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Udham Singh Nagar News: तीन साल बाद भी आईसीयू में नहीं हुई फिजिशियन की तैनाती

Mon, 27 Mar 2023 12:46 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर Updated Mon, 27 Mar 2023 12:46 AM IST
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ICU Without Doctor
काशीपुर। एलडी भट्ट राजकीय उप चिकित्सालय परिसर में कोरोना काल के दौरान लाखों खर्च करके चार बेड का आईसीयू वार्ड बनाया गया था लेकिन आज तक इसका उपयोग फिजिशियन की कमी के चलते नहीं हो सका।
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एलडी भट्ट राजकीय उप चिकित्सालय परिसर में बने आईसीयू वार्ड का 16 नवंबर 2020 को तत्कालीन स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ.अमिता उप्रेती ने शुभारंभ किया था। सूत्रों के अनुसार आईसीयू वार्ड के ताले कभी-कभी साफ-सफाई के लिए अवश्य खुलते हैं लेकिन रोगियों के लिए नहीं खुलता है आईसीयू संचालन के लिए जरूरी तकनीकी स्टाॅफ भी यहां नहीं हैं।
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मॉक ड्रिल में हुआ था प्रयोग
काशीपुर। सरकारी अस्पताल में बना आईसीयू वार्ड भले ही मरीजों के लिए नहीं खुला हो लेकिन कोरोना काल के दौरान समय-समय पर हुई मॉक ड्रिल के दौरान अवश्य खोला गया।
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इनसेट.......
अस्पताल में चार बेड का आईसीयू वार्ड है, लेकिन हमारे पास फिजिशियन डॉक्टर नहीं है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को समय-समय पर जानकारी दी जाती है।
-डॉ. खेमपाल, प्रभारी सीएमएस, काशीपुर।
25 केएसपी 10 पी...काशीपुर के सरकारी अस्पताल में बंद पड़ा आईसीयू वार्ड। संवाद
बगैर सुविधाओं से लैस वार्ड बना दिया
चार बेड के बर्न वार्ड में नेट कवर नहीं, एसी पड़े हैं खराब, 40 फीसदी से अधिक झुलसे लोगों को किया जाता है रेफरसंवाद न्यूज एजेंसी
काशीपुर। एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय में झुलसे व्यक्तियों के लिए बर्न वार्ड तो बनाया गया है, लेकिन डॉक्टर नहीं होने के कारण लोगों को रेफर करना पड़ता है। स्थिति यह है कि अस्पताल में 40 फीसदी से अधिक झुलसे लोगों को अस्पताल में भर्ती नहीं किया जाता है। ऐसे लोगों को सुशीला तिवारी हॉस्पिटल हल्द्वानी या राम मनोहर लोहिया अस्पताल दिल्ली भेजा जाता है। इस स्थिति में अंदाजा लगाया जा सकता है कि गंभीर रूप से झुलसे व्यक्ति के इलाज में तीमारदारों को कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ता होगा।सरकारी अस्पताल में 25 जून 2010 को चार बेड वाला बर्न वार्ड बनाया गया था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग 13 साल में बर्न वार्ड में आवश्यक सुविधाएं मुहैया नहीं करा सका। वार्ड में एसी तो लगा है लेकिन कब चलता है और कब बंद हो जाता है पता नहीं रहता है। वहीं झुलसे व्यक्तियों को लिए नेट कवर तक उपलब्ध नहीं हो पाता है।
औद्योगिक क्षेत्र होने के बाद भी विभाग गंभीर नहीं
काशीपुर। औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग सरकारी अस्पताल के बर्न वार्ड में इलाज संबंधी सुविधा मुहैया कराने में गंभीर नहीं है। जबकि इस क्षेत्र में आए दिन कोई न कोई श्रमिक हादसों में झुलस जाता है। वहीं समय-समय पर अग्निकांड होते रहते हैं। ऐसे में गंभीर रूप से झुलसे लोगों को इलाज कराने के लिए निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है।

कोट......बर्न वार्ड की व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने का प्रयास किया जा रहा है। 40 फीसदी से अधिक जले व्यक्ति को इसलिए रेफर किया जाता है क्योंकि झुलसे व्यक्ति की कितनी नसें डैमेज हुई और कितना दिमाग पर असर पड़ा है उसकी जांच हायर सेंटर में ही संभव है। इसलिए रेफर करना पड़ता है।- डॉ. खेमपाल, प्रभारी सीएमएस काशीपुर।
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