Uttarakhand: अंतरराष्ट्रीय समझौते से प्रबंधन के क्षेत्र में उड़ान भर रहा IIM काशीपुर, जानिए पूरी डिटेल्स
प्रबंधन के क्षेत्र में आईआईएम काशीपुर ने कई अंतरराष्ट्रीय बिजनेस स्कूलों के साथ अनुबंध किए हैं, जिससे संस्थान को गति मिल रही है। हाल ही में आईआईएम काशीपुर ने रबात बिजनेस स्कूल (आरबीएस) मोरक्को के साथ एक समझौता किया है।
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प्रबंधन के क्षेत्र में आईआईएम काशीपुर ने कई अंतरराष्ट्रीय बिजनेस स्कूलों के साथ अनुबंध किए हैं, जिससे संस्थान को गति मिल रही है। हाल ही में आईआईएम काशीपुर ने रबात बिजनेस स्कूल (आरबीएस) मोरक्को के साथ एक समझौता किया है। इसके तहत दोनों संस्थानों में स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी स्टूडेंट के लिए ग्रीष्मकालीन प्रोग्राम चलाए जाएंगे और शोध के क्षेत्र विद्यार्थी आरबीएस में जाकर सहयोग ले सकेंगे।
भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) काशीपुर ने अब तक कई अंतरराष्ट्रीय एमओयू किए हैं। इसी क्रम में ग्रीस के एएलबीए ग्रेजुएट बिजनेस स्कूल के साथ एक से 13 अप्रैल 2024 तक शॉर्ट टर्म एक्सचेंज प्रोग्राम आयोजित किया गया था। इस प्रोग्राम के तहत आईआईएम काशीपुर से 36 छात्रों ने एएलबीए के शॉर्ट टर्म एक्सचेंज प्रोग्राम में भाग लिया था। प्रोग्राम के दौरान छात्रों ने विभिन्न प्रबंधन कौशल सीखे और कंपनियों का अनुभव प्राप्त करने के लिए कंपनियों का दौरा किया।
एमओयू किए गए अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में सिराकस यूनिवर्सिटी यूएसए, यूनिवर्सिटी ऑफ सैलफोर्ड मैनचेस्टर, एसडेस स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट फ्रांस, टुसीबा यूनिवर्सिटी लातविया, यूनिवर्सिटी ऑफ लीमा पेरू, कॉलर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट इस्राइल, सोलब्रिज स्कूल ऑफ बिजनेस दक्षिण कोरिया, लिनीयस यूनिवर्सिटी स्वीडन, सूचो विश्वविद्यालय ताइवान शामिल हैं। इसके अलावा स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत सितंबर में विदेशी संस्थानों का दौरा करने के लिए छात्र जाएंगे। आरबीएस एएसीएसबी (एसोसिएशन टू एडवांस कॉलेजिएट स्कूल आफ बिजनेस) से मान्यता प्राप्त है और एफटी मास्टर्स इन मैनेजमेंट रैंकिंग 2023 में 54वें स्थान पर है। इसी प्रकार संस्थान ने कई अन्य महत्वपूर्ण एमओयू साइन किए हैं।
कौशल बढ़ाने में विद्यार्थियों को मिलती है मदद
अंतरराष्ट्रीय कॉलेजों में विद्यार्थियों को अपने कौशल को बढ़ाने में मदद मिलती है। इसके अलावा स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी छात्रों को एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में जाकर वहां की कार्य करने की शैली सीखने का मौका मिलता है। साथ ही अपने शोध के क्षेत्र में अधिक अनुभव प्राप्त होता है। अनुबंध के तहत विद्यार्थी अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में डबल डिप्लोमा या संयुक्त डिप्लोमा भी कर सकते हैं। साथ ही अलग-अलग संस्थानों के प्रोफेसरों के साथ शैक्षणिक अनुभव लेने का मौका मिलता है।