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Udham Singh Nagar News: सिडकुल की दो कंपनियों के कर्मचारियों का हल्लाबोल, वेतन वृद्धि के लिए धरना-प्रदर्शन
Sun, 19 Apr 2026 12:56 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 19 Apr 2026 12:56 AM IST
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रुद्रपुर। सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों याजाकी और वैलराइज में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर उबाल आ गया है। शनिवार को सैकड़ों कर्मचारी काम छोड़कर सड़कों पर उतर आए और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हंगामे की स्थिति को देखते हुए क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया और पुलिस व पीएसी की तैनाती की गई।
कर्मचारियों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से वह कंपनियों में सेवाएं दे रहे हैं लेकिन उनके वेतन में कोई संतोषजनक वृद्धि नहीं हुई है जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है। उन्होंने प्रबंधन से कई बार अपनी मांगों को लेकर बातचीत की लेकिन ठोस समाधान नहीं निकला। इसके चलते उन्हें यह आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ा।
सेक्टर 11 स्थित याजाकी और सेक्टर नौ स्थित वैलराइज के कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता दिखाई। उन्होंने कंपनी परिसरों के बाहर नारेबाजी की और मांगों को तत्काल पूरा करने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि प्रबंधन उनकी जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा।
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इस मामले में कंपनियों के प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान अभी तक सामने नहीं आया है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो वे अपने आंदोलन को और तेज कर सकते हैं। इस धरना-प्रदर्शन के कारण सिडकुल क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों पर भी असर पड़ने की आशंका है।
हंगामे के आसार को देख पुलिस-पीएसी रही तैनात
याजाकी और वैलराइज कंपनी के बाहर कर्मचारियों की भीड़ जमा हुई। हंगामे के आसार को देखते हुए याजाकी कंपनी के बाहर भारी संख्या में पंतनगर व आसपास की पुलिस के अलावा पीएसी तैनात रही। वहीं दिनभर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन हुए।
जो आदेश आएंगे कंपनी उन प्रभावी दरों को करेगी लागू
याजाकी कंपनी में प्रदर्शन के बाद गेट पर एक सूचना चस्पा कर दी गई। मानव संसाधन विभाग की ओर से चस्पा नोटिस में लिखा है कि उत्तराखंड सरकार की ओर से न्यूनतम वेतन में वृद्धि के जो आदेश आएंगे कंपनी उन प्रभावी दरों को तत्काल प्रभार से लागू करेगी। कंपनी कर्मचारियों के हितों में बिना किसी देरी के उसे लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
ये मांगें रही प्रमुख
- कंपनी में न्यूनतम वेतन 18 हजार या उससे अधिक दिया जाए। शैक्षिक योग्यता के आधार पर कंपनी के अलग-अलग विभाग में नौकरी दी जाए।
- काम के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा व सुविधा की गारंटी तय हों। कर्मचारियों के लिए कंपनियों में ड्रेस कोड, जूते व अन्य सभी सुविधाएं हों।
- कंपनी में कर्मचारियों से 12 घंटे पूरा काम लिया जाता है। सभी कर्मचारियों को मात्र 12200 रुपये वेतन दिया जा रहा है। बढ़ती महंगाई में ये रुपये पर्याप्त नहीं हैं। - प्रिंस, कंपनी कर्मचारी
- कंपनियों में कर्मचारियों को काम के बदले उचित वेतन नहीं मिल रहा है। कई बार कंपनी प्रबंधन के सामने वेतन का मुद्दा उठाया। जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को मजबूर होना पड़ा। - अभिषेक सिंह, कंपनी कर्मचारी
- कंपनी में कर्मचारियों की समस्या को कोई सुनने वाला नहीं है। महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन वेतन में पिछले पांच वर्षों से बढ़ोतरी नहीं हो रही है। - कविता, कंपनी कर्मचारी
- आंदोलन करने के लिए कंपनी की ओर से मजबूर किया गया है। कर्मचारियों के वेतन में वर्षों से बढ़ोतरी नहीं की जा रही है। जबकि मजदूर की दिहाड़ी भी आठ सौ रुपये हो गई है। - शालिनी, कंपनी कर्मचारी
दो कर्मचारियों का उठाकर ले गई पुलिस, एक को गर्दन पकड़कर घसीटा
रुद्रपुर। वैलराइज कंपनी में प्रदर्शन की सूचना पर पहुंची पुलिस दो कर्मचारियों को उठाकर सिडकुल चौकी में ले आई। इसके बाद कई कर्मचारी साथियों को छोड़ने की मांग को लेकर चौकी पहुंच गए। इस बीच एक कर्मचारी को दरोगा ने गर्दन पकड़कर घसीटकर बाहर निकाल दिया जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ब्यूरो
गेट पर ताला जड़ कर्मचारियों को बाहर आने से रोका
याजाकी कंपनी के कर्मचारियों के प्रदर्शन के बाद एक और कंपनी के कर्मचारी प्रदर्शन करने के लिए कंपनी से बाहर आने लगे। इस पर कंपनी सुरक्षा कर्मी के गेट पर ताला जड़ दिया। जिससे कर्मचारी बाहर नहीं आ सके और वापस जाकर अपना काम संभाला।
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कर्मचारियों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से वह कंपनियों में सेवाएं दे रहे हैं लेकिन उनके वेतन में कोई संतोषजनक वृद्धि नहीं हुई है जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है। उन्होंने प्रबंधन से कई बार अपनी मांगों को लेकर बातचीत की लेकिन ठोस समाधान नहीं निकला। इसके चलते उन्हें यह आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ा।
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सेक्टर 11 स्थित याजाकी और सेक्टर नौ स्थित वैलराइज के कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता दिखाई। उन्होंने कंपनी परिसरों के बाहर नारेबाजी की और मांगों को तत्काल पूरा करने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि प्रबंधन उनकी जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा।
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इस मामले में कंपनियों के प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान अभी तक सामने नहीं आया है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो वे अपने आंदोलन को और तेज कर सकते हैं। इस धरना-प्रदर्शन के कारण सिडकुल क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों पर भी असर पड़ने की आशंका है।
हंगामे के आसार को देख पुलिस-पीएसी रही तैनात
याजाकी और वैलराइज कंपनी के बाहर कर्मचारियों की भीड़ जमा हुई। हंगामे के आसार को देखते हुए याजाकी कंपनी के बाहर भारी संख्या में पंतनगर व आसपास की पुलिस के अलावा पीएसी तैनात रही। वहीं दिनभर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन हुए।
जो आदेश आएंगे कंपनी उन प्रभावी दरों को करेगी लागू
याजाकी कंपनी में प्रदर्शन के बाद गेट पर एक सूचना चस्पा कर दी गई। मानव संसाधन विभाग की ओर से चस्पा नोटिस में लिखा है कि उत्तराखंड सरकार की ओर से न्यूनतम वेतन में वृद्धि के जो आदेश आएंगे कंपनी उन प्रभावी दरों को तत्काल प्रभार से लागू करेगी। कंपनी कर्मचारियों के हितों में बिना किसी देरी के उसे लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
ये मांगें रही प्रमुख
- कंपनी में न्यूनतम वेतन 18 हजार या उससे अधिक दिया जाए। शैक्षिक योग्यता के आधार पर कंपनी के अलग-अलग विभाग में नौकरी दी जाए।
- काम के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा व सुविधा की गारंटी तय हों। कर्मचारियों के लिए कंपनियों में ड्रेस कोड, जूते व अन्य सभी सुविधाएं हों।
- कंपनी में कर्मचारियों से 12 घंटे पूरा काम लिया जाता है। सभी कर्मचारियों को मात्र 12200 रुपये वेतन दिया जा रहा है। बढ़ती महंगाई में ये रुपये पर्याप्त नहीं हैं। - प्रिंस, कंपनी कर्मचारी
- कंपनियों में कर्मचारियों को काम के बदले उचित वेतन नहीं मिल रहा है। कई बार कंपनी प्रबंधन के सामने वेतन का मुद्दा उठाया। जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को मजबूर होना पड़ा। - अभिषेक सिंह, कंपनी कर्मचारी
- कंपनी में कर्मचारियों की समस्या को कोई सुनने वाला नहीं है। महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन वेतन में पिछले पांच वर्षों से बढ़ोतरी नहीं हो रही है। - कविता, कंपनी कर्मचारी
- आंदोलन करने के लिए कंपनी की ओर से मजबूर किया गया है। कर्मचारियों के वेतन में वर्षों से बढ़ोतरी नहीं की जा रही है। जबकि मजदूर की दिहाड़ी भी आठ सौ रुपये हो गई है। - शालिनी, कंपनी कर्मचारी
दो कर्मचारियों का उठाकर ले गई पुलिस, एक को गर्दन पकड़कर घसीटा
रुद्रपुर। वैलराइज कंपनी में प्रदर्शन की सूचना पर पहुंची पुलिस दो कर्मचारियों को उठाकर सिडकुल चौकी में ले आई। इसके बाद कई कर्मचारी साथियों को छोड़ने की मांग को लेकर चौकी पहुंच गए। इस बीच एक कर्मचारी को दरोगा ने गर्दन पकड़कर घसीटकर बाहर निकाल दिया जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ब्यूरो
गेट पर ताला जड़ कर्मचारियों को बाहर आने से रोका
याजाकी कंपनी के कर्मचारियों के प्रदर्शन के बाद एक और कंपनी के कर्मचारी प्रदर्शन करने के लिए कंपनी से बाहर आने लगे। इस पर कंपनी सुरक्षा कर्मी के गेट पर ताला जड़ दिया। जिससे कर्मचारी बाहर नहीं आ सके और वापस जाकर अपना काम संभाला।