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गजट मिलने से पहले ही बजट की तैयारियां में जुटा नगर निगम
अमर उजाला ब्यूरो, रुद्रपुर
Updated Fri, 28 Jul 2017 12:31 AM IST
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रुद्रपुर घासमंडी चौराहे पर लगा कूढ़े का ढेर।
- फोटो : अमर उजाला
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रुद्रपुर नगर निगम में लड़खड़ाती व्यवस्थाओं के बीच सीमा विस्तार होने से निगम प्रशासन के समक्ष बड़ी चुनौतियां सामने खड़ी हो गई हैं। अभी निगम को इसका गजट नहीं मिला, लेकिन उससे पहले ही निगम प्रशासन बजट की तैयारी में जुट गया है। सबसे बड़ी परेशानी सफाई व्यवस्था की है।
शहर में पहले से ही सफाई कर्मियों का संकट हैं, ऐसे में विस्तार के बाद व्यवस्था पटरी पर लाने के लिए बहुत से पापड़ बेलने पड़ेंगे। वर्तमान में रुद्रपुर नगर निगम के 20 वार्डों में कुल 203 सफाई कर्मचारी ही कार्यरत हैं। इसमें 50 कर्मचारी स्थाई हैं, जबकि 103 कर्मचारी संविदा पर रखे गए हैं। वहीं 50 कर्मचारियों को ठेका प्रथा में रखा गया है।
कुल मिलाकर 203 सफाई कर्मचारियों की तैनाती के बाद भी निगम भी सफाई व्यवस्था ही अभी पटरी पर नहीं आ पाई तो जो रुद्रपुर नगर निगम में 11 गांवों को जोड़ा गया है, वहां भी हालात बहुत अच्छे नहीं हैं।
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निगम सूत्रों की माने तो वर्तमान में रुद्रपुर नगर निगम में 20 वार्ड हैं और अब जिन 11 गांवों को शामिल किया गया है, उसके हिसाब से 20 और वार्डों का गठन होना तय है, ऐसे में तीन गुना कर्मचारियों का टोटा निगम के लिए बहुत बड़ी चुनौती है। बुधवार को कैबिनेट में नगर निगम के सीमा विस्तार पर मुहर लगते ही अब निगम के अधिकारी बजट बनाने की तैयारियों में जुट गए हैं।
वर्तमान में संसाधनों का है भारी अभाव
रुद्रपुर। वर्ष 2012 में नगर निगम की स्थापना के बाद से ही रुद्रपुर नगर निगम संसाधनों के अभाव से जूझता रहा है। फागिंग के लिए भी निगम के पास अपनी मशीन नहीं है। किराए की मशीन मंगाकर गली-मोहल्लों में फागिंग की जाती है। इसके अलावा शहर में कूड़ा डालने के लिए भी निगम के पास पर्याप्त मात्रा में बड़े कूड़ेदान नहीं है।
अतिक्रमण तोड़ने के लिए भी नगर निगम के पास अपनी जेसीबी मशीन तक नहीं है। छोटी-मोटी कार्रवाई के लिए भी नगर निगम को जेसीबी मशीन भी बाहर से किराए पर लेनी पड़ती है। इस तरह से संसाधनों के अभाव में निगम की वर्तमान व्यवस्था पूरी तरह से लड़खड़ाई हुई है।
सीवरेज की समस्या का समाधान आज तक नहीं हुआ
रुद्रपुर। नगर निगम की स्थापना को चार साल से ज्यादा समय हो चुका है लेकिन अभी तक नगर निगम शहर में सीवेरेज की व्यवस्था को ही नहीं लागू कर पाया है। रुद्रपुुर में जहां तमाम बड़ी-बड़ी पॉश कालोनियां है, लेकिन वहां भी सीवरेज की व्यवस्था नहीं होने से जहां लोगों की परेशानी बढ़ रही है। वहीं निगम भी इस दिशा में कोई स्थाई हल नहीं निकाल पाया।
अतिक्रमण भी है नगर निगम सीमा विस्तार में चुनौती
रुद्रपुर। जिला प्रशासन ने कई बार अभियान चलाया, लेकिन आज तक नगर क्षेत्र को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त नहीं किया जा सका। अब सीमा विस्तार होने पर जिला प्रशासन के समक्ष चुनौति और बढ़ गई है।
शहर के काशीपुर बाइपास से लेकर किच्छा बाइपास तक कई स्थानों पर जिला प्रशासन के साथ किए गए निरीक्षण में भारी अतिक्रमण सामने आया और निशान भी लगाए गए। बावजूद इसके निगम को शहरी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के लिए बहुत बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
नगर निगम के सीमा विस्तार से वास्तव में निगम के समक्ष कई चुनौतियां सामने होंगी। अभी वर्तमान में ही हमारे पास सफाई कर्मचारियों का टोटा बना है। वर्तमान नगर निगम के 20 वार्डों में मांग के अनुसार सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था नहीं होने से कई जगह कूड़ा अभी भी पड़ा है। अब निगम का दायरा बढ़ने से बजट की तैयारी की जा रही है ताकि नए स्वरूप में आ रहे निगम की व्यवस्थाएं ठीक कराई जाए। अभी शासन से गजट आना है, लेकिन बजट की तैयारी की जा रही है ताकि उसे शासन से मंजूर कराया जाए। संसाधनों का अभी अभाव है।
- दीप्ति वैश्य, नगर आयुक्त रुद्रपुर
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शहर में पहले से ही सफाई कर्मियों का संकट हैं, ऐसे में विस्तार के बाद व्यवस्था पटरी पर लाने के लिए बहुत से पापड़ बेलने पड़ेंगे। वर्तमान में रुद्रपुर नगर निगम के 20 वार्डों में कुल 203 सफाई कर्मचारी ही कार्यरत हैं। इसमें 50 कर्मचारी स्थाई हैं, जबकि 103 कर्मचारी संविदा पर रखे गए हैं। वहीं 50 कर्मचारियों को ठेका प्रथा में रखा गया है।
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कुल मिलाकर 203 सफाई कर्मचारियों की तैनाती के बाद भी निगम भी सफाई व्यवस्था ही अभी पटरी पर नहीं आ पाई तो जो रुद्रपुर नगर निगम में 11 गांवों को जोड़ा गया है, वहां भी हालात बहुत अच्छे नहीं हैं।
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निगम सूत्रों की माने तो वर्तमान में रुद्रपुर नगर निगम में 20 वार्ड हैं और अब जिन 11 गांवों को शामिल किया गया है, उसके हिसाब से 20 और वार्डों का गठन होना तय है, ऐसे में तीन गुना कर्मचारियों का टोटा निगम के लिए बहुत बड़ी चुनौती है। बुधवार को कैबिनेट में नगर निगम के सीमा विस्तार पर मुहर लगते ही अब निगम के अधिकारी बजट बनाने की तैयारियों में जुट गए हैं।
वर्तमान में संसाधनों का है भारी अभाव
रुद्रपुर। वर्ष 2012 में नगर निगम की स्थापना के बाद से ही रुद्रपुर नगर निगम संसाधनों के अभाव से जूझता रहा है। फागिंग के लिए भी निगम के पास अपनी मशीन नहीं है। किराए की मशीन मंगाकर गली-मोहल्लों में फागिंग की जाती है। इसके अलावा शहर में कूड़ा डालने के लिए भी निगम के पास पर्याप्त मात्रा में बड़े कूड़ेदान नहीं है।
अतिक्रमण तोड़ने के लिए भी नगर निगम के पास अपनी जेसीबी मशीन तक नहीं है। छोटी-मोटी कार्रवाई के लिए भी नगर निगम को जेसीबी मशीन भी बाहर से किराए पर लेनी पड़ती है। इस तरह से संसाधनों के अभाव में निगम की वर्तमान व्यवस्था पूरी तरह से लड़खड़ाई हुई है।
सीवरेज की समस्या का समाधान आज तक नहीं हुआ
रुद्रपुर। नगर निगम की स्थापना को चार साल से ज्यादा समय हो चुका है लेकिन अभी तक नगर निगम शहर में सीवेरेज की व्यवस्था को ही नहीं लागू कर पाया है। रुद्रपुुर में जहां तमाम बड़ी-बड़ी पॉश कालोनियां है, लेकिन वहां भी सीवरेज की व्यवस्था नहीं होने से जहां लोगों की परेशानी बढ़ रही है। वहीं निगम भी इस दिशा में कोई स्थाई हल नहीं निकाल पाया।
अतिक्रमण भी है नगर निगम सीमा विस्तार में चुनौती
रुद्रपुर। जिला प्रशासन ने कई बार अभियान चलाया, लेकिन आज तक नगर क्षेत्र को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त नहीं किया जा सका। अब सीमा विस्तार होने पर जिला प्रशासन के समक्ष चुनौति और बढ़ गई है।
शहर के काशीपुर बाइपास से लेकर किच्छा बाइपास तक कई स्थानों पर जिला प्रशासन के साथ किए गए निरीक्षण में भारी अतिक्रमण सामने आया और निशान भी लगाए गए। बावजूद इसके निगम को शहरी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के लिए बहुत बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
नगर निगम के सीमा विस्तार से वास्तव में निगम के समक्ष कई चुनौतियां सामने होंगी। अभी वर्तमान में ही हमारे पास सफाई कर्मचारियों का टोटा बना है। वर्तमान नगर निगम के 20 वार्डों में मांग के अनुसार सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था नहीं होने से कई जगह कूड़ा अभी भी पड़ा है। अब निगम का दायरा बढ़ने से बजट की तैयारी की जा रही है ताकि नए स्वरूप में आ रहे निगम की व्यवस्थाएं ठीक कराई जाए। अभी शासन से गजट आना है, लेकिन बजट की तैयारी की जा रही है ताकि उसे शासन से मंजूर कराया जाए। संसाधनों का अभी अभाव है।
- दीप्ति वैश्य, नगर आयुक्त रुद्रपुर