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खास खबर: 85 गायों से सालाना डेढ़ लाख लीटर से अधिक दुग्ध उत्पादन, 70 लाख रुपये का हो रहा वार्षिक कारोबार

Sat, 24 May 2025 02:04 PM IST
हीरा मेहरा आदर्श सिंह, अमर उजाला
आदर्श सिंह, अमर उजाला Published by: हीरा मेहरा Updated Sat, 24 May 2025 02:04 PM IST
सार

दीपक और कमल ने डेयरी का कारोबार कर सफलता की नई कहानी लिखी है। खीमा नंद शर्मा ने गोसेवा की मंशा से साल 2021 में शर्मा सुरभि दुग्ध फार्म नाम से शुरू की। बाद में उनके बेटों दीपक और कमल शर्मा ने एक कदम आगे बढ़कर इसे कारोबार के रूप में अपनाया। 

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Deepak and Kamal are producing more than 1.5 lakh liters of milk annually from 85 cows in kashipur
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

बाजपुर के नमूना गांव निवासी दीपक और कमल ने डेयरी का कारोबार कर सफलता की नई कहानी लिखी है। खीमा नंद शर्मा ने गोसेवा की मंशा से साल 2021 में शर्मा सुरभि दुग्ध फार्म नाम से शुरू की। बाद में उनके बेटों दीपक और कमल शर्मा ने एक कदम आगे बढ़कर इसे कारोबार के रूप में अपनाया। डेयरी में 85 गायों से सालाना डेढ़ लाख से अधिक दूध का उत्पादन हो रहा है। इससे वह सालाना 70 लाख रुपये का कारोबार करते हैं। साथ ही डेयरी उत्पाद और जैविक खेती से उगाई सब्जियों की बिक्री से भी वह अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।

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85 गाय और सालाना डेढ़ लाख लीटर से अधिक दुग्ध उत्पादन
कमल और दीपक ने बताया कि उन्होंने दूध उत्पादन के लिए जानी जाने वाली एचएफ, साहीवाल आदि प्रजाति की गायों का डेयरी में रखा है। डेयरी से रोजाना 450 लीटर दूध की सप्लाई होती है। दीपक ने बताया कि गर्मियों के दिनों में उत्पादन कम होता है, जबकि सर्दियों में गाय ज्यादा दूध देती हैं। कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) में उद्यान वैज्ञानिक डॉ. अनिल चंद्रा के मार्गदर्शन में नर्सरी प्रबंधन का प्रशिक्षण लेकर उन्होंने जैविक खेती शुरू की। खेत में बैंगन, टमाटर, तुरई, करेला, लौकी, कद्दू आदि सब्जियों के तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले चार महीनों में सब्जियों को बेचकर दो लाख रुपये तक कमाई हुई है। उन्होंने बताया कि डेयरी पर दूध के साथ घी, छाछ, शहद, सरसों का तेल और सब्जियों की बिक्री भी की जाती है।

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मशीन से निकालते हैं दूध
दोनों भाई बताते हैं कि गाय का दूध निकालने के लिए मशीन का प्रयोग होता है। इसके बाद दूध को बल्क मिल्क कूलर (बीएमसी) में रखा जाता है। यह ऑटोमेटिक मशीन तीन डिग्री तापमान तक दूध को ठंडा रखती है। इसमें लगे पंखे दूध में मलाई नहीं जमने देते। रात में दूध जमा करके अगली सुबह सप्लाई के लिए गाड़ी हल्द्वानी निकल जाती है। डेयरी में दूध के साथ ही घी, छाछ आदि उत्पादों की भी सप्लाई होती है।

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गायों को देते हैं सुपर नेपियर घास
दूध उत्पादन के लिए गायों की सेहत का खास ध्यान रखते हैं। इसके लिए खास तरह की चारा दिया जाता है। उन्होंने बताया कि गायों के चारा के लिए पंजाब से खास तरह की सुपर नेपियर के बीज मंगवाकर यहां बुवाई की है। गाय के गोबर और गौमूत्र से जैविक खाद बनाते हैं, जिसे खेती में इस्तेमाल करते हैं।

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