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एस्मा से सहमी यूनियनों को कार्यालय खाली करने के निर्देश
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काशीपुर। अति आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लगाने के बाद उत्तराखंड परिवहन निगम प्रबंधन ने कर्मचारी यूनियनों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। निगम के महाप्रबंधक (परिचालन) ने सभी सहायक महाप्रबंधकों को पत्र भेजकर सभी यूनियनों के कार्यालय खाली कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी यूनियनों की गतिविधियों का ब्योरा भी तलब किया है।
रोडवेज की कर्मचारी यूनियनें आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से चालकों और परिचालकों की भर्ती का विरोध कर रहीं हैं इसलिए परिवहन निगम ने सितंबर में कर्मचारी यूनियनों के आंदोलन पर रोक लगा दी है। इसके लिए निगम में छह माह के लिए एस्मा लागू किया गया है। कर्मचारी यूनियनों ने इसे मनमानी बताया है लेकिन कार्रवाई के डर से यूनियनों ने आंदोलन नहीं किया।
महाप्रबंधक (परिचालन) दीपक जैन से सभी आरएम, एआरएम को पत्र भेजा है। इसमें बताया कि अधिकतर डिपो परिसरों में रोडवेज कर्मचारी यूनियनों ने अपनी ऋण समितियों के कार्यालय खोले हैं। इससे निगम के कार्यालयी कामकाज के लिए जगह की कमी हो रही है। इसलिए उन्होंने यूनियनों के कार्यालय खाली करा भवनों को कार्यालयी उपयोग में लाने के आदेश दिए हैं।
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उन्होंने सभी एआरएम से सक्रिय यूनियनों की गतिविधियों और आंदोलनों आदि का ब्योरा भी मांगा है। निगम प्रबंधन ने पहले भी ऐसे आदेश दिए थे। इसके बावजूद यूनियनों ने कार्यालय खाली नहीं किए। इस मामले में अधिक जानकारी जुटाने के लिए कई अधिकारियों से वार्ता करने का प्रयास किया गया, लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया।
एआरएम से लेकर आरएम तक के नंबरों पर नहीं मिलता जवाब
काशीपुर। परिवहन ने अपने अधिकारियों को सीयूजी नंबर उपलब्ध कराए हैं लेकिन एआरएम से लेकर आरएम का सीयूजी नंबर पर कभी जवाब नहीं मिलता। कभीकभार जीएम (परिचालन) का नंबर लग जाता है तो कई बार वह भी जवाब नहीं देते। काशीपुर डिपो में प्रभारी एआरएम ने इसी माह कार्यभार ग्रहण किया लेकिन उस दिन के बाद वह कार्यालय में नहीं मिले। उनका सीयूजी नंबर स्विच ऑफ है। काठगोदाम के आरएम ने भी फोन नहीं उठाया। महाप्रबंधक (परिचालन) दीपक जैन से कई बार बात हो जाती है लेकिन इस बार उनसे भी बात नहीं हो सकी।
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रोडवेज की कर्मचारी यूनियनें आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से चालकों और परिचालकों की भर्ती का विरोध कर रहीं हैं इसलिए परिवहन निगम ने सितंबर में कर्मचारी यूनियनों के आंदोलन पर रोक लगा दी है। इसके लिए निगम में छह माह के लिए एस्मा लागू किया गया है। कर्मचारी यूनियनों ने इसे मनमानी बताया है लेकिन कार्रवाई के डर से यूनियनों ने आंदोलन नहीं किया।
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महाप्रबंधक (परिचालन) दीपक जैन से सभी आरएम, एआरएम को पत्र भेजा है। इसमें बताया कि अधिकतर डिपो परिसरों में रोडवेज कर्मचारी यूनियनों ने अपनी ऋण समितियों के कार्यालय खोले हैं। इससे निगम के कार्यालयी कामकाज के लिए जगह की कमी हो रही है। इसलिए उन्होंने यूनियनों के कार्यालय खाली करा भवनों को कार्यालयी उपयोग में लाने के आदेश दिए हैं।
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उन्होंने सभी एआरएम से सक्रिय यूनियनों की गतिविधियों और आंदोलनों आदि का ब्योरा भी मांगा है। निगम प्रबंधन ने पहले भी ऐसे आदेश दिए थे। इसके बावजूद यूनियनों ने कार्यालय खाली नहीं किए। इस मामले में अधिक जानकारी जुटाने के लिए कई अधिकारियों से वार्ता करने का प्रयास किया गया, लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया।
एआरएम से लेकर आरएम तक के नंबरों पर नहीं मिलता जवाब
काशीपुर। परिवहन ने अपने अधिकारियों को सीयूजी नंबर उपलब्ध कराए हैं लेकिन एआरएम से लेकर आरएम का सीयूजी नंबर पर कभी जवाब नहीं मिलता। कभीकभार जीएम (परिचालन) का नंबर लग जाता है तो कई बार वह भी जवाब नहीं देते। काशीपुर डिपो में प्रभारी एआरएम ने इसी माह कार्यभार ग्रहण किया लेकिन उस दिन के बाद वह कार्यालय में नहीं मिले। उनका सीयूजी नंबर स्विच ऑफ है। काठगोदाम के आरएम ने भी फोन नहीं उठाया। महाप्रबंधक (परिचालन) दीपक जैन से कई बार बात हो जाती है लेकिन इस बार उनसे भी बात नहीं हो सकी।