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बक्से में मिला सड़ा-गला शव गीता का था
ब्यूरो/ अमर उजाला ब्यूरो, ऊधमसिंह नगर
Updated Wed, 07 Mar 2018 12:16 AM IST
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सात माह पूर्व मिला शड़ा-गला शव और उसी दौरान लापता हुई महिला की गुत्थी पुलिस ने करीब-करीब सुलझा ली है। बीते अगस्त में कोतवाली क्षेत्र में यूपी की सीमा से लगे करतारपुर में सड़क के किनारे बक्से में मिला प्रसूता का शव ट्रांजिट कैंप की गीता का था। महिला के परिजनों ने उसके पति को पकड़कर पुलिस के हवाले किया है, जिससे पूछताछ की जा रही है।
बता दें कि 14 अगस्त 2017 को करतारपुर में सड़क के किनारे एक बंद बक्से में सड़ी-गली हालत में महिला का शव मिला था। शव के साथ नवजात शिशु भी मृत अवस्था में था, जो प्रसव के बाद नाल से जुड़ा हुआ था। काफी समय बाद भी शव की शिनाख्त नहीं होने पर पुलिस ने उसका विसरा सुरक्षित कर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इधर, मंगलवार को ट्रांजिट कैंप में रहने वाले मोहन लाल उनका बेटा चंद्रपाल और रिश्तेदार अमरजीत बदायूं यूपी निवासी ओमपाल (वर्तमान में सिडकुल की एक फैक्ट्री में कार्यरत) को पकड़कर कोतवाली लाए।
यहां मोहनलाल ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी गीता पिछले वर्ष अगस्त से लापता है। मंगलवार को जब वह गीता की बड़ी बेटी सिमरन (9) से मिले तो बातों-बातों में उसने खुलासा किया कि पापा (ओमपाल) ने मम्मी (गीता) की हत्या करके शव कहीं दफना दिया है। मोहनलाल की बात सुनकर पुलिस कर्मियों ने अपने रिकॉर्ड खंगाले तो पता चला कि पिछले वर्ष 14 अगस्त को बक्से में एक महिला का सड़ा-गला शव बरामद हुआ था। पुलिस ने तब के फोटो परिजनों के दिखाए।
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शव पर पड़े कपड़े और पैर में बिछुओं से मोहनलाल, उनके बेटे और रिश्तेदार ने शव की शिनाख्त गीता के रूप में की। इस पर पुलिस ने ओमपाल को हिरासत में ले लिया। पुलिस अवैध संबंधों के शक को भी मृतका की हत्या का कारण मान रही है। मामले को लेकर थाना कोतवाल कैलाश चंद्र भट्ट का कहना है कि ओमपाल को हिरासत में लिया गया है। पूछताछ के बाद बुधवार तक मामले का खुलासा किया जा सकता है।
गीता का बेटा और बेटी कहां हैं
मोहन लाल ने बताया कि करीब 10 वर्ष पहले उन्होंने बेटी गीता की शादी बदायूं यूपी निवासी ओमपाल पुत्र स्व. राम सिंह से की थी। गीता के तीन बच्चे (लोकेश, मयंक और बेटी सिमरन) थे। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष रक्षाबंधन पर गीता अपने भाई चंद्रपाल को राखी बांधने नहीं आई थी। इस पर चंद्रपाल ने बहन के घर जाकर बहन के बारे में पूछा। तब ओमपाल ने उसे बताया कि गीता लापता हो गई है। ओमपाल ने गीता की बेटी सिमरन को भी उसकी मौसी के घर में रखा था, जबकि गीता के दोनों बेटों का भी कुछ पता नहीं चल रहा था। अब मंगलवार को गीता की बेटी के उनके घर आने पर इस मामले की परत खुलीं। सूत्रों के मुताबिक पुलिस पूछताछ में ओमपाल ने बताया है कि दोनों बेटों को उसने बहेड़ी में रहने वाले अपने किसी दोस्त के घर में रखा है।
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बता दें कि 14 अगस्त 2017 को करतारपुर में सड़क के किनारे एक बंद बक्से में सड़ी-गली हालत में महिला का शव मिला था। शव के साथ नवजात शिशु भी मृत अवस्था में था, जो प्रसव के बाद नाल से जुड़ा हुआ था। काफी समय बाद भी शव की शिनाख्त नहीं होने पर पुलिस ने उसका विसरा सुरक्षित कर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इधर, मंगलवार को ट्रांजिट कैंप में रहने वाले मोहन लाल उनका बेटा चंद्रपाल और रिश्तेदार अमरजीत बदायूं यूपी निवासी ओमपाल (वर्तमान में सिडकुल की एक फैक्ट्री में कार्यरत) को पकड़कर कोतवाली लाए।
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यहां मोहनलाल ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी गीता पिछले वर्ष अगस्त से लापता है। मंगलवार को जब वह गीता की बड़ी बेटी सिमरन (9) से मिले तो बातों-बातों में उसने खुलासा किया कि पापा (ओमपाल) ने मम्मी (गीता) की हत्या करके शव कहीं दफना दिया है। मोहनलाल की बात सुनकर पुलिस कर्मियों ने अपने रिकॉर्ड खंगाले तो पता चला कि पिछले वर्ष 14 अगस्त को बक्से में एक महिला का सड़ा-गला शव बरामद हुआ था। पुलिस ने तब के फोटो परिजनों के दिखाए।
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शव पर पड़े कपड़े और पैर में बिछुओं से मोहनलाल, उनके बेटे और रिश्तेदार ने शव की शिनाख्त गीता के रूप में की। इस पर पुलिस ने ओमपाल को हिरासत में ले लिया। पुलिस अवैध संबंधों के शक को भी मृतका की हत्या का कारण मान रही है। मामले को लेकर थाना कोतवाल कैलाश चंद्र भट्ट का कहना है कि ओमपाल को हिरासत में लिया गया है। पूछताछ के बाद बुधवार तक मामले का खुलासा किया जा सकता है।
गीता का बेटा और बेटी कहां हैं
मोहन लाल ने बताया कि करीब 10 वर्ष पहले उन्होंने बेटी गीता की शादी बदायूं यूपी निवासी ओमपाल पुत्र स्व. राम सिंह से की थी। गीता के तीन बच्चे (लोकेश, मयंक और बेटी सिमरन) थे। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष रक्षाबंधन पर गीता अपने भाई चंद्रपाल को राखी बांधने नहीं आई थी। इस पर चंद्रपाल ने बहन के घर जाकर बहन के बारे में पूछा। तब ओमपाल ने उसे बताया कि गीता लापता हो गई है। ओमपाल ने गीता की बेटी सिमरन को भी उसकी मौसी के घर में रखा था, जबकि गीता के दोनों बेटों का भी कुछ पता नहीं चल रहा था। अब मंगलवार को गीता की बेटी के उनके घर आने पर इस मामले की परत खुलीं। सूत्रों के मुताबिक पुलिस पूछताछ में ओमपाल ने बताया है कि दोनों बेटों को उसने बहेड़ी में रहने वाले अपने किसी दोस्त के घर में रखा है।