{"_id":"5d2f70528ebc3e6cc8025599","slug":"girl-students-forced-to-study-in-a-shabby-house-kashipur-news-hld3493010129","type":"story","status":"publish","title_hn":"जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर छात्राएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर छात्राएं
विज्ञापन
सुल्तानपुर पट्टी में स्कूल परिसर में भरा पानी।
- फोटो : KASHIPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुल्तानपुर पट्टी। जीजीआईसी परिसर में जलभराव से छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नए भवन का पूरा निर्माण नहीं होने पर वह जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर है।
सुल्तानपुर पट्टी के जीजीआईसी का भवन जर्जर होने से 2015 में कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य ने कॉलेज में नए भवन निर्माण की मंजूरी दी थी। जुलाई 2015 में कार्यदायी संस्था पेयजल निगम ने भवन निर्माण शुरू किया, लेकिन शासन की ओर से धनराशि नहीं मिलने पर निर्माण अधर में लटक गया।
पेयजल निगम के जेई विकास वर्मा ने बताया की भवन में 70 फीसदी काम हो गया है, मार्च 2018 के बाद से कोई किस्त नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य रुक गया है।
विज्ञापन
प्रधानाचार्य रश्मि पांडे ने बताया कि अधूरे निर्माण के कारण बच्चे जर्जर कक्षाओं में बैठने को मजबूर हैं। बारिश के चलते स्कूल परिसर में पानी भर जाता है, जिसकी सूचना कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य को एक साल पहले दी थी, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया और छात्राओं को स्कूल परिसर में जलभराव से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
यहीं हाल सुल्तानपुर पट्टी होली चौराहे के पास उर्दू मीडियम का भी है। बारिश के चलते स्कूल परिसर में पानी भर जाता है। स्कूल के अध्यापकों ने अपने ही विभाग को कई बार पत्र लिखा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस कारण बच्चे और टीचर पानी में निकलने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
सुल्तानपुर पट्टी के जीजीआईसी का भवन जर्जर होने से 2015 में कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य ने कॉलेज में नए भवन निर्माण की मंजूरी दी थी। जुलाई 2015 में कार्यदायी संस्था पेयजल निगम ने भवन निर्माण शुरू किया, लेकिन शासन की ओर से धनराशि नहीं मिलने पर निर्माण अधर में लटक गया।
विज्ञापन
पेयजल निगम के जेई विकास वर्मा ने बताया की भवन में 70 फीसदी काम हो गया है, मार्च 2018 के बाद से कोई किस्त नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य रुक गया है।
विज्ञापन
प्रधानाचार्य रश्मि पांडे ने बताया कि अधूरे निर्माण के कारण बच्चे जर्जर कक्षाओं में बैठने को मजबूर हैं। बारिश के चलते स्कूल परिसर में पानी भर जाता है, जिसकी सूचना कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य को एक साल पहले दी थी, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया और छात्राओं को स्कूल परिसर में जलभराव से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
यहीं हाल सुल्तानपुर पट्टी होली चौराहे के पास उर्दू मीडियम का भी है। बारिश के चलते स्कूल परिसर में पानी भर जाता है। स्कूल के अध्यापकों ने अपने ही विभाग को कई बार पत्र लिखा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस कारण बच्चे और टीचर पानी में निकलने को मजबूर हैं।