{"_id":"5fda602d8ebc3e41d63e5350","slug":"farmers-of-bazpur-moves-delhi-sitarganj-news-hld4076128115","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाजपुर के किसानों को रामपुर पुलिस ने रोका तो पैदल रवाना हुए दिल्ली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाजपुर के किसानों को रामपुर पुलिस ने रोका तो पैदल रवाना हुए दिल्ली
विज्ञापन
सितारगंज के कोदाखेड़ा गांव में दिल्ली रवाना होने से पहले प्रदर्शन करते किसान।
- फोटो : SITARGANJ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सितारगंज/बाजपुर। तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली में चल रहे वृहद आंदोलन में सितारगंज क्षेत्र के चार गांवों से करीब सौ किसानों का जत्था दिल्ली रवाना हो गया है। इस दौरान किसानों ने पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। वहीं, बाजपुर से 50 किसानों का जत्था दिल्ली रवाना हुआ। किसानों को रामपुर पुलिस ने रोक लिया। इस पर किसानों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। किसान अपने वाहनों से उतरकर पैदल ही दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
बुधवार को अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष त्रिलोचन सिंह ने किसानों के जत्थे का स्वागत कर रवाना किया। उन्होंने बताया कि नानकमत्ता उप तहसील क्षेत्र के ग्राम बिरिया भूड़, खमरिया, धूमखेड़ा व कोदाखेड़ा गांव से करीब पांच ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से सौ किसानों का जत्था दिल्ली किसान आंदोलन में भाग लेने के लिए रवाना हुआ है। कहा कि केंद्र सरकार कानून के समर्थन में जागरूकता कार्यक्रम से जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। जब तक कानूनों को वापस नहीं लिया जाता, हम आंदोलन करते रहेंगे। वहां पर जिला उपाध्यक्ष लोहर सिंह राणा, जगमीत सिंह आदि थे। इधर, बाजपुर में दिल्ली आंदोलन के समर्थन में बुधवार सुबह ही क्षेत्र से करीब 50 किसान वाहनों से रवाना हुए। मुरादाबाद रोड पर यूपी के दढ़ियाल (रामपुर) में किसानों के वाहनों को यूपी पुलिस ने रोक लिया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और किसानों के बीच झड़प भी हुई। जिसके चलते किसान अपने वाहनों से उतर कर पैदल ही दिल्ली के लिए रवाना हो गए। मौके पर किसान सेवक अजीत प्रताप सिंह रंधावा, प्रताप संधू, जगमोहन सिंह, तेजेश्वर सिंह चीमा, निर्मल सिंह, गुरयाल सिंह, गुरजीत सिंह, रणजोत सिंह राणा, वरुण कपूर आदि थे।
किसानों को रोकने के लिए राज्य सीमा संयुक्त चेकिंग
बाजपुर। राज्य सीमा पर यूपी और उत्तराखंड पुलिस ने संयुक्त रूप से दिल्ली जाने वाले सभी चार पहिया वाहनों की चेकिंग की। बता दें कि दिल्ली आंदोलन के समर्थन जाने वाले किसानों के वाहनों को रोकने के लिए चेकिंग शुरू की गई है। पुलिस प्रशासन की ओर से राज्य सीमा पर दोनों राज्य का पुलिस बल तैनात किया गया है। बुधवार को रामपुर रोड राज्य सीमा पर यूपी और उत्तराखंड के पुलिस अधिकारियों ने वाहनों की चेकिंग शुरू की। इस दौरान बरेली जोन के डीआईजी अवनीश चंद भी राज्य सीमा पर पहुंचे। डीआईजी ने राज्य सीमा पर चेकिंग का जायजा लिया। चंद ने कहा कि उत्तराखंड से जाने वाले किसानों के वाहनों को दिल्ली जाने से रोका जाएगा। राज्य सीमा पर नियमित रूप से चेकिंग होगी। सीमा पर पुलिस बल तैनात रहेगा। मौके पर रामपुर के एसपी सगुन गौतम, सीओ धर्म सिंह, एसडीएम यमुनाधर चौहान, कोतवाल रूप सिंह बघेल, मसवासी चौकी प्रभारी राजेश कुमार, बाजपुर सीओ दीपशिखा अग्रवाल, आईपीएस/ प्रभारी कोतवाल सर्वेश कुमार पंवार, बाजपुर दोराहा पुलिस चौकी इंचार्ज सुरेंद्र कोरंगा आदि थे। संवाद
विज्ञापन
किसान बेटियों का धरना सातवें दिन भी जारी
बाजपुर। दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में किसान बेटियों का धरना सातवें दिन भी जारी रहा। भगत सिंह चौक पर पिछले बृहस्पतिवार को तीन किसान बेटियों ने धरना देकर आंदोलन की शुरूआत की थी। बुधवार को गुरुद्वारा साहिब के सामने से जुलूस के रूप में किसान और बच्चे भगत सिंह चौक पहुंचे। वहां पर महकराज सिंह, कुंवरजीत सिंह पूनिया, कुलवंत सिंह, परमजीत सिंह, बल्देव सिंह, योगेंद्र सिंह, रेशम सिंह, पवन सिंह, जसकिरन कौर, सुनीता टम्टा आदि थे।
भाजपा को किसान रैली करने का अधिकार नहीं : बेहड़
रुद्रपुर। पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता तिलक राज बेहड़ ने कहा कि देश के किसान केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलित हैं। भाजपा किसानों का मजाक उड़ाने में लगी है। भारतीय जनता पार्टी रुद्रपुर में बृहस्पतिवार को रैली करने जा रही है लेकिन भाजपा को रैली करने का कोई अधिकार नहीं है। रुद्रपुर में रैली करके भाजपा किसानों के जले पर नमक छिड़कने का काम कर रही है। किसानों का धान नही खरीदा जा रहा है। चीनी मिलें सुचारु नहीं चल पा रही हैं। भाजपा ने उत्तराखंड और जिले के किसानों के साथ धोखा किया है।
केंद्र सरकार का पुतला फूंका
किच्छा। कृषि कानून के विरोध में पूर्व विधायक नारायण पाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उत्तम नगर स्थित गुरुद्वारा साहिब के सामने केंद्र सरकार का पुतला फूंक विरोध दर्ज किया। किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह संधू ने कहा कि केंद्र सरकार के अड़ियल रवैये के कारण पूरे देश के किसानों में रोष है। देश के किसान केंद्र सरकार को आगामी चुनावों में जवाब देंगे। वहां पर सरताज अली गुड्डू, मो. अहमद, भूपेंद्र सिंह चीमा, राजेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, दलेर सिंह, बलदेव सिंह, गगन दीप सिंह, बलबीर सिंह, अजविंद्र सिंह, अरुण तनेजा, फिरदौस सलमानी आदि थे।
विज्ञापन
बुधवार को अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष त्रिलोचन सिंह ने किसानों के जत्थे का स्वागत कर रवाना किया। उन्होंने बताया कि नानकमत्ता उप तहसील क्षेत्र के ग्राम बिरिया भूड़, खमरिया, धूमखेड़ा व कोदाखेड़ा गांव से करीब पांच ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से सौ किसानों का जत्था दिल्ली किसान आंदोलन में भाग लेने के लिए रवाना हुआ है। कहा कि केंद्र सरकार कानून के समर्थन में जागरूकता कार्यक्रम से जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। जब तक कानूनों को वापस नहीं लिया जाता, हम आंदोलन करते रहेंगे। वहां पर जिला उपाध्यक्ष लोहर सिंह राणा, जगमीत सिंह आदि थे। इधर, बाजपुर में दिल्ली आंदोलन के समर्थन में बुधवार सुबह ही क्षेत्र से करीब 50 किसान वाहनों से रवाना हुए। मुरादाबाद रोड पर यूपी के दढ़ियाल (रामपुर) में किसानों के वाहनों को यूपी पुलिस ने रोक लिया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और किसानों के बीच झड़प भी हुई। जिसके चलते किसान अपने वाहनों से उतर कर पैदल ही दिल्ली के लिए रवाना हो गए। मौके पर किसान सेवक अजीत प्रताप सिंह रंधावा, प्रताप संधू, जगमोहन सिंह, तेजेश्वर सिंह चीमा, निर्मल सिंह, गुरयाल सिंह, गुरजीत सिंह, रणजोत सिंह राणा, वरुण कपूर आदि थे।
विज्ञापन
किसानों को रोकने के लिए राज्य सीमा संयुक्त चेकिंग
बाजपुर। राज्य सीमा पर यूपी और उत्तराखंड पुलिस ने संयुक्त रूप से दिल्ली जाने वाले सभी चार पहिया वाहनों की चेकिंग की। बता दें कि दिल्ली आंदोलन के समर्थन जाने वाले किसानों के वाहनों को रोकने के लिए चेकिंग शुरू की गई है। पुलिस प्रशासन की ओर से राज्य सीमा पर दोनों राज्य का पुलिस बल तैनात किया गया है। बुधवार को रामपुर रोड राज्य सीमा पर यूपी और उत्तराखंड के पुलिस अधिकारियों ने वाहनों की चेकिंग शुरू की। इस दौरान बरेली जोन के डीआईजी अवनीश चंद भी राज्य सीमा पर पहुंचे। डीआईजी ने राज्य सीमा पर चेकिंग का जायजा लिया। चंद ने कहा कि उत्तराखंड से जाने वाले किसानों के वाहनों को दिल्ली जाने से रोका जाएगा। राज्य सीमा पर नियमित रूप से चेकिंग होगी। सीमा पर पुलिस बल तैनात रहेगा। मौके पर रामपुर के एसपी सगुन गौतम, सीओ धर्म सिंह, एसडीएम यमुनाधर चौहान, कोतवाल रूप सिंह बघेल, मसवासी चौकी प्रभारी राजेश कुमार, बाजपुर सीओ दीपशिखा अग्रवाल, आईपीएस/ प्रभारी कोतवाल सर्वेश कुमार पंवार, बाजपुर दोराहा पुलिस चौकी इंचार्ज सुरेंद्र कोरंगा आदि थे। संवाद
विज्ञापन
किसान बेटियों का धरना सातवें दिन भी जारी
बाजपुर। दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में किसान बेटियों का धरना सातवें दिन भी जारी रहा। भगत सिंह चौक पर पिछले बृहस्पतिवार को तीन किसान बेटियों ने धरना देकर आंदोलन की शुरूआत की थी। बुधवार को गुरुद्वारा साहिब के सामने से जुलूस के रूप में किसान और बच्चे भगत सिंह चौक पहुंचे। वहां पर महकराज सिंह, कुंवरजीत सिंह पूनिया, कुलवंत सिंह, परमजीत सिंह, बल्देव सिंह, योगेंद्र सिंह, रेशम सिंह, पवन सिंह, जसकिरन कौर, सुनीता टम्टा आदि थे।
भाजपा को किसान रैली करने का अधिकार नहीं : बेहड़
रुद्रपुर। पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता तिलक राज बेहड़ ने कहा कि देश के किसान केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलित हैं। भाजपा किसानों का मजाक उड़ाने में लगी है। भारतीय जनता पार्टी रुद्रपुर में बृहस्पतिवार को रैली करने जा रही है लेकिन भाजपा को रैली करने का कोई अधिकार नहीं है। रुद्रपुर में रैली करके भाजपा किसानों के जले पर नमक छिड़कने का काम कर रही है। किसानों का धान नही खरीदा जा रहा है। चीनी मिलें सुचारु नहीं चल पा रही हैं। भाजपा ने उत्तराखंड और जिले के किसानों के साथ धोखा किया है।
केंद्र सरकार का पुतला फूंका
किच्छा। कृषि कानून के विरोध में पूर्व विधायक नारायण पाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उत्तम नगर स्थित गुरुद्वारा साहिब के सामने केंद्र सरकार का पुतला फूंक विरोध दर्ज किया। किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह संधू ने कहा कि केंद्र सरकार के अड़ियल रवैये के कारण पूरे देश के किसानों में रोष है। देश के किसान केंद्र सरकार को आगामी चुनावों में जवाब देंगे। वहां पर सरताज अली गुड्डू, मो. अहमद, भूपेंद्र सिंह चीमा, राजेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, दलेर सिंह, बलदेव सिंह, गगन दीप सिंह, बलबीर सिंह, अजविंद्र सिंह, अरुण तनेजा, फिरदौस सलमानी आदि थे।