दुुराचार के प्रयास पर 20 साल की सजा
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एडीजीसी विकास गुप्ता के मुताबिक एक महिला ने 17 अगस्त 2014 को दर्ज रिपोर्ट में कहा था कि सुबह साढ़े दस बजे उसकी सात साल की पुत्री मंदिर परिसर में बच्चों के साथ खेल रही थी।
इसी बीच मुखर्जीनगर वार्ड नंबर एक रुद्रपुर निवासी ओम प्रकाश सक्सेना पुत्र कुबेर सक्सेना वहां पहुंचा और उसकी पुत्री को बहला फुसलाकर अपने कमरे में ले गया।
मासूम के शोर की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और दरवाजा खुलवाया तो उसकी पुत्री रो रही थी। लोगों ने दुराचार का प्रयास कर रहे ओमप्रकाश को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया। एडीजीसी ने मामले में सात गवाह पेश किए। सोमवार को अदालत ने अभियुक्त को दुुराचार के प्रयास का दोषी करार दिया।
स्पेशल जज पाक्सो नीलम रात्रा ने 376 (511), 366 आईपीसी के तहत 10-10 साल के कारावास और 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। यह दोनों सजाएं अलग-अलग चलेंगी।