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महिलाओं ने वट सावित्री का व्रत रखकर पति की दीर्घायु की कामना की
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वट की पूजा करती महिला।
- फोटो : KITCHHA
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रुद्रपुर/खटीमा/दिनेशपुर/किच्छा। वट सावित्री व्रत के दिन साल का पहला सूर्य ग्रहण लगा। पुरोहितों की मानें तो सूर्य ग्रहण सिर्फ भारत के अरुणाचल प्रदेश में आंशिक तौर पर दिखाई दिया। रुद्रपुर और खटीमा में सुहागिन महिलाओं ने पति की दीर्घायु के लिए सुबह बरगद के पेड़ की पूजा अर्चना कर प्रसाद चढ़ाया और सुख समृद्धि की कामना की।
बृहस्पतिवार को श्रृंगार करने के बाद महिलाओं ने विधि विधान के साथ बरगद के पेड़ में कलावा बांधकर पति की लंबी आयु की कामना की। प्रसाद के रूप में महिलाओं ने पूए, पूड़ी व हलवा भी चढ़ाया। इसके साथ ही सोशल मीडिया में फोटो पोस्ट करके सबको वट सावित्री व्रत की बधाइयां भी दी। प्राचीन अटरिया मंदिर के पुजारी पंकज गौड़ ने बताया कि पुराणों में जब सावित्री ने यमराज से पति सत्यवान की मृत्यु वापस लेकर धरती में आई तब वह वट के वृक्ष के नीचे बैठ गई थी। इस वजह से ही महिलाएं वट (बरगद) वृक्ष की पूजा अर्चना कर उन्हें भोग अर्पण करती हैं।
बताया कि सूर्य ग्रहण पड़ने पर धार्मिक मान्यताओं के अनुसार किसी भी शुभ कार्यों को करने की मनाही होती है। सूतक के दौरान भगवान की पूजा करना वर्जित माना जाता है। लेकिन इस बार का सूर्य ग्रहण सिर्फ अरुणाचल प्रदेश में आंशिक तौर पर देखा गया। इसलिए विवाहित महिलाएं वट सावित्री व्रत की पूजा पूरे विधि विधान से कर सकती हैं। इधर, खटीमा के नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं ने वट सावित्री उपवास रखकर बरगद, पीपल एवं नीम के वृक्षों की पूजा की। प्राचीन बाबा भूमसेन महाराज मंदिर वार्ड संख्या 13 के पुजारी बाबा नंदलाल ने बताया कि मंदिर परिसर में बरगद, पीपल तथा नीम संयुक्त रूप से पूजे जाते हैं।
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इधर, दिनेशपुर के वार्ड नंबर पांच स्थित काली मंदिर स्थित वट वृक्ष के पास महिला समिति की ओर से पूजा कार्यक्रम आयोजन किया गया। बृहस्पतिवार सुबह मंदिर के सामने लंगर वितरण किया गया। वहां वार्ड सभासद सुनीला मिस्त्री, शिखा ढाली, हेमा चक्रवर्ती, प्रभा राय,मालती गाईन, करुणा मल्लिक, निराला मल्लिक आदि थे। इधर, किच्छा में वट सावित्री पर्व धूमधाम से मनाया गया। बंडिया स्थित शिव मंदिर में महिलाओं की भीड़ लगी रहीं। (संवाद)
बाजपुर में महिलाओं ने रोपे पौधे
बाजपुर। सुहागिन महिलाओं ने वट वक्ष की पूजन कर पति की दीर्घायु की कामना की। बृहस्पतिवार को गांव लखनपुर में सहजयोग परिवार की ओर से सुहागिन महिलाओं ने सात बरगद के पौधे रोपे। पूनम जोशी ने बताया कि महिलाओं ने रोपे गए पौधों की परवरिश करने का भी संकल्प लिया है। वहां पर बेबी चौबे, नेहा बसेड़ा, जमुना देवी, रेखा चुफाल, रिंकू, कौशल्या, पावनी, खुशी आदि थे। इधर, हल्द्वानी बस स्टैंड के सामने शिव मंदिर पर भी सुहागिनों ने पूजा की। (संवाद)
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बृहस्पतिवार को श्रृंगार करने के बाद महिलाओं ने विधि विधान के साथ बरगद के पेड़ में कलावा बांधकर पति की लंबी आयु की कामना की। प्रसाद के रूप में महिलाओं ने पूए, पूड़ी व हलवा भी चढ़ाया। इसके साथ ही सोशल मीडिया में फोटो पोस्ट करके सबको वट सावित्री व्रत की बधाइयां भी दी। प्राचीन अटरिया मंदिर के पुजारी पंकज गौड़ ने बताया कि पुराणों में जब सावित्री ने यमराज से पति सत्यवान की मृत्यु वापस लेकर धरती में आई तब वह वट के वृक्ष के नीचे बैठ गई थी। इस वजह से ही महिलाएं वट (बरगद) वृक्ष की पूजा अर्चना कर उन्हें भोग अर्पण करती हैं।
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बताया कि सूर्य ग्रहण पड़ने पर धार्मिक मान्यताओं के अनुसार किसी भी शुभ कार्यों को करने की मनाही होती है। सूतक के दौरान भगवान की पूजा करना वर्जित माना जाता है। लेकिन इस बार का सूर्य ग्रहण सिर्फ अरुणाचल प्रदेश में आंशिक तौर पर देखा गया। इसलिए विवाहित महिलाएं वट सावित्री व्रत की पूजा पूरे विधि विधान से कर सकती हैं। इधर, खटीमा के नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं ने वट सावित्री उपवास रखकर बरगद, पीपल एवं नीम के वृक्षों की पूजा की। प्राचीन बाबा भूमसेन महाराज मंदिर वार्ड संख्या 13 के पुजारी बाबा नंदलाल ने बताया कि मंदिर परिसर में बरगद, पीपल तथा नीम संयुक्त रूप से पूजे जाते हैं।
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इधर, दिनेशपुर के वार्ड नंबर पांच स्थित काली मंदिर स्थित वट वृक्ष के पास महिला समिति की ओर से पूजा कार्यक्रम आयोजन किया गया। बृहस्पतिवार सुबह मंदिर के सामने लंगर वितरण किया गया। वहां वार्ड सभासद सुनीला मिस्त्री, शिखा ढाली, हेमा चक्रवर्ती, प्रभा राय,मालती गाईन, करुणा मल्लिक, निराला मल्लिक आदि थे। इधर, किच्छा में वट सावित्री पर्व धूमधाम से मनाया गया। बंडिया स्थित शिव मंदिर में महिलाओं की भीड़ लगी रहीं। (संवाद)
बाजपुर में महिलाओं ने रोपे पौधे
बाजपुर। सुहागिन महिलाओं ने वट वक्ष की पूजन कर पति की दीर्घायु की कामना की। बृहस्पतिवार को गांव लखनपुर में सहजयोग परिवार की ओर से सुहागिन महिलाओं ने सात बरगद के पौधे रोपे। पूनम जोशी ने बताया कि महिलाओं ने रोपे गए पौधों की परवरिश करने का भी संकल्प लिया है। वहां पर बेबी चौबे, नेहा बसेड़ा, जमुना देवी, रेखा चुफाल, रिंकू, कौशल्या, पावनी, खुशी आदि थे। इधर, हल्द्वानी बस स्टैंड के सामने शिव मंदिर पर भी सुहागिनों ने पूजा की। (संवाद)

बंडिया के शिव मंदिर में वट सावित्री के मौके पर एकत्र महिलाएं।- फोटो : KITCHHA

बाजपुर के शिव मंदिर में वट वृक्ष की पूजा करतीं सुहागिन महिलाएं।- फोटो : BAZPUR

दिनेशपुर में वट सावित्री पर्व पर पूजा-अर्चना करतीं महिलाएं।- फोटो : RUDRAPUR

खटीमा में वार्ड संख्या 13 में वट सावित्री की पूजा-अर्चना करतीं महिलाएं।- फोटो : KHATIMA

रुद्रपुर में वट सावित्री की पूजा-अर्चना करतीं महिलाएं।- फोटो : RUDRAPUR