अस्पताल में गुरुवार देर शाम एक मरीज की डेंगू से मौत होने की सूचना पर हड़कंप मच गया। परिजनों का कहना था कि अस्पताल लाने के बाद डाक्टरों ने जांच में डेंगू की पुष्टि की थी। लेकिन अस्पताल प्रशासन की मानें तो मरीज लंबे समय से बीमार चल रहा था, उसमें डेंगू की पुष्टि नहीं हुई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
शिमला पिस्तौर निवासी 50 वर्षीय ओमप्रकाश कुछ समय से बुखार आदि से पीड़ित चल रहा था। गुरुवार शाम ओमप्रकाश की हालत बिगड़ने पर पड़ोसी सुरेंद्र कुमार उसके परिजनों संग उसे लेकर अस्पताल पहुंचा। सुरेंद्र के अनुसार अस्पताल पहुंचने पर डाक्टरों ने ओमप्रकाश की जांच की और उसे डेंगू होने की बात कही। इसी दौरान ओमप्रकाश की मौत हो गई।
डाक्टरों ने डेथ मेमो बनाकर पुलिस को सौंप दिया। इसके आधार पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक टीसी पंत का कहना है कि मरीज की जांच की गई थी लेकिन उसमें डेंगू के कोई लक्षण नहीं थे। इसलिए उसकी मौत के बाद डेथ मेमो बनाया गया। पंत के अनुसार यदि मरीज की मौत डेंगू से हुई होती तो उसको पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा जाता।
विज्ञापन
विज्ञापन
शिमला पिस्तौर निवासी 50 वर्षीय ओमप्रकाश कुछ समय से बुखार आदि से पीड़ित चल रहा था। गुरुवार शाम ओमप्रकाश की हालत बिगड़ने पर पड़ोसी सुरेंद्र कुमार उसके परिजनों संग उसे लेकर अस्पताल पहुंचा। सुरेंद्र के अनुसार अस्पताल पहुंचने पर डाक्टरों ने ओमप्रकाश की जांच की और उसे डेंगू होने की बात कही। इसी दौरान ओमप्रकाश की मौत हो गई।
विज्ञापन
डाक्टरों ने डेथ मेमो बनाकर पुलिस को सौंप दिया। इसके आधार पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक टीसी पंत का कहना है कि मरीज की जांच की गई थी लेकिन उसमें डेंगू के कोई लक्षण नहीं थे। इसलिए उसकी मौत के बाद डेथ मेमो बनाया गया। पंत के अनुसार यदि मरीज की मौत डेंगू से हुई होती तो उसको पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा जाता।
विज्ञापन