फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Grass and bamboo spark hopes of income... skilled women turn them into unique products.

Udham Singh Nagar News: घास-बांस ने जगाई आमदनी की आस...हुनरमंद महिलाओं ने उत्पाद बना दिए खास

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jul 2026 01:27 AM IST
विज्ञापन
Grass and bamboo spark hopes of income... skilled women turn them into unique products.
रुद्रपुर। वर्तमान समय में नए, अनोखे और अद्वितीय वस्तुओं की मांग अधिक है। परंपरा से हटकर किए गए नवाचार को नई पीढ़ी हाथोंहाथ लेती है। इस कारण रचनात्मक लोगाें के पास भी नए विकल्पों को खोजने का मौका रहता है। ऐसा ही अनूठा प्रयोग रुद्रपुर और पंतनगर की 22 महिलाओं ने किया। घास और बांस से बने उनहें सजावटी उत्पादों को खूब पसंद किया जा रहा है।
विज्ञापन

घास के रेशे और बांस की पतली पट्टियों की मदद से महिलाएं आकर्षक हस्तशिल्प उत्पाद जैसे सोफे, टोकरियां, पेन स्टैंड और बांस से सजावटी सामान तैयार कर रही हैं। उनके बनाए उत्पादों में शॉपिंग बैग, फूलदान, सोफे, टोकरियां, पेन स्टैंड आदि बेहद आकर्षक हैं। महिलाओं का कहना है कि वह पहले से कारीगरी करतीं थीं, लेकिन इस अनूठे हस्तशिल्प में पारंगत होने के लिए उन्होंने प्रशिक्षण लिया। बड़ौदा स्वरोजगार विकास संस्थान की ओर से मिली सीख ने नवाचार का नया रास्ता दिखाया। अब उनकी कला को चर्चा मिलने लगी है। महिलाओं ने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षण का ज्ञान और नए तरीके का हस्तशिल्प उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में मददगार साबित हो रहा है।
विज्ञापन

कोट
स्वरोजगार विकास संस्थान ने आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रशिक्षण दिया। जिसमें घास व बांस की कई सामग्री बनाने सिखाए गए। अब मैं अपना रोजगार कर हर महीने 15 से 20 हजार कमा रहीं हूं। कविता देवी, रुद्रपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोट
पहले मैं घर के कामों में ही उलझी रहती थी। प्रशिक्षण लेने के बाद धीरे-धीरे अपना काम शुरू किया। हमारे बनाए उत्पाद लोगों को पसंद आ रहे हैं। कई महिलाएं भी काम सीखने आने लगी हैं। मोहनी मंडल, पंतनगर।

कोट
संस्थान में प्रशिक्षण के लिए आने वाली महिलाओं में प्रतिभा की कमी नहीं होती है। केवल उन्हें सही दिशा दिखाने की जरूरत पड़ती है। बांस और घास के प्रयोग से सजावटी उत्पाद बनाने की पहल से महिलाएं न सिर्फ हुनरमंद बनीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की ओर भी अपने कदम बढ़ा रही हैं।
आरती चौहान, प्रशिक्षक, बड़ौदा स्वरोजगार विकास संस्थान

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed