{"_id":"615dbf9b8ebc3e17554dfd2f","slug":"cultural-programme-rudrapur-news-hld440486170","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रद्धालुओं ने गाजेबाजे के साथ निकाली भव्य शोभायात्रा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रद्धालुओं ने गाजेबाजे के साथ निकाली भव्य शोभायात्रा
विज्ञापन
दिनेशपुर में कदली वृक्ष छेदन कार्यक्रम में शोभायात्रा निकालते श्रद्धालु।
- फोटो : RUDRAPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दुर्गा पूजा कमेटी के नेतृत्व में कदली वृक्ष छेदन कार्यक्रम का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने गाजे बाजे के साथ नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली। इसके साथ ही नगर व क्षेत्र में दुर्गा पूजा महोत्सव का आगाज हो गया।
बांग्ला पंचांग के तिथि लग्नानुसार अमावस्या की समाप्ति के बाद बुधवार की शाम को दुर्गा मंदिर प्रांगण से शुरू हुई शोभायात्रा मुख्य बाजार से होती हुई वार्ड नंबर दो मोतीपुर पहुंची। पुरोहित सुरंजन चक्रवर्ती ने निर्धारित समय पर केले के वृक्ष की पूजा संपन्न कराई। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चारण मंगल ध्वनि और मां के जयकारे के बीच केले के कांद को पेड़ से काटा गया। विभिन्न वार्डों से केले के कांद को काटकर मंदिर प्रांगण में स्थापित किया गया।
पुरोहित ने बताया कि मां के चरणों में प्रसाद स्वरूप फल को चढ़ाने के लिए प्रथम नवरात्र से ठीक पहले श्राद्ध व अमावस्या की समाप्ति के बाद कच्चे केले के कांद को काटकर मंदिर में खुले में टांग दिया जाता है। चार दिन में कच्चा केला आश्चर्यजनक तरीके से पक जाता है जिससे षष्ठी से प्रतिदिन प्रसाद स्वरूप मां के चरणों में चढ़ाया जाता है। नगर के अलावा क्षेत्र के नौ स्थानों पर पूजा हो रही है। सभी स्थानों पर बुधवार को भी कदली वृक्ष छेदन का कार्यक्रम हुआ। वह कमेटी के अध्यक्ष मृत्युंजय सरकार, नगर पंचायत अध्यक्ष सीमा सरकार, हिमांशु सरकार, विजय मंडल, ममता हालदार, आशुतोष राय, काजल राय, नित्यानंद मंडल, दीपांकर राय, सुनीता मिस्त्री आदि थे। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
बांग्ला पंचांग के तिथि लग्नानुसार अमावस्या की समाप्ति के बाद बुधवार की शाम को दुर्गा मंदिर प्रांगण से शुरू हुई शोभायात्रा मुख्य बाजार से होती हुई वार्ड नंबर दो मोतीपुर पहुंची। पुरोहित सुरंजन चक्रवर्ती ने निर्धारित समय पर केले के वृक्ष की पूजा संपन्न कराई। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चारण मंगल ध्वनि और मां के जयकारे के बीच केले के कांद को पेड़ से काटा गया। विभिन्न वार्डों से केले के कांद को काटकर मंदिर प्रांगण में स्थापित किया गया।
विज्ञापन
पुरोहित ने बताया कि मां के चरणों में प्रसाद स्वरूप फल को चढ़ाने के लिए प्रथम नवरात्र से ठीक पहले श्राद्ध व अमावस्या की समाप्ति के बाद कच्चे केले के कांद को काटकर मंदिर में खुले में टांग दिया जाता है। चार दिन में कच्चा केला आश्चर्यजनक तरीके से पक जाता है जिससे षष्ठी से प्रतिदिन प्रसाद स्वरूप मां के चरणों में चढ़ाया जाता है। नगर के अलावा क्षेत्र के नौ स्थानों पर पूजा हो रही है। सभी स्थानों पर बुधवार को भी कदली वृक्ष छेदन का कार्यक्रम हुआ। वह कमेटी के अध्यक्ष मृत्युंजय सरकार, नगर पंचायत अध्यक्ष सीमा सरकार, हिमांशु सरकार, विजय मंडल, ममता हालदार, आशुतोष राय, काजल राय, नित्यानंद मंडल, दीपांकर राय, सुनीता मिस्त्री आदि थे। (संवाद)
विज्ञापन