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Udham Singh Nagar News: बीएफएसआई सेक्टर में एआई की भूमिका पर किया मंथन
Mon, 07 Sep 2026 12:25 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Mon, 07 Sep 2026 12:25 AM IST
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काशीपुर आईआईएम में विषय पर मंथन करते अधिकारी
काशीपुर। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) में फ्लैगशिप सेक्टर कॉन्क्लेव नवयुग 2026: रीइन्वेंटिंग बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा (बीएफएसआई) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा क्षेत्र के अधिकारियों ने एआई एकीकरण और भविष्य के वर्कफोर्स मॉडल पर रोडमैप प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के दो प्रमुख विषय कौशल आधारित और एआई सक्षम कार्यबल मॉडल का निर्माण थे। पहले सत्र में विभिन्न बैंकों के एचआर प्रमुखों ने कहा कि अब डिग्री से ज्यादा स्किल मायने रखती है। एआई भले ही आठ घंटे का विश्लेषण 15 मिनट में कर दे, लेकिन अंतिम निर्णय मानवीय विवेक से ही होगा।
दूसरे सत्र द इंटेलिजेंट फाइनेंशियल एंटरप्राइज में वक्ताओं ने कहा कि एआई अगले दो-तीन साल में लागत घटाकर राजस्व बढ़ाएगा, लेकिन असंरचित डेटा को इंटेलिजेंस में बदलना सबसे बड़ी चुनौती है। जोखिम और फ्रॉड से जुड़े अंतिम फैसले इंसान के हाथ में ही रहने चाहिए। सत्र का संचालन आईआईएम के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गुरवीर सिंह जसवाल और लीड प्रोडक्ट मैनेजर विजय चंदोला ने किया।
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कार्यक्रम के दो प्रमुख विषय कौशल आधारित और एआई सक्षम कार्यबल मॉडल का निर्माण थे। पहले सत्र में विभिन्न बैंकों के एचआर प्रमुखों ने कहा कि अब डिग्री से ज्यादा स्किल मायने रखती है। एआई भले ही आठ घंटे का विश्लेषण 15 मिनट में कर दे, लेकिन अंतिम निर्णय मानवीय विवेक से ही होगा।
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दूसरे सत्र द इंटेलिजेंट फाइनेंशियल एंटरप्राइज में वक्ताओं ने कहा कि एआई अगले दो-तीन साल में लागत घटाकर राजस्व बढ़ाएगा, लेकिन असंरचित डेटा को इंटेलिजेंस में बदलना सबसे बड़ी चुनौती है। जोखिम और फ्रॉड से जुड़े अंतिम फैसले इंसान के हाथ में ही रहने चाहिए। सत्र का संचालन आईआईएम के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गुरवीर सिंह जसवाल और लीड प्रोडक्ट मैनेजर विजय चंदोला ने किया।
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