FARMERS PROTEST: रुद्रपुर में किसानों के प्रदर्शन से सहमी पुलिस, कलेक्ट्रेट पर दिया धरना; देखें तस्वीरें
रुद्रपुर में भारतीय किसान यूनियन टिकैत से जुड़े किसानों ने कलेक्ट्रेट के पास पहुंचकर धरना दिया। इस दौरान किसानों ने जमकर नारेबाजी भी की। भारी संख्या में किसान ट्रैक्टर ट्राली के साथ शामिल हुए।
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रुद्रपुर में बुधवार को भारतीय किसान यूनियन टिकैत से जुड़े किसानों ने कलेक्ट्रेट के पास पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान भारी संख्या में किसान ट्रैक्टर ट्राली के साथ शामिल हुए। पुलिस ने किसानों का रास्ता रोकने की कोशिश भी की, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो सका। इस दौरान किसानों ने जमकर प्रदर्शन किया।
किसानों ने कलेक्ट्रेट गेट पर धरना दिया। इस दौरान गुरसेवक सिंह जिलाध्यक्ष, विक्की रंधावा कुमाऊं मंडल अध्यक्ष, मनजिंदर सिंह भुल्लर खटीमा ब्लॉक अध्यक्ष, गुरसेवक सिंह मोहर प्रदेश अध्यक्ष भाकियू चढूनी, जसवंत सिंह जिला उपाध्यक्ष
और मलूक सिंह खिंड सहित अनेक मौजूद रहे।
- फसलों की एमएसपी (सी 2-50) खरीद की गारंटी का कानून बनाया जाए।
- किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ किया जाए।
- श्रमिकों को 26 हजार रुपये प्रति माह न्यूनतम वेतन मिले।
- चार श्रम संहिताओं को निरस्त किया जाए।
- रोजगार की गारंटी का मौलिक अधिकार मिले।
- पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए।
- रेलवे, रक्षा, बिजली आदि सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण बंद हो।
- नौकरियों का संविदाकरण बंद किया जाए।
- मनरेगा में हर साल 200 दिन काम और 600 रुपये की मजदूरी हो।
- किसान परिवार को दस हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाए।
- भारतीय न्याय संहिता की धारा 104 खत्म हो।
- एलएआरआर अधिनियम 2013 लागू की जाए।
- बिजली संशोधन विधेयक 2022 वापस लिया जाए।
- केरल की तरह 13 सब्जियों की एमएसपी पर खरीद का कानून बने।
- गृह ऋण देने, कृषि यंत्रों से जीएसटी खत्म किया जाए।
बता दें कि, मंगलवार को भी विभिन्न जगहों से कलक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने नारेबाजी कर सांकेतिक प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। उन्होंने कहा कि किसानों को सशक्त और वैश्विक कृषि क्षेत्र में प्रमुख भागीदार के रूप में भारत की स्थिति बनाए रखने को संतुलित कृषि नीति की जरूरत है। न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे मंडियों में खरीद नहीं होने का प्रावधान किया जाए। न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे खरीद पर पेनाल्टी का प्रावधान किया जा सकता है। न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने के लिए सी-2 लागत पर लाभ जोड़ा जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसान को इकाई माना जाए। लघु व सीमांत किसानों के लिए प्रीमियम जीरो किया जाना चाहिए, जिससे किसान के जोखिम को कम किया जा सके। उन्होंने विशिष्ट भारतीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए काफी और तंबाकू बोर्ड की तरह बोर्ड बनाने की मांग की है। वहां भाकियू अराजनैतिक के प्रदेश अध्यक्ष सलविंदर सिंह कलसी, जिलाध्यक्ष विक्रम सिंह, सुखविंदर सिंह बाठला, प्रताप सिंह, अमनदीप सिंह, संतोष सिंह, साहब सिंह, रामकुमार, राजेंद्र कंबोज आदि थे।