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सिडकुल फेज टू की 17 एकड़ भूमि में बोयी फसल
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सिडकुल में प्रशासन की कब्जे की जमीन पर उगी गेहूं की फसल।
- फोटो : SITARGANJ
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औद्योगिक पार्क सिडकुल फेज टू की 17 एकड़ भूमि में अतिक्रमणकारियों ने गेहूं की फसल बो दी। अवैध कब्जेदार लगातार बेशकीमती भूमि में फसल उगाकर बेच रहे हैं। सिडकुल प्रशासन अतिक्रमण के मामले में सीमांकन को लेकर राजस्व विभाग के अफसरों के पाले में अवैध कब्जे की गेंद डाल रहा है।
जेल विभाग की करीब 2800 एकड़ भूमि दो बार में सिडकुल फेज वन, फेज टू के निर्माण के लिए सिडकुल प्रशासन को ट्रांसफर की गई है। सिडकुल फेज टू निर्माणाधीन है। यहां देश, विदेश की औद्योगिक इकाइयों में उद्यमी कई हजार करोड़ का निवेश कर रहे हैं।
इसके बावजूद सिडकुल फेज टू के स्वामित्व वाली अधिकांश जमीन पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा बरकरार है। अतिक्रमणकारी फेज टू की भूमि में हर साल फसलें उगाकर काट रहे हैं। इस बार भी भूमि में गेहूं की फसल उगाई गई है। अतिक्रमणकारियों ने अवैध कब्जे के बड़े हिस्से से गेहूं की फसल काटकर बेच दी है। जबकि फेज टू के कुछ गांवों में गेहूं की पकी फसल लहलहा रही है। अतिक्रमणकारी इसे चुपचाप काटने का प्रयास कर रहे हैं। सिडकुल प्रशासन फेज टू की भूमि में बोई और काटे जाने वाली फसलों को लेकर गंभीर नहीं है।
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सर्वे ऑफ इंडिया से पैमाइश कराने पर जोर
सितारगंज। फेज टू को ट्रांसफर की गई भूमि के सीमांकन को लेकर सिडकुल प्रशासन ने कई बार सवाल उठाए हैं। विभाग फेज टू के अंतर्गत आने वाली भूमि का सर्वे ऑफ इंडिया से सीमांकन कराने पर तुला है। ऐसा होने के बाद सिडकुल की भूमि में हुए अवैध कब्जों का राज खुल जाएगा।
पिछले साल मुक्त कराई भूमि पर फिर बोयी फसल
सितारगंज। सिडकुल फेज टू की भूमि पर पिछले साल लॉकडाउन के दौरान अतिक्रमणकारियों ने गेहूं की फसल बो दी थी। सिडकुल प्रशासन ने जिले के विभिन्न थानों की फोर्स मंगवाकर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कर करीब 600 क्विंटल गेहूं की फसल को कब्जे में ले लिया था। इसके बावजूद दोबारा फेज टू की भूमि में अतिक्रमणकारियों ने फसल उगाकर विभागीय अफसरों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पिछले साल बोयी गई 12 एकड़ भूमि में इस बार फसल नहीं उगाई गई है। करीब 17 एकड़ फेज टू की भूमि में अतिक्रमणकारियों ने गेहूं बोई है। लेखपाल फेज टू की भूमि के मामले में नपत सही नहीं कर पा रहे है। सर्वे ऑफ इंडिया से भूमि का सीमांकन कराया जाए। - राकेश पांडे, भूमि सर्वेयर, सिडकुल प्रशासन
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जेल विभाग की करीब 2800 एकड़ भूमि दो बार में सिडकुल फेज वन, फेज टू के निर्माण के लिए सिडकुल प्रशासन को ट्रांसफर की गई है। सिडकुल फेज टू निर्माणाधीन है। यहां देश, विदेश की औद्योगिक इकाइयों में उद्यमी कई हजार करोड़ का निवेश कर रहे हैं।
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इसके बावजूद सिडकुल फेज टू के स्वामित्व वाली अधिकांश जमीन पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा बरकरार है। अतिक्रमणकारी फेज टू की भूमि में हर साल फसलें उगाकर काट रहे हैं। इस बार भी भूमि में गेहूं की फसल उगाई गई है। अतिक्रमणकारियों ने अवैध कब्जे के बड़े हिस्से से गेहूं की फसल काटकर बेच दी है। जबकि फेज टू के कुछ गांवों में गेहूं की पकी फसल लहलहा रही है। अतिक्रमणकारी इसे चुपचाप काटने का प्रयास कर रहे हैं। सिडकुल प्रशासन फेज टू की भूमि में बोई और काटे जाने वाली फसलों को लेकर गंभीर नहीं है।
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सर्वे ऑफ इंडिया से पैमाइश कराने पर जोर
सितारगंज। फेज टू को ट्रांसफर की गई भूमि के सीमांकन को लेकर सिडकुल प्रशासन ने कई बार सवाल उठाए हैं। विभाग फेज टू के अंतर्गत आने वाली भूमि का सर्वे ऑफ इंडिया से सीमांकन कराने पर तुला है। ऐसा होने के बाद सिडकुल की भूमि में हुए अवैध कब्जों का राज खुल जाएगा।
पिछले साल मुक्त कराई भूमि पर फिर बोयी फसल
सितारगंज। सिडकुल फेज टू की भूमि पर पिछले साल लॉकडाउन के दौरान अतिक्रमणकारियों ने गेहूं की फसल बो दी थी। सिडकुल प्रशासन ने जिले के विभिन्न थानों की फोर्स मंगवाकर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कर करीब 600 क्विंटल गेहूं की फसल को कब्जे में ले लिया था। इसके बावजूद दोबारा फेज टू की भूमि में अतिक्रमणकारियों ने फसल उगाकर विभागीय अफसरों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पिछले साल बोयी गई 12 एकड़ भूमि में इस बार फसल नहीं उगाई गई है। करीब 17 एकड़ फेज टू की भूमि में अतिक्रमणकारियों ने गेहूं बोई है। लेखपाल फेज टू की भूमि के मामले में नपत सही नहीं कर पा रहे है। सर्वे ऑफ इंडिया से भूमि का सीमांकन कराया जाए। - राकेश पांडे, भूमि सर्वेयर, सिडकुल प्रशासन