{"_id":"6400f037e8e3f32e9d03e474","slug":"fire-khatima-khatima-news-c-8-1-70513-2023-03-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udham Singh Nagar News: न उपकरण, न स्टाफ, कैसे बुझेगी आग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udham Singh Nagar News: न उपकरण, न स्टाफ, कैसे बुझेगी आग
Fri, 03 Mar 2023 12:21 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Fri, 03 Mar 2023 12:21 AM IST
विज्ञापन
खटीमा। भीषण गर्मी की आशंका के बीच आगजनी की घटनाएं होने पर फायर विभाग के पास उपकरणों के साथ ही संसाधनों का अभाव मुसीबत खड़ी कर सकता है। फायर स्टेशन के पास 22 फायर के स्थान पर एक मात्र फायर हाईड्रेंट ही पानी उपलब्ध कराता है।
अग्निशमन व्यवस्था को बखूवी अंजाम देने के लिए 26 के विपरीत 12 फायर मैस, 4 के स्थान पर तीन हवलदार, पांच चालकों के स्थापन पर दो चालक यहां तैनात है। चार चालक संविदा के तहत रखे गए हैंं। अग्निशमन अधिकारी एवं सैकेंड अफसर के पद रिक्त हैं। आगजनी की घटना से निपटने के लिए 22 हाईड्रेंट की जरूरत हैं। इनमें से पांच अतिक्रमण की गिरफ्त में हैं। 16 फायर हाईड्रेंट मौजूदा व्यवस्था से निपटने के लिए प्रस्तावित हैं। तहसील क्षेत्र की 64 ग्राम सभाएं तथा नगर क्षेत्र की आबादी में किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पानी का घोर अभाव रहता है। नगर क्षेत्र में लगने वाले जाम की स्थिति में एक मात्र कार्यशील फायर हाईड्रेंट से पानी लेना संभव नहीं हैं। ऐसी स्थिति में कुछ क्षेत्र के लिए ईस्टर फैक्टरी तथा कुछ के लिए पॉलीप्लेक्स फैक्टरी के फायर हाईड्रेंट से पानी लेना पड़ता है। शेष अन्य से निपटने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में चलने वाले ट्यूबवेल पर निर्भर रहना पड़ता है। तब तक काफी नुकसान हो जाता है।
इनसेट
- अतिक्रमण की जद वाले फायर हाईड्रेंट कोतवाली परिसर, संजय रेलवे पार्क, हनुमान मंदिर के पास, कंजाबाग, रोडवेज बस स्टेशन के समीप हैं। ये सभी फायर हाईड्रेंट एनएच की भूमि में दबे हैं। जल संस्थान कैंपस वाला एक मात्र हाईड्रेंट कार्यशील है।
विज्ञापन
इनसेट
- फायर स्टेशन खटीमा की और से मौजूदा जरूरत के अनुरूप 16 फायर हाईड्रेंट प्रस्तावित शासन को भेजे गए हैं। इनमें नवीन मंडी स्थल, ब्लॉक परिसर, मुख्य बाजार पुलिस चौकी, गैस एजेंसी के समीप, आवास विकास कॉलोनी, नूरी मस्जिद गौटिया, गौटिया मोहल्ले के बीच, वन विभाग लकड़ी मंडी, प्राइवेट बस स्टेशन, डिग्री कॉलेज कैंपस, सीमा शुल्क कार्यालय, टेलीफोन एक्सचेंज कैंपस, नए तहसील परिसर, दूध डेयरी कंजाबाग रोड, अमाऊंं चौराहा टनकपुर रोड, रेलवे स्टेशन कैंपस सम्मिलित हैं।
-
कोट
- फायर स्टेशन की कमी एवं जरूरतों के लिए उच्चाधिकारियों को समय-समय पर अवगत कराया जा चुका है। अग्निशमन टीम मौजूदा स्थिति से निपटने में सक्षम है। अग्निशमन कार्यालय कोतवाली के पुराने जर्जर इमारत में चल रहा है।
-सुुुुभाष चंद्र जोशी, एएसआई।
कोट
- फायर बिग्रेड खटीमा के फायर हाईड्रेंट मामले की जांच कराई जाएगी। छह में से एक फायर हाईड्रेंट का कार्यशील होना चिंताजनक हैं। जरूरत पड़ने पर अग्निशमन दल को पर्याप्त जलापूर्ति हो इसके पूरे प्रयास किए जाएंगे। ताकि अग्निशमन दल आगजनी की घटनाओं पर नियंत्रण पा सके।
- मंजूनाथ टीसी, एसएसपी ऊधम सिंह नगर।
कोट
- हवा में झूलते तारों से उठने वाली चिंगारियों से फैलने वाली आग में इस बार अंकुश लगेगा। ऊर्जा निगम नंगे तारों के स्थानों पर केबिल लगा रहा है। इसके अतिरिक्त संवेदनशील स्थानों पर अधिक दूरी वाले तारों में पोल लगा चुका है। नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र में नंगे तारों के स्थान केबिल बिछाने की काम मई अंतिम सप्ताह तक पूरा हो सकेगा।
- अंबिका यादव, उपखंड अधिकारी विद्युत खटीमा।
कोट
- बजट के अभाव में फायर हाईड्रेंट के प्रस्ताव 1992 से लंबित हैं। रास्तों के चौड़ीकरण में दबे हाईड्रेंट से काम लिया जाना संभव नहीं हैं। खटीमा ही नहीं रुद्रपुर मुख्यालय में भी मार्ग के चौड़ीकरण के साथ ही 10-15 हाईड्रेंट दबे हैं। प्रस्तावित फायर हाईड्रेंट की स्वीकृति के बाद निर्माण कराया जाएगा।
- वंश बहादुर सिंह यादव, मुख्य अग्निशमन अधिकारी रुद्रपुर।
विज्ञापन
अग्निशमन व्यवस्था को बखूवी अंजाम देने के लिए 26 के विपरीत 12 फायर मैस, 4 के स्थान पर तीन हवलदार, पांच चालकों के स्थापन पर दो चालक यहां तैनात है। चार चालक संविदा के तहत रखे गए हैंं। अग्निशमन अधिकारी एवं सैकेंड अफसर के पद रिक्त हैं। आगजनी की घटना से निपटने के लिए 22 हाईड्रेंट की जरूरत हैं। इनमें से पांच अतिक्रमण की गिरफ्त में हैं। 16 फायर हाईड्रेंट मौजूदा व्यवस्था से निपटने के लिए प्रस्तावित हैं। तहसील क्षेत्र की 64 ग्राम सभाएं तथा नगर क्षेत्र की आबादी में किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पानी का घोर अभाव रहता है। नगर क्षेत्र में लगने वाले जाम की स्थिति में एक मात्र कार्यशील फायर हाईड्रेंट से पानी लेना संभव नहीं हैं। ऐसी स्थिति में कुछ क्षेत्र के लिए ईस्टर फैक्टरी तथा कुछ के लिए पॉलीप्लेक्स फैक्टरी के फायर हाईड्रेंट से पानी लेना पड़ता है। शेष अन्य से निपटने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में चलने वाले ट्यूबवेल पर निर्भर रहना पड़ता है। तब तक काफी नुकसान हो जाता है।
विज्ञापन
इनसेट
- अतिक्रमण की जद वाले फायर हाईड्रेंट कोतवाली परिसर, संजय रेलवे पार्क, हनुमान मंदिर के पास, कंजाबाग, रोडवेज बस स्टेशन के समीप हैं। ये सभी फायर हाईड्रेंट एनएच की भूमि में दबे हैं। जल संस्थान कैंपस वाला एक मात्र हाईड्रेंट कार्यशील है।
विज्ञापन
इनसेट
- फायर स्टेशन खटीमा की और से मौजूदा जरूरत के अनुरूप 16 फायर हाईड्रेंट प्रस्तावित शासन को भेजे गए हैं। इनमें नवीन मंडी स्थल, ब्लॉक परिसर, मुख्य बाजार पुलिस चौकी, गैस एजेंसी के समीप, आवास विकास कॉलोनी, नूरी मस्जिद गौटिया, गौटिया मोहल्ले के बीच, वन विभाग लकड़ी मंडी, प्राइवेट बस स्टेशन, डिग्री कॉलेज कैंपस, सीमा शुल्क कार्यालय, टेलीफोन एक्सचेंज कैंपस, नए तहसील परिसर, दूध डेयरी कंजाबाग रोड, अमाऊंं चौराहा टनकपुर रोड, रेलवे स्टेशन कैंपस सम्मिलित हैं।
-
कोट
- फायर स्टेशन की कमी एवं जरूरतों के लिए उच्चाधिकारियों को समय-समय पर अवगत कराया जा चुका है। अग्निशमन टीम मौजूदा स्थिति से निपटने में सक्षम है। अग्निशमन कार्यालय कोतवाली के पुराने जर्जर इमारत में चल रहा है।
-सुुुुभाष चंद्र जोशी, एएसआई।
कोट
- फायर बिग्रेड खटीमा के फायर हाईड्रेंट मामले की जांच कराई जाएगी। छह में से एक फायर हाईड्रेंट का कार्यशील होना चिंताजनक हैं। जरूरत पड़ने पर अग्निशमन दल को पर्याप्त जलापूर्ति हो इसके पूरे प्रयास किए जाएंगे। ताकि अग्निशमन दल आगजनी की घटनाओं पर नियंत्रण पा सके।
- मंजूनाथ टीसी, एसएसपी ऊधम सिंह नगर।
कोट
- हवा में झूलते तारों से उठने वाली चिंगारियों से फैलने वाली आग में इस बार अंकुश लगेगा। ऊर्जा निगम नंगे तारों के स्थानों पर केबिल लगा रहा है। इसके अतिरिक्त संवेदनशील स्थानों पर अधिक दूरी वाले तारों में पोल लगा चुका है। नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र में नंगे तारों के स्थान केबिल बिछाने की काम मई अंतिम सप्ताह तक पूरा हो सकेगा।
- अंबिका यादव, उपखंड अधिकारी विद्युत खटीमा।
कोट
- बजट के अभाव में फायर हाईड्रेंट के प्रस्ताव 1992 से लंबित हैं। रास्तों के चौड़ीकरण में दबे हाईड्रेंट से काम लिया जाना संभव नहीं हैं। खटीमा ही नहीं रुद्रपुर मुख्यालय में भी मार्ग के चौड़ीकरण के साथ ही 10-15 हाईड्रेंट दबे हैं। प्रस्तावित फायर हाईड्रेंट की स्वीकृति के बाद निर्माण कराया जाएगा।
- वंश बहादुर सिंह यादव, मुख्य अग्निशमन अधिकारी रुद्रपुर।