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Udham Singh Nagar News: बढ़ते तापमान से गेहूं में आ सकती है बांझपन की समस्या
Sun, 26 Feb 2023 10:10 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 26 Feb 2023 10:10 PM IST
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- कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए जारी की एडवाइजरी
संवाद न्यूज एजेंसी
पंतनगर। जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार लगातार बढ़ते तापमान का विपरीत प्रभाव रबी की फसलों पर पड़ने की आशंका है। विवि के निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने कहा है कि बढ़ते तापमान से पुष्पन अवस्था में पहुंच रही गेहूं की फसल में बांझपन की समस्या आ सकती है। इसके कारण जौ, सरसों, चना और फलों का उत्पादन भी प्रभावित हो सकता है।
गेहूं में 300 सेंटीग्रेड से अधिक तापमान होने पर इनमें जबरन परिपक्वता, खाली एवं सिकुड़ा दाना व छोटी बाली, बांझपन, कम उपज सहित सरसों में कम पैदावार, चने में अविकसित बीज जैसी समस्याएं आ सकती हैं। इसके अलावा सब्जियों, विशेषकर लहसुन, गोभी, टमाटर आदि को भी नमी की कमी से नुकसान हो सकता है। उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि किसान बिना घबराए समय-समय पर इस संबंध में सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करें।
-- -- किसानों को सलाह -- --
- गेहूं को तापमान के नकारात्मक प्रभाव से बचाने के लिए खेत की हल्की सिंचाई करें और नमी बरकरार रखें। इस दौरान जल भराव की स्थिति से बचें, क्योंकि इससे तेज हवा की स्थिति में फसल गिर सकती है।
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-बढ़ते तापमान से गेहूं को बचाने के लिए खेत में पोटेशियम क्लोराइड के घोल का छिड़काव करें। इससे अचानक तापमान में वृद्धि होने की स्थिति में गेहूं की फसल को होने वाली क्षति से बचाया जा सकता है।
-तेज हवा की स्थिति में कीटनाशकों का प्रयोग न करें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंतनगर। जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार लगातार बढ़ते तापमान का विपरीत प्रभाव रबी की फसलों पर पड़ने की आशंका है। विवि के निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने कहा है कि बढ़ते तापमान से पुष्पन अवस्था में पहुंच रही गेहूं की फसल में बांझपन की समस्या आ सकती है। इसके कारण जौ, सरसों, चना और फलों का उत्पादन भी प्रभावित हो सकता है।
गेहूं में 300 सेंटीग्रेड से अधिक तापमान होने पर इनमें जबरन परिपक्वता, खाली एवं सिकुड़ा दाना व छोटी बाली, बांझपन, कम उपज सहित सरसों में कम पैदावार, चने में अविकसित बीज जैसी समस्याएं आ सकती हैं। इसके अलावा सब्जियों, विशेषकर लहसुन, गोभी, टमाटर आदि को भी नमी की कमी से नुकसान हो सकता है। उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि किसान बिना घबराए समय-समय पर इस संबंध में सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करें।
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- गेहूं को तापमान के नकारात्मक प्रभाव से बचाने के लिए खेत की हल्की सिंचाई करें और नमी बरकरार रखें। इस दौरान जल भराव की स्थिति से बचें, क्योंकि इससे तेज हवा की स्थिति में फसल गिर सकती है।
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-बढ़ते तापमान से गेहूं को बचाने के लिए खेत में पोटेशियम क्लोराइड के घोल का छिड़काव करें। इससे अचानक तापमान में वृद्धि होने की स्थिति में गेहूं की फसल को होने वाली क्षति से बचाया जा सकता है।
-तेज हवा की स्थिति में कीटनाशकों का प्रयोग न करें।