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अतिक्रमण : धोखा किसे दिया, शहर को या हाइकोर्ट के आदेश को
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
Updated Wed, 11 Apr 2018 12:18 AM IST
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गल्ला मंडी में अतिक्रमण तोड़ती जेसीबी।
- फोटो : अमर उजाला
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शहर में अतिक्रमण हटाने के खिलाफ नगर निगम और प्रशासन अपने हौसले की परीक्षा में फेल हो गया। हाइकोर्ट के आदेश पर नगर निगम ने पुलिस प्रशासन की मदद से अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू तो किया लेकिन जेसीबी का पंजा अधिकांश कमजोर व्यापारियों के टिन शेडों पर ही गर्जना कर सका।
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बाजार के बजाए गल्ला मंडी गेट से अभियान की शुरुआत हुई और महज 150 मीटर तक चलने के बाद कार्रवाई रोक दी गई और अतिक्रमण हटाने के लिए व्यापारियों को 15 अप्रैल तक और मोहलत दे दी गई। करीब सवा घंटे की कार्रवाई के दौरान दुकानों के आगे करीब 50 टिन शेड ही ध्वस्त किए गए। वहीं जिन लोगों के टिन शेड तोड़े गए, उन्होंने अफसरों पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए हंगामा भी किया।
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नगर निगम, पुलिस प्रशासन की भारी भरकम टीम मंगलवार सुबह करीब 11:15 बजे तीन जेसीबी, एक स्काई लिफ्टर, एक लोडर वाहन, एक ट्रैक्टर, एक छोटा वाहन और दो दंगा नियंत्रण वाहनों के साथ भारी संख्या में लावलश्कर के साथ गल्ला मंडी गेट पहुंची। इसके बाद जेसीबी अवैध रूप से बने टिन शेडों पर गरजने लगी। लोगों ने अफसरों से रहम करते हुए मोहलत मांगी, लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई।
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इसी बीच विधायक राजकुमार ठुकराल समर्थकों के साथ वहां पहुंच गए। करीब 150 मीटर तक जेसीबी सड़क के दोनों तरफ बने टिन शेडों को गिराती रही और विधायक की अगुवाई में व्यापारी मोहलत देने की गुजारिश करते रहे। आधा दर्जन बार बातचीत का सिलसिला चलता-टूटता रहा और आखिरकार एमएनए जयभारत सिंह 15 अप्रैल तक मोहलत देने में राजी हो गए।
इस पर उन व्यापारियों में आक्रोश भड़क उठा, जिनके टिन शेड तोड़ गए थे। व्यापारी नेता गुलशन नारंग और अशोक राजपूत ने हंगामा करते हुए कहा कि अगर मोहलत देनी ही थी तो कमजोर लोगों के टिन शेड क्यों तोड़ दिए गए। उनको भी मोहलत मिल जाती तो नुकसान नहीं उठाना पड़ता। गल्ला मंडी में तो चिन्हीकरण हुआ ही नहीं था और न ही नोटिस भेजे गए थे, ऐसे में वहां से अभियान शुरू करना गलत है। इधर, एमएनए जयभारत ने कहा कि अतिक्रमण हटाना था तो कहीं से तो शुरू करना ही था। अवैध टिन शेड तोड़े गए हैं।
व्यापारियों की नींद और चैन गायब
रुद्रपुर में अतिक्रमण के खिलाफ होने वाली कार्रवाई ने व्यापारियों की नींद उड़ा दी थी। सोमवार की आधी रात तक व्यापारी अपनी दुकानों के आगे किए अवैध निर्माण को हटाते और हटवाते नजर आए। इस वजह से रात में बाजार में काफी भीड़भाड़ रही। मंगलवार सुबह छह बजे से ही दुकानों के आगे निर्माण हटाने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो देर शाम तक जारी था।
व्यापारियों की गुुजारिश पर उन्हें अतिक्रमण हटाने को 15 अप्रैल शाम तक की गई मोहलत दी गई है। 16 अप्रैल सुबह को फिर से अतिक्रमण ध्वस्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी चिन्हित अतिक्रमणों को ध्वस्त किया जाएगा।
जयभारत सिंह, मुख्य नगर आयुक्त।