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हिंदी ज्ञान और शोध की सशक्त भाषा : निदेशक
Tue, 01 Sep 2026 11:19 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Tue, 01 Sep 2026 11:19 PM IST
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आईआईएम आयोजित हिंदी माह में आईआईएम के निदेशक व अन्य
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काशीपुर। आईआईएम काशीपुर में मंगलवार को हिंदी माह का शुभारंभ हुआ। पूरे महीने चलने वाले कार्यक्रमों की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम के दौरान पुस्तकालय में हिंदी पुस्तक प्रदर्शनी लगाई गई। संस्थान की वेबसाइट में हिंदी विभाग के नए वेबपेज का लोकार्पण भी किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ निदेशक प्रो. नीरज द्विवेदी, डीन प्रो. केएन बधानी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी सेवानिवृत्त कर्नल अजय कुमार उपाध्याय और पुस्तकालय प्रमुख डॉ. मोहम्मद आसिफ खान ने किया। निदेशक प्रो. द्विवेदी ने कहा कि हिंदी को बढ़ावा देने का मतलब अन्य भाषाओं का सम्मान कम करना नहीं है। हिंदी को ज्ञान, शोध और संवाद की भाषा के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने छात्रों और फैकल्टी से हिंदी माह की गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया। कर्नल उपाध्याय ने हिंदी में सोचने और लिखने की आदत विकसित करने पर जोर दिया। प्रो. बधानी ने भारतेंदु हरिश्चंद्र के योगदान को याद किया।
पुस्तकालय प्रमुख डॉ. खान ने हिंदी को अतीत की विरासत के साथ-साथ शोध और अध्ययन करने की बात कही। हिंदी माह के अंतर्गत निबंध लेखन, कविता लेखन, सामान्य ज्ञान और आशु भाषण जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिसमें आशु भाषण प्रतियोगिता में स्थानीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को भी भागीदारी का अवसर मिलेगा।
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कार्यक्रम का शुभारंभ निदेशक प्रो. नीरज द्विवेदी, डीन प्रो. केएन बधानी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी सेवानिवृत्त कर्नल अजय कुमार उपाध्याय और पुस्तकालय प्रमुख डॉ. मोहम्मद आसिफ खान ने किया। निदेशक प्रो. द्विवेदी ने कहा कि हिंदी को बढ़ावा देने का मतलब अन्य भाषाओं का सम्मान कम करना नहीं है। हिंदी को ज्ञान, शोध और संवाद की भाषा के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने छात्रों और फैकल्टी से हिंदी माह की गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया। कर्नल उपाध्याय ने हिंदी में सोचने और लिखने की आदत विकसित करने पर जोर दिया। प्रो. बधानी ने भारतेंदु हरिश्चंद्र के योगदान को याद किया।
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पुस्तकालय प्रमुख डॉ. खान ने हिंदी को अतीत की विरासत के साथ-साथ शोध और अध्ययन करने की बात कही। हिंदी माह के अंतर्गत निबंध लेखन, कविता लेखन, सामान्य ज्ञान और आशु भाषण जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिसमें आशु भाषण प्रतियोगिता में स्थानीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को भी भागीदारी का अवसर मिलेगा।
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