कृषि से ही सुधरेगी देश की अर्थ व्यवस्था : प्रणब
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राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि देश की अर्थ व्यवस्था कृषि से ही सुधर सकती है, इसलिए पंत विवि के शोधार्थी देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अपना योगदान दें। राष्ट्रपति ने पंत विश्वविद्यालय को हरित क्रांति के तकनीकी क्षेत्र में जननी बताया। उन्होंने कृषि विश्वविद्यालयों को देश की कृषि के विकास में बदलाव का केंद्र बिंदु बनने का आह्वान किया। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी मंगलवार को पंतनगर विवि के 29वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने 1208 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की।
राष्ट्रपति मुखर्जी ने पंतनगर विवि के कृषि शोध और तकनीकी विकास में वृहद योगदान का जिक्र करते हुए उन्होंने यहां के गुणवत्तायुक्त बीजों और उत्तम स्नातकों के साथ विवि के प्रदर्शन को उत्कृष्ट बताया। उन्होंने निवेशों के अधिक उपयोग को रोके जाने को कहा, जिससे पर्यावरण बदलाव और जैव विविधता का हास रोका जा सके।
साथ ही उर्वरकों का असंतुलित उपयोग, पानी का जरूरत से ज्यादा प्रयोग और फसल अवशेषों को जलाये जाने जैसे मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कम से कम निवेशों के उपयोग से अधिक से अधिक उत्पादन और फसल अवशेष प्रबंधन अपनाने के लिए कहा। प्रणब मुखर्जी ने खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ भारत में पोषण सुरक्षा की बदहाल स्थिति की ओर ध्यान देते हुए भूले जा चुके पोषणयुक्त मोटे अनाजों पर अधिक शोध कर इनका उत्पादन बढ़ाने और दूसरी पोषक फसलें तैयार करने पर बल दिया।
प्रशासनिक भवन स्थित दीक्षांत प्रांगण में आयोजित इस समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल डा. कृष्ण कांत पॉल ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ-साथ कृषि मंत्री, डा. हरक सिंह रावत और मुख्य सचिव, शत्रुघ्न सिंह विशेष अतिथि के रूप में मंचासीन थे।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलाधिपति डा केके पॉल ने उपाधि प्राप्तकर्ताओं को बधाई देते हुए पंतनगर विवि को देश में हरित क्रांति का अग्रदूत बताया। उन्होंने कृषि को प्राथमिकता देते हुए इसे लाभकारी व्यवसाय के रूप में बदलने की आवश्यकता बतायी।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से चुनौतियों को स्वीकार करते हुए अपने देश, समाज की सेवा में अनुपम योगदान देने की आशा जताई। सीएम रावत ने सकल घरेलू उत्पाद में कृषि के योगदान को बढ़ाने, कृषि को पर्यावरण हितैषी बनाकर जलवायु परिवर्तन की गति कम करने, मृदा में कार्बन की मात्रा 2.5 प्रतिशत तक ले जाने और उत्तराखंड की जैव विविधता को किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए प्रयोग करने की बात कही। कुलपति डा. मंगला राय ने पंतनगर विवि को देश को खाद्य सुरक्षा प्राप्त करने का गवाह बताया।
दीक्षांत समारोह में 1208 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई साथ ही 44 विद्यार्थियों को विभिन्न पदक प्रदान किये गये, जिनमें 15 विद्यार्थियों को कुलपति स्वर्ण पदक, 15 विद्यार्थियों को कुलपति रजत पदक और 13 विद्यार्थियों को कुलपति कांस्य पदक प्रदान किए गए। सर्वोत्तम विद्यार्थी को दिया जाने वाला कुलाधिपति स्वर्ण पदक कृषि वानिकी के स्नातक कृष्ण मुरारी को दिया गया।
इनके अतिरिक्त 6 विद्यार्थियों को विभिन्न अवार्ड प्रदान किये गये, जिनमें एक विद्यार्थी को डा. राम शिरोमणि तिवारी अवार्ड, दो विद्यार्थियों को चौधरी चरण सिंह स्मृति बुद्धिजीवी अवार्ड, एक विद्यार्थी को सरस्वती पांडा स्वर्ण पदक अवार्ड, एक विद्यार्थी को नागम्मा शांताबाई अवार्ड और एक विद्यार्थी को पूरन आनंद अदलखा स्वर्ण पदक अवार्ड शामिल है। बाद में तराई भवन में राष्ट्रपति, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री ने रुद्राक्ष का पौधा रोपा।
इस अवसर पर विवि की प्रबंध परिषद एवं विद्धत परिषद के सदस्यों के साथ-साथ सांसद भगत सिंह कोश्यारी, विधायक, राजेश शुक्ला, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता प्रेमलता सिंह, शिल्पी अरोड़ा, केएलए इंडिया के एमडी अरुण अग्रवाल आदि मौजूद थे।