फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   GPS maping done br the district administration.

जिले की बाढ़ चौकियों और नदियों की हुई जीपीएस मैपिंग

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 01 Jun 2021 12:07 AM IST
विज्ञापन
GPS maping done br the district administration.
रुद्रपुर। मानसून में संभावित आपदाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी हैं। आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी 29 बाढ़ चौकियों के साथ ही नदियों की जीपीएस मैपिंग कर ली है। इससे आपदा के समय अलर्ट करने के साथ ही प्रभावितों तक जल्द राहत सामग्री पहुंच सकेगी।
विज्ञापन

डीएम ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को लोगों को सचेत करने के लिए नदियों के आसपास चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही नदियों के आसपास रहने वाले लोगों और संबंधित ग्राम प्रधान को जलस्तर बढ़ने पर लाउडस्पीकर, व्हाट्सएप ग्रुप और अन्य माध्यमों से सूचना प्रसारित करने की व्यवस्था करने को कहा गया है।
विज्ञापन

दरअसल जिले में सितारगंज, काशीपुर, जसपुर और खटीमा प्रमुख बाढ़ प्रभावित क्षेत्र हैं। इसके अलावा बरसात में जलभराव की स्थिति कमोवेश हर जगह रहती है। बताया कि जलभराव के प्रति 29 संवेदनशील जगहों को चिह्नित किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

आपदा के समय प्रभावितों तक राहत और बचाव कार्य पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने खाका खींचने के साथ ही अधिकारियों को जिम्मेदारी भी दे दी हैं। जिले में आठ बाढ़ नियंत्रण कक्ष सीधे आपदा प्रबंधन कार्यालय के संपर्क में रहेंगे। सभी एसडीएम/तहसीलदार संबंधित बाढ़ चौकियों में 15 जून से पहले पर्याप्त कर्मचारियों की नियुक्ति करने के साथ ही राहत के जरूरी इंतजाम करेंगे।
चिह्नित राहत शिविरों में प्रभावितों के लिए भोजन पकाने के लिए ईंधन, खाद्य सामग्री और बर्तनों को उपलब्ध कराने वालों की सूची बना ली जाए। इसके साथ ही हर गैस गोदाम में 20 सिलिंडर, पेट्रोल पंप में एक-एक हजार लीटर डीजल, पेट्रोल आपदा के दौरान प्रयोग करने के लिए आरक्षित रखा जाएगा। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर नेगी ने बताया कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

जिले की प्रमुख नदियां - सूखी, बैगुल, कैलाश, परवीन, देवहा, निहाई, कामन, जगबूड़ा, फीका, ढेला, लेवड़ा, कोसी, सांवल्दे, बौर, गडरी, दाबका, और गौला।
संवेदनशील गांव - 68
अतिसंवेदनशील गांव - 52
जलाशय - 07
जलभराव संभावित क्षेत्र (पिछले साल के आधार पर) 78
मोटर बोट - 06
नाव - 130
चिह्नित अस्थाई हेलीपैड - 46
मानसून सत्र में कोई अधिकारी बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ेगा। इसके अलावा मोबाइल बंद रखने वाले अधिकारी पर आपदा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रभावितों के लिए चिह्नित शरण स्थलों में पानी, बिजली, शौचालय, सफाई और बिस्तरों की व्यवस्था करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के नजदीक सस्ते गल्ले की दुकानों में राशन का पर्याप्त स्टॉक करने के निर्देश दिए गए हैं। ऊर्जा निगम को प्रत्येक सब डिविजन में बिजली के पोल, तार और पेयजल निगम को पाइप का स्टाक रखने को कहा गया है ताकि आपदा में पोल, तार और पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने पर तत्काल आपूर्ति सुचारू हो सके। - रंजना राजगुरू, डीएम।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed