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Udham Singh Nagar News: स्वास्थ्य विभाग की मुखबिर योजना फ्लॉप
Sun, 23 Nov 2025 12:05 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 23 Nov 2025 12:05 AM IST
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रुद्रपुर। प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग की मुखबिर योजना फ्लॉप हो गई है। इस योजना के तहत एक भी मुखबिर ने सूचना नहीं दी है। जिससे भ्रूण हत्या और लिंग परीक्षण जैसे मामलों पर रोक लगाई जा सके। योजना के तहत मुखबिरों को 50,000 से 1,50,000 रुपये तक का इनाम देने का प्रावधान है लेकिन अभी तक जिले में कोई भी मुखबिर सामने नहीं आया है। इसके पीछे स्वास्थ्य विभाग की ओर से योजना के प्रचार- प्रसार और जागरूकता कार्यक्रमों की कमी मानी जा रही है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत अल्ट्रासाउंड केंद्रों और नर्सिंग होम में लिंग परीक्षण और अवैध गर्भपात के मामलों को रोकने की मंशा से मुखबिर योजना की शुरुआत की गई थी। योजना के तहत मुखबिरों को इनाम दिया जाता है जो भ्रूण हत्या और लिंग परीक्षण की सूचना देते हैं । मुखबिर को सूचना सत्य पाए जाने पर 50 हजार का इनाम दिया जाता है। गर्भवती महिला को कुल डेढ़ लाख की धनराशि दी जाती है। पहली किस्त डिकाॅय आपरेशन के बाद और दूसरी पूरी रकम न्यायालय में बयान देने के बाद दी जाती है।
योजना को लेकर विभाग की लापरवाही तो नहीं
मुखबिर योजना के फ्लॉप होने के कई कारण हैं। जिनमें योजना के बारे में आम जनता की अनभिज्ञता। इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार और जागरूकता कार्यक्रमों का नहीं होना है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे मुखबिरों की तलाश में हैं लेकिन अभी तक कोई भी मुखबिर सामने नहीं आया है।
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एक साल में महज एक मामला ही ढूंढ पाया स्वास्थ्य विभाग
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार मार्च 2025 में महज एक आरोपी को ही ढूंढ पाए हैंं। जो जसपुर में अवैध रूप से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन के जरिए लिंग परीक्षण करते पाया गया था। आरोपी के विरुद्ध मौके पर ही विभागीय अधिकारियों ने मुकदमा दर्ज करा दिया था। इसके बाद से पूरे जिले में एक भी आरोपी की धरपकड़ नहीं हुई है।
वर्जन
इस योजना के बारे में लोगों को अधिक जानकारी नहीं है हालांकि इसके लिए जिले के सभी सरकारी अस्पताल और संस्थाओं में पोस्टर भी लगाए गए हैंं। लोेगों को जागरूकता कार्यक्रमाें के जरिए निरंतर सचेत भी किया जा रहा है। जल्द ही इसको लेकर योजनाबद्ध तरीके से अभियान चलाया जाएगा। - डा. केके अग्रवाल, सीएमओ
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत अल्ट्रासाउंड केंद्रों और नर्सिंग होम में लिंग परीक्षण और अवैध गर्भपात के मामलों को रोकने की मंशा से मुखबिर योजना की शुरुआत की गई थी। योजना के तहत मुखबिरों को इनाम दिया जाता है जो भ्रूण हत्या और लिंग परीक्षण की सूचना देते हैं । मुखबिर को सूचना सत्य पाए जाने पर 50 हजार का इनाम दिया जाता है। गर्भवती महिला को कुल डेढ़ लाख की धनराशि दी जाती है। पहली किस्त डिकाॅय आपरेशन के बाद और दूसरी पूरी रकम न्यायालय में बयान देने के बाद दी जाती है।
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योजना को लेकर विभाग की लापरवाही तो नहीं
मुखबिर योजना के फ्लॉप होने के कई कारण हैं। जिनमें योजना के बारे में आम जनता की अनभिज्ञता। इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार और जागरूकता कार्यक्रमों का नहीं होना है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे मुखबिरों की तलाश में हैं लेकिन अभी तक कोई भी मुखबिर सामने नहीं आया है।
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एक साल में महज एक मामला ही ढूंढ पाया स्वास्थ्य विभाग
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार मार्च 2025 में महज एक आरोपी को ही ढूंढ पाए हैंं। जो जसपुर में अवैध रूप से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन के जरिए लिंग परीक्षण करते पाया गया था। आरोपी के विरुद्ध मौके पर ही विभागीय अधिकारियों ने मुकदमा दर्ज करा दिया था। इसके बाद से पूरे जिले में एक भी आरोपी की धरपकड़ नहीं हुई है।
वर्जन
इस योजना के बारे में लोगों को अधिक जानकारी नहीं है हालांकि इसके लिए जिले के सभी सरकारी अस्पताल और संस्थाओं में पोस्टर भी लगाए गए हैंं। लोेगों को जागरूकता कार्यक्रमाें के जरिए निरंतर सचेत भी किया जा रहा है। जल्द ही इसको लेकर योजनाबद्ध तरीके से अभियान चलाया जाएगा। - डा. केके अग्रवाल, सीएमओ