{"_id":"5bbba7b8867a5528691c117f","slug":"farmers-protested-in-rudrapur","type":"story","status":"publish","title_hn":"धरने पर जमे रहे किसान, नहीं बिकने दिया धान ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धरने पर जमे रहे किसान, नहीं बिकने दिया धान
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
Updated Tue, 09 Oct 2018 12:23 AM IST
विज्ञापन
रुद्रपुर गल्ला मंडी में धान रखकर धरना देते किसान।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीद और अवैध कटौतियों के विरोध में सोमवार को किसानों ने धान नहीं बिकने दिया। किसानों ने धरनास्थल पर धान के ढेर रखकर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया।
विज्ञापन
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले किसानों का धरना सोमवार को चौथे दिन भी जारी रहा।
किसानों ने मांगों के समर्थन में दो दिन पूर्व स्वैच्छिक रूप से धान न बेचने का एलान किया था, लेकिन सुबह के समय करीब 15 किसान ट्रॉलियों में धान लेकर गल्ला मंडी पहुंच गए। यहां विरोध का पता चलने पर उक्त किसान लौट गए। सुबह के समय गल्ला मंडी के गेट पर हंगामे की आशंका को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात किया गया था। साथ ही मंडी समिति के कर्मचारियों ने भी मौके की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई।
विज्ञापन
तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तजिंदर सिंह विर्क और भारतीय किसान संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष ठाकुर जगदीश सिंह ने मांगें नहीं मानने पर मंगलवार से आमरण अनशन की चेतावनी दी। वहां शांति देवी, विद्या देवी, सुमन देेवी, कमलेश राणा, रजविंदर कौर, निर्मला देवी, मलूक सिंह, परगट सिंह, अमनदीप सिंह, सुखदेव सिंह, गुरजीत कौर आदि थे।
विज्ञापन
अवैध वसूली का आरोप, किसानों का हंगामा
रुद्रपुर। आढ़तियों पर कैश डिस्काउंट के रूप में प्रति क्विंटल धान पर एक प्रतिशत अवैध कटौती का आरोप लगाते हुए किसानों ने रुद्रपुर गल्ला मंडी में हंगामा काटा। साथ ही मंडी सचिव आशा गोस्वामी के समक्ष आढ़तियों की मनमानी पर अंकुश लगाने की मांग की।
किसानों ने आरोप लगाया कि उनसे प्रति क्विंटल धान पर एक किलो 600 ग्राम की अवैध कटौती भी की जा रही है। वहीं सितारगंज और किच्छा में प्रति क्विंटल एक किलो धान की अवैध कटौती की जा रही है। किसान नेता तजिंदर सिंह विर्क ने कहा कि आढ़ती पल्लेदारी बचाने के लिए किसानों से ही ट्रॉली से धान उतरवा रहे हैं, जो कि गलत है। किसानों ने आरोप लगाया कि धान खरीद में कुछ बिचौलिये सक्रिय हो गए हैं, जो करीब पांच प्रतिशत कमीशन लेकर राइस मिलर और आढ़तियों के बीच मध्यस्थता कर रहे हैं। किसानों ने ऐसे बिचौलियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मंडी सचिव ने किसानों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। ब्यूरो
-
खटीमा में सात दिनों में 380 क्विंटल धान की खरीद हुई
खटीमा। क्षेत्र में खुले 46 धान क्रय केंद्रों में किसानों का आना शुरू हो गया है। फिलहाल खाली महुवट, दियूरी और प्रतापपुर में धान की खरीद शुरू हुई है। अन्य केंद्रों में अभी तक सन्नाटा पसरा हुआ है। एडीओ कोऑपरेटिव शोभित अग्रवाल ने उम्मीद जताई कि आने वाले चार-पांच दिन बाद धान की खरीद जोर पकड़ेगी।
निरीक्षण में मिली खामी, केंद्र प्रभारी को फटकारा
गूलरभोज। तहसीलदार जेपी गौड़ ने सोमवार को धान क्रय केंद्र का औचक निरीक्षण किया। केंद्र पर बारदाना, बैनर और कांटा न मिलने पर केंद्र प्रभारी तुलसी सिंह को फटकार लगाई। केंद्र प्रभारी तुलसी सिंह ने बताया कि बैनर को सोसायटी में लगाया गया है। किसानों को जानकारी है कि धान का क्रय केंद्र यहां लगता है। बाद में तहसीलदार ने चक्कीमोड़ और आदर्शनगर (चमनगंज) क्रय केंद्रों का भी निरीक्षण किया। उनके साथ पटवारी मुकेश कुमार, उदल सिंह, छुन्नू आदि थे। ब्यूरो
सरकारी धान खरीद केंद्र पर नहीं तुल रहा धान
काशीपुर। क्षेत्र में स्थापित 10 सरकारी धान खरीद केंद्रों पर धान नहीं तोला जा रहा है। वहीं नवीन अनाज मंडी में आढ़ती सरकारी मूल्य से कम 1550 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 22 प्रतिशत तक नमी वाला धान खरीद रहे हैं। राइस मिल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सचिन गोयल ने बताया कि किसानों व राइस मिलर्स के बीच नमी के आधार पर कटौती करने के फार्मूले पर धान तौल पर सहमति हो गई थी। लेकिन, अधिकारी सहमति नहीं दे रहे हैं। इधर, एडीओ कोऑपरेटिव संजय ने बताया कि सोमवार को धान तौल केंद्रों पर धान की नमी मापने पर नमी 17 प्रतिशत मिली है। जिन किसानों के धान में नमी मानक पर मिली है, मंगलवार से उनके धान की तौल शुरू हो जाएगी।
तौल केंद्रों पर खरीद नहीं होने से गुस्साए किसानों ने लगाया जाम
बाजपुर। धान तौल केंद्रों पर खरीद नहीं होने से गुस्साए किसानों ने हंगामा कर मुख्य मार्ग पर धान से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को आड़ा-तिरछा खड़ा कर जाम लगा दिया। भाकियू प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह पड्डा के नेतृत्व में सोमवार को दर्जनों किसान धान से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लेकर शहीद भगत सिंह चौक पहुंचे और मुख्य मार्ग पर ट्रैक्टर खड़े करके जाम लगा दिया। सूचना पर सीओ एमसी बिन्जौला, तहसीलदार केपी सिंह, कोतवाल तुषार बोरा ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान नहीं माने। इस दौरान उनकी पुलिस अधिकारियों से झड़प हो गई। बाद में कोतवाल ने किसान अजीत रंधावा की एसडीएम विवेक प्रकाश से बात कराई। एसडीएम ने किसानों को समझाया कि फिलहाल धान में नमी ज्यादा है, मानक के अनुरूप 17 प्रतिशत नमी होने पर ही धान खरीदा जाएगा। इस पर किसानों ने जाम खोल दिया। जाम दोपहर 12:45 बजे से 1:20 बजे तक रहा। वहां दलजीत सिंह रंधावा, विजेंद्र डोगरा, दलजीत गौराया, सुखदेव सिंह, सुरेंद्र शर्मा, जसजीत सिंह, हरबंत सिंह, बलविंदर सिंह, तेजपाल सिंह, गुरजीत सिंह, जोगेंद्र सिंह, प्रताप सिंह आदि थे।
एसडीएम ने किया धान तौल केंद्रों का निरीक्षण
बाजपुर। एसडीएम विवेक प्रकाश ने किसानों के साथ 10 धान खरीद केंद्रों का निरीक्षण किया। तीन केंद्रों पर धान में अधिक नमी और एक केंद्र पर धान नहीं आने के कारण तौल नहीं हो पा रही है। इधर, किसान सेवक अजीत रंधावा ने बताया कि चार अक्तूबर को फौजी कॉलोनी स्थित धान तौल केंद्र पर इसी गांव निवासी बलराज रंधावा धान से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर गए थे, लेकिन तौल नहीं की गई। इस पर उन्हें मजबूरन 15 सौ रुपये क्विंटल के हिसाब से धान बेचना पड़ा।