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बगैर पोस्टमार्टम के घर पहुंचा दिए थे शव
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर
Updated Thu, 19 Jul 2018 12:30 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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केमिकल टैंक की फिटिंग के दौरान हुए हादसे से पेपर मिल प्रबंधन की भूमिका पर सवालिया निशान उठने लगे हैं। नया टैंक स्थापित करने से पहले सेफ्टी मानकों का प्रयोग नहीं किया गया। प्रबंधन द्वारा समय से सूचना न दिए जाने से पुलिस भी 12 घंटे बाद तक घटना को लेकर बेखबर रही। रात आठ बजे हुए हादसे की सूचना मिल प्रबंधन ने सुबह साढ़े आठ बजे दी।
काशीपुर रोड स्थित पेपर मिल में आसपास के लोगों ने तेज धमाके की आवाज सुनी। लेकिन, आसपास आबादी क्षेत्र कम होने के कारण मामला उजागर नहीं हो सका। रात भर मामले पर पर्दा डालने का प्रयास होता रहा। सुबह तक पुलिस इस पूरे मामले से अनभिज्ञ रही। मिल के विधि कर्मी पीके सिंह ने बुधवार की सुबह करीब साढे़ आठ बजे पुलिस को सूचित किया। सूचना पर पहुंचे प्रभारी कोतवाल ने निरीक्षण के दौरान पाया कि नया टैंक स्थापित करने से पहले मिल प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए थे। अगर मिल प्रशासन सतर्कता बरतता तो शायद इस हादसे को टाला जा सकता था। चर्चा यहां तक है कि घटना पर पर्दा डालने के लिए मिल प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को भरोसे में लेकर शवों को खामोशी से उनके घर भेज दिया। मृतकों का पोस्टमार्टम कराने के लिए भी पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। इससे मिल प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं। मिल प्रशासन का कहना है कि मंगलवार रात तीन बजकर तीस मिनट पर पुलिस को सूचना दे दी गई थी। लेकिन पुलिस सुबह आठ बजे बाद सूचना मिलने की बात कह रही है। दोनों ही मृतक गरीब परिवारों से संबंध रखते हैं। मृतक मो. अली अपने परिवार में अकेला कमाने वाला था। वह पेपर मिल में वेल्डर के पद पर था। जबकि रवि के घर की माली हालत भी बहुत खराब बताई गई है।
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मृतक आश्रितों को दी एक-एक लाख की सहायता
जसपुर। मिल प्रबंधक बलवीर सिंह सहोता ने दोनों मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को फिलहाल एक-एक लाख रुपये की सहायता की है। उन्होंने बताया कि मृतक आश्रितों को इंश्योरेंस का लाभ दिलाने का भी प्रयास किया जाएगा। ईएसआई से मृतक आश्रितों को पेंशन भी दिलाई जाएगी।
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कंपनी ने निम्न गुणवत्ता का टैंक लगवाया था
जसपुर। टैंक फटने के मामले में निम्न गुणवत्ता का टैंक कंपनी द्वारा आपूर्ति करने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि उक्त टैंक गाजियाबाद की एक कंपनी से मंगाया गया था। पेपर मिल के चेयरमैन बलवीर सिंह सहोता का कहना है कि टैंक की गुणवत्ता की तकनीकी विशेषज्ञों से जांच कराई जाएगी। जिस कंपनी से टैंक मंगाया गया है उसे नोटिस भेजा जाएगा। इधर, विधायक आदेश चौहान ने बताया कि वह मृतकों के परिजनों से मिले थे। वह परिजनों को राज्य सरकार से सहायता दिलाने का अनुरोध करेंगे।
बुधवार की सुबह साढ़े आठ बजे पेपर मिल में हादसे की सूचना मिली थी। जबकि मामला मंगलवार रात किसी समय का है। रात ही में हादसे की सूचना क्यों नहीं दी गई और सुरक्षा मानकों का ध्यान क्यों नही रखा गया। इन बिंदुओं पर जांच की जा रही है। फिलहाल अभी कोई तहरीर नहीं मिली है।
-सुशील कुमार, प्रभारी कोतवाल, जसपुर।