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Udham Singh Nagar News: किसान डटे, आधी पुलिस हटी... कांग्रेस नेताओं के साथ यूपी के किसान भी समर्थन में उतरे

Sun, 23 Aug 2026 12:53 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर Updated Sun, 23 Aug 2026 12:53 AM IST
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Farmers stand firm, half the police force withdraws... UP farmers also come out in support alongside Congress leaders.
रुद्रपुर। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) का धरना कलक्ट्रेट के गेट पर दूसरे दिन भी जारी रहा। किसान जहां अपनी मांगों पर डटे हैं। वहीं, उनकी घेराबंदी के लिए लगी आधी पुलिस हटा दी गई है। कुछ पुलिसकर्मी किसानों के टेंट के पास ही अपना तंबू लगाकर बैठ चुके हैं। आंदोलन को कांग्रेस नेताओं और उत्तर प्रदेश के किसानों का भी समर्थन मिलने लगा है।
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शनिवार को धरना स्थल पर हुई सभा में किसानों ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार उनकी आठ सूत्री मांगों को नहीं मानती है तो वे आंदोलन को आगे बढ़ाने पर विचार करेंगे। वक्ताओं ने कहा कि धरना किसानों के विभिन्न मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए आयोजित किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि उनकी समस्याओं का समाधान आवश्यक है। वे अपनी मांगों पर दृढ़ संकल्पित हैं और पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। किसान नेताओं ने कहा कि सीएम को जिले का होने के नाते उनकी मांगों पर शीघ्र विचार करना चाहिए।
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उपनेता प्रतिपक्ष और बेहड़ भी धरने पर बैठे
रुद्रपुर में चल रहे किसान आंदोलन में स्थानीय किसानों के साथ उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों से भी किसान शामिल हो रहे हैं। शनिवार को बिलासपुर और रामपुर के किसान भी धरनास्थल पर पहुंचे। उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ और पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल भी किसानों के साथ धरने पर बैठे।
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आज पहुंचेंगे पंजाब के किसान, मिलेगा अंतरराज्जीय समर्थन
रविवार को पंजाब से आने वाले किसानों से इस प्रदर्शन को अंतरराज्यीय समर्थन मिलेगा। वहां के किसानों की भागीदारी आंदोलन की व्यापक बना सकती है। किसानों का कहना है कि उनकी समस्याओं को लंबे समय से अनदेखा किया जा रहा है जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कलक्ट्रेट परिसर आने वालों को मिली आंशिक राहत
कलक्ट्रेट परिसर में आने वाले लोगों को शनिवार को आंशिक राहत मिली। कुछ रास्तों पर मामूली ढिलाई कर दी गई। लोग अपनी समस्या और कामों के लिए कलक्ट्रेट परिसर के दफ्तरों में चहलकदमी करते नजर आए।


ये हैं किसानों की मांगें
- किसानों के सभी ट्यूबवेलों का पूरा बिजली बिल माफ किया जाए और सभी घरेलू मीटरों की प्रतिमाह 300 यूनिट बिजली मुफ्त की जाए।
- किसानों का संपूर्ण कर्जा माफ होना चाहिए।
- पहाड़ी जिलों के किसानों को हिल भत्ता प्रतिमाह 20 हजार रुपये दिया जाए क्योंकि वह बॉर्डर की सुरक्षा का भी कार्य करते हैं।
- बाजपुर के 20 ग्रामों की भूमि पर किसानों के खाद, लोन, क्रय-विक्रय पर लगी रोक हटाई जाए। किसानों को पूर्ण अधिकार दिए जाएं।
- काशीपुर में बंद पड़ी चीनी मिल का वर्ष 2007 का लगभग एक करोड़ रुपये और वर्ष 2011-12 का 25 करोड़ रुपये किसानों को तत्काल प्रभाव से दिलाया जाए।
- प्रदेश में तत्काल प्रभाव से स्मार्ट मीटर लगाना बंद किए जाएं और जो लगे हैं उन्हें विभाग की ओर से हटाया जाए।
- किसानों के गन्ने का मूल्य 700 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए।
- किसानों की सभी वर्गों की भूमि का हक काबिज किसानों को दिया जाए।
सरकार हमारी मांग को जल्द मान लेती है तो हम धरने को समाप्त कर देंगे। यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो धरने को आगे बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। जब यूपी के किसानों को बिजली में राहत मिल सकती है तो ऊर्जा प्रदेश कहे जाने वाले उत्तराखंड में क्याें नहीं। - प्रेम सिंह सहोता, प्रदेश अध्यक्ष, भाकियू (टिकैत)
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