{"_id":"bea55920e24f007536ed2a5c2e2c819b","slug":"gdrpur-sugar-mill-ordered-to-close-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गदरपुर चीनी मिल को बंद करने का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गदरपुर चीनी मिल को बंद करने का आदेश
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/गदरपुर
Updated Sat, 03 Oct 2015 12:14 AM IST
विज्ञापन
आखिरकार गन्ने की कमी एवं घाटे की मार का सामना कर रही क्षेत्र की एकमात्र गदरपुर किसान सेवा सहकारी चीनी मिल को बंद कर दिया गया। इसके लिए शासन ने आदेश भी जारी कर दिया है।
विज्ञापन
सितारगंज चीनी मिल के प्रबंध निदेशक के रूप में गदरपुर चीनी मिल का भी अतिरिक्त कार्यभार देख रहे एके रोहतगी ने बताया कि गदरपुर चीनी मिल को बंद किए जाने के संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। मिल के परमानेंट कर्मचारियों को प्रदेश की अन्य पांच चीनी मिलों में समायोजन के लिए आदेशित किया गया है। इधर, गदरपुर चीनी मिल को बंद किए जाने के आदेश की जानकारी होने पर श्रमिक संगठनों एवं किसानों में जबरदस्त आक्रोश बना हुआ है। चीनी मिल कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष अवतार सिंह ने गदरपुर चीनी मिल को बंद करने के निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए मुख्यमंत्री और मंत्रियों पर श्रमिकों एवं किसानों को अंधेरे में रखने का आरोप लगाया है। कहा कि काबीना मंत्री इंदिरा हृदयेश ने गदरपुर आकर आंदोलन पर बैठे श्रमिकों को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया था और मिल को चलाने का आश्वासन दिया था लेकिन यह सब प्रदेश सरकार की सोची समझी चाल थी। भारतीय मजदूर संघ के प्रांतीय अध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल सिंह ने प्रदेश सरकार के गदरपुर चीनी मिल को बंद करने के लिए जारी आदेश को हजारों मिल कर्मियों एवं किसानों के हितों के साथ किया गया कुठाराघात बताया है। उधर, भाजपा नेता एवं पूर्व पालिकाध्यक्ष सुरेश कांबोज ने भी चीनी मिल बंद करने के निर्णय पर लगी मोहर को प्रदेश की कांग्रेस सरकार के ताबूत में लगी आखिरी कील के समान बताते हुए पुरजोर विरोध करने का ऐलान किया है।
विज्ञापन