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यूटर्न! ठुकराल मामले में अपनी तहरीर से मुकरा वादी
ब्यूरो/ अमर उजाला ब्यूरो, ऊधमसिंह नगर
Updated Mon, 12 Mar 2018 12:06 AM IST
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राजकुमार ठुकराल
- फोटो : अमर उजाला
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विधायक राजकुमार ठुकराल के आवास पर महिलाओं से हुई मारपीट के हाइप्रोफाइल मामले में वादी ने यूटर्न ले लिया है। मुकदमा दर्ज कराने के बाद अचानक ई-स्टांप में लिखे राजीनामा में अपनी ही तहरीर को बहकावे में आकर झूठा बताते हुए एसपी सिटी देवेंद्र पींचा को सौंपा। उसने खुद को ओबीसी जाति का बताते हुए आगे किसी तरह की कार्रवाई से इनकार कर दिया है। वादी के मुताबिक विधायक ने घर आकर परिवार से खेद जताया है। हालांकि विधायक इससे इनकार कर रहे हैं।
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विधायक आवास पर दो परिवारों के बीच हुई पंचायत में महिलाओं से मारपीट का मामला भाजपा प्रदेश हाईकमान तक भी पहुंच गया। विधायक के लिए स्थितियां उस समय और दुरूह हो गईं, जब मारपीट के 24 घंटे बाद चोटिल महिलाओं ने चोटें दिखाई और परिवार के मुखिया रामकिशोर ने कोतवाली में विधायक सहित तीन भाजपाइयों के खिलाफ तहरीर दे दी। इधर वीडियो वायरल होते ही मामले ने तूल पकड़ा तो परिवार पर समझौते का दबाव पड़ना शुरू हो गया।
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मामला हाइकमान तक पहुंचा तो सकते में आए विधायक शनिवार रात रामकिशोर के घर पर पहुंच गए थे। बंद कमरे के भीतर दोनों पक्षों में हुई सुलह का असर यह रहा कि रविवार को रामकिशोर बैकफुट पर नजर आए। उन्होंने ई- स्टांप में चार गवाहों के हस्ताक्षरों के साथ लिखे राजीनामे में कहा कि विधायक ने मारपीट नहीं बल्कि दो पक्षों में हो रही हाथापाई में बीचबचाव किया था। विवाद नहीं सुलझने से नाराज होकर और लोगों के बहकावे के आकर थाने में झूठी तहरीर दी थी।
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...तो केवल एनसीआर ही रह जाएगी
रुद्रपुर। वादी रामकिशोर ने खुद को ओबीसी जाति का होने की बात कही है। लेकिन कोतवाली में दर्ज मुकदमे में मारपीट, गालीगलौज के साथ ही एससी/एसटी एक्ट भी लगाई गई थी। चूंकि रामकिशोर का परिवार ओबीसी में आता है लिहाजा जांच में एससी/एसटी की धारा हट जाएगी। ऐसे में यह मुकदमा केवल एनसीआर तक ही सीमित रह जाएगा। इसका भी हश्र छह महीने पहले कोतवाली में हुए मारपीट प्रकरण की एनसीआर की तरह ही होगा। इस एनसीआर से भी विधायक की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ा।
कहीं भारी न पड़ जाए झूठा मुकदमा लिखाना
रुद्रपुर। शनिवार को तीखे तेवरों में विधायक को खरीखोटी सुना रहे रामकिशोर ने आदर्श कॉलोनी चौकी और कोतवाली में विधायक के खिलाफ कार्रवाई की तहरीर दी थी। लेकिन रविवार को रामकिशोर के इरादे विधायक के प्रति नरम रुख लिए हुए नजर आए। वजह चाहे जो भी हो लेकिन ई-स्टांप में झूठा प्रार्थना पत्र देने की बात स्वीकारना रामकिशोर की गले की फांस बन सकता है। चूंकि मामला विधायक से जुड़ा होने की वजह से हाइप्रोफाइल हो गया है, ऐसे में अब अपनी तहरीर को झूठा बताने वाले पर पुलिस एक्शन भी ले सकती है।
विरोध के लिए तैयार विपक्षी भी हैरान
रुद्रपुर। महिलाओं के साथ मारपीट की घटना के साथ ही वीडियो वायरल होने के बाद विधायक ठुकराल के विरोधी भी सक्रिय हो गए थे। ये लोग विपक्षी पार्टी के अलावा भाजपा के भीतर ठुकराल विरोधी खेमा भी था। उन्होंने पर्दे के पीछे रहकर मारपीट का आरोप लगाने वाले परिवार को मदद का भरोसा भी दिया था। पीएमओ कार्यालय को भी पूरे मामले का फैक्स तक भेजा गया था। राजनीतिक फायदा उठाने की जुगत में कुछ नेता दलितों के साथ विधायक का पुतला फूूंकने की तैयारी कर चुके थे। लेकिन ऐन वक्त पर पीड़ित परिवार ने प्रदर्शन से इनकार कर दिया। इसके बाद सारी तैयारियां धरी रह गई।