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हरदा और पाल को प्रत्याशी बनाने पर अधिक जोर

Wed, 06 Mar 2019 12:40 AM IST
yashwant yashwant अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: yashwant yashwant Updated Wed, 06 Mar 2019 12:40 AM IST
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Harda and Pal get more emphasis on candidates
रुद्रपुर कांग्रेस कार्यालय में कार्यकर्ताओं से रायसुमारी करते पर्यवेक्षक दिनेश अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला
नैनीताल लोकसभा सीट के लिए कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोलने पहुंचे कांग्रेस के पर्यवेक्षक और पूर्व मंत्री दिनेश अग्रवाल को कई  सुझाव मिले। बताया जा रहा है कि सबसे ज्यादा पूर्व सीएम हरीश रावत को प्रत्याशी बनाने की पैरवी की गई। समूहों में बंटे नेताओं ने नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हदयेश, पूर्व सांसद डॉ. महेंद्र पाल और पूर्व मंत्री तिलकराज बेहड़ को भी प्रत्याशी बनाने की मांग उठी।
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मंगलवार की सिविल लाइंस स्थित कांग्रेस कार्यालय में पर्यवेक्षक अग्रवाल ने बंद कमरे में विधानसभावार प्रत्याशी को लेकर कार्यकर्ताओं की राय ली। पर्यवेक्षक को कार्यकर्ताओं ने पसंद के प्रत्याशियों के नाम के साथ ही उनका नाम सामने रखने की वजह भी बताई। कुछ नेताओं ने पार्टी में पनप रही गुटबाजी पर भी चिंता जताई। करीब साढ़े तीन घंटे चली रायशुमारी में हरदा और फिर महेंद्र पाल को प्रत्याशी बनाने को लेकर सबसे अधिक सुझाव कार्यकर्ताओं की तरफ से दिए गए। पर्यवेक्षक अग्रवाल ने बताया कि कार्यकर्ताआें के सुझाव लेने के बाद आलाकमान को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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पूर्व विधायक नारायण पाल ने हरीश रावत को प्रत्याशी बनाने और ऐसा नहीं होने पर खुद को टिकट देने की वकालत की। रायशुमारी के बाद पर्यवेक्षक और नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने प्रदेश महामंत्री हिमांशु गाबा के आवास पर बैठक कर संगठन को मजबूत करने पर  चर्चा की। जिलाध्यक्ष जितेंद्र शर्मा, महानगर अध्यक्ष जगदीश तनेजा, युकां जिलाध्यक्ष अभिषेक शुक्ला, ब्लाक प्रमुख दलजीत खुराना, सुभाष बेहड़, नारायण सिंह बिष्ट, सुशील गाबा सहित अन्य मौजूद थे।
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पार्टी प्रत्याशी का विरोध करने वाले कैसे दे सकते हैं राय

रुद्रपुर। पर्यवेक्षक के समक्ष निकाय चुनाव में गुटबाजी का मुद्दा भी उठा। एक बुजुर्ग नेताजी राय देने पहुंचे तो उनके पीछे-पीछे निकाय चुनाव में हार का मुंह देख चुके प्रत्याशी भी आ गए। जैसे ही नेताजी ने राय दी तो हार का मुंह देख चुके प्रत्याशी ने आपत्ति जताई । कहा कि चुनाव में पार्टी प्रत्याशी का विरोध करने वाले कैसे राय दे सकते हैं। पर्यवेक्षक ने राय देने वाले नेताजी से पूछा तो निरुत्तर हो गए। इसके बाद पर्यवेक्षक के कहने पर दोनों कार्यालय से बाहर चले गए।

अपने समर्थकों से घिरे रहे
रुद्रपुर। नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा ह्दयेश कार्यालय परिसर में ही समर्थकों से घिरी थी। दूसरे हिस्से में पूर्व सांसद डॉ. महेंद्र पाल भी समर्थकों के साथ चर्चा में मशगूल थे। हर कोई नेता, कार्यकर्ता प्रत्याशी चयन को लेकर एक दूसरे की थाह ले रहे थे।

 
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