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Udham Singh Nagar News: सितारगंज में बाढ़ जैसे हालात, 40 ग्रामीणों का किया रेस्क्यू
Tue, 01 Sep 2026 11:07 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Tue, 01 Sep 2026 11:07 PM IST
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सितारगंज। पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के चलते मैदानी क्षेत्रों में नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। बैगुल डैम के पीछे बसे ग्राम नकाहा, नयागांव में जलभराव के कारण मंगलवार को बाढ़ जैसे हालात बन गए। राहत-बचाव की टीम ने 40 ग्रामीणों को नाव के माध्यम से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
भारी बारिश के कारण कई घर चारों ओर से पानी से घिर गए। सात परिवारों के सामने सुरक्षित बाहर निकलने का संकट खड़ा हो गया। घरों के आसपास तीन से चार फीट तक पानी भरने से लोग दहशत में आने लगे थे। क्षेत्रवासियों की सूचना के बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ की टीम ने राहन-बचाव अभियान चलाया और इन घरों में रहने वालों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। रेस्क्यू के बाद अधिकांश प्रभावित ग्रामीण आसपास रहने वाले अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए। कुछ लोगों के लिए प्रशासन ने व्यवस्था की। तहसीलदार हिमांशु जोशी ने बताया कि आपदा प्रभावित शिवपद राय तथा उनके पुत्र अजय राय और संजय राय के परिवार के कुल 15 सदस्यों को एक्वा पार्क फेज-2 में अस्थायी रूप से ठहराया गया है।
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इन ग्रामीणों को किया रेस्क्यू
राहत बचाव टीम ने कुलदीप सिंह, संदीप कौर, हरप्रीत, लवजीत, गुरदेव सिंह, सिमरन कौर, किरण, अवन, अमरीत, मनजीत, हुम्मन सिंह, जोगिंदर सिंह, बलवंत कौर और सुमित्रा कौर समेत कई परिवारों को रेस्क्यू किया है। इसके अलावा करीब 12 अन्य ग्रामीणों और बच्चों को भी सुरक्षित बाहर निकाला गया।
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बौर जलाशय में 2700 क्यूसेक पानी की निकासी
गूलरभोज। लगातार हो रही बारिश से बौर जलाशय में जलस्तर बढ़ कर 790.00 फीट दर्ज किया गया है। यह वार्निंग लेवल से 792.00 फीट निर्धारित है। सिंचाई विभाग के अनुसार जलाशय में बौर नदी से 750 क्यूसेक और भाखड़ा नदी से 1950 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। कुल 2700 क्यूसेक पानी जलाशय में पहुंच रहा है। इसके सापेक्ष वर्तमान में 2700 क्यूसेक पानी बौर नदी में छोड़ा जा रहा है। ईई बीएस डांगी ने बताया कि जलाशय के जलस्तर और पानी की आवक पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जैसे-जैसे पानी की आवक बढ़ेगी जरूरत के अनुसार पानी की निकासी की जाएगी। उन्होंने बताया कि पिछले साल एक सितंबर को बौर जलाशय का जलस्तर 789.70 फीट था। इस वर्ष पिछली बार की तुलना में 0.70 फीट कम है।
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भारी बारिश के कारण कई घर चारों ओर से पानी से घिर गए। सात परिवारों के सामने सुरक्षित बाहर निकलने का संकट खड़ा हो गया। घरों के आसपास तीन से चार फीट तक पानी भरने से लोग दहशत में आने लगे थे। क्षेत्रवासियों की सूचना के बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ की टीम ने राहन-बचाव अभियान चलाया और इन घरों में रहने वालों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। रेस्क्यू के बाद अधिकांश प्रभावित ग्रामीण आसपास रहने वाले अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए। कुछ लोगों के लिए प्रशासन ने व्यवस्था की। तहसीलदार हिमांशु जोशी ने बताया कि आपदा प्रभावित शिवपद राय तथा उनके पुत्र अजय राय और संजय राय के परिवार के कुल 15 सदस्यों को एक्वा पार्क फेज-2 में अस्थायी रूप से ठहराया गया है।
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इन ग्रामीणों को किया रेस्क्यू
राहत बचाव टीम ने कुलदीप सिंह, संदीप कौर, हरप्रीत, लवजीत, गुरदेव सिंह, सिमरन कौर, किरण, अवन, अमरीत, मनजीत, हुम्मन सिंह, जोगिंदर सिंह, बलवंत कौर और सुमित्रा कौर समेत कई परिवारों को रेस्क्यू किया है। इसके अलावा करीब 12 अन्य ग्रामीणों और बच्चों को भी सुरक्षित बाहर निकाला गया।
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बौर जलाशय में 2700 क्यूसेक पानी की निकासी
गूलरभोज। लगातार हो रही बारिश से बौर जलाशय में जलस्तर बढ़ कर 790.00 फीट दर्ज किया गया है। यह वार्निंग लेवल से 792.00 फीट निर्धारित है। सिंचाई विभाग के अनुसार जलाशय में बौर नदी से 750 क्यूसेक और भाखड़ा नदी से 1950 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। कुल 2700 क्यूसेक पानी जलाशय में पहुंच रहा है। इसके सापेक्ष वर्तमान में 2700 क्यूसेक पानी बौर नदी में छोड़ा जा रहा है। ईई बीएस डांगी ने बताया कि जलाशय के जलस्तर और पानी की आवक पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जैसे-जैसे पानी की आवक बढ़ेगी जरूरत के अनुसार पानी की निकासी की जाएगी। उन्होंने बताया कि पिछले साल एक सितंबर को बौर जलाशय का जलस्तर 789.70 फीट था। इस वर्ष पिछली बार की तुलना में 0.70 फीट कम है।