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हस्ताक्षर और हस्तलेख खोलेंगे घोटाले का राज
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
Updated Sun, 24 Dec 2017 12:21 AM IST
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बाजपुर तहसील में एनएच निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण के नाम पर किए गए घोटाले का राज अब तत्कालीन अफसरों और किसानों के हस्ताक्षरों से खुलेगा। एसआईटी ने एक निलंबित एसडीएम सहित 60 किसानों के हस्ताक्षर नमूने मिलान के लिए देहरादून प्रयोगशाला में भेजे हैं। तीन सहायक चकबंदी अधिकारियों और एक चकबंदी निरीक्षक के हस्तलेख की जांच भी एफएसएल में की जाएगी।
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बाजपुर के अफसरों और किसानों से पूछताछ करने के बाद अब उनके हस्ताक्षरों का मिलान विधि विज्ञान प्रयोगशाला देहरादून में किया जा रहा है। एसआईटी ने शनिवार को बाजपुर तहसील के निलंबित एसडीएम एनएस नगन्याल द्वारा 143 के दस्तावेजों में किये गए हस्ताक्षर का नमूना जांच के लिए एफएसएल देहरादून भेजा है।
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इसके साथ ही सहायक चकबंदी अधिकारी अमर सिंह, गणेश प्रसाद, निरंजन दास, ओमप्रकाश, चकबंदी निरीक्षक वीरपाल द्वारा तैयार किए गए भूपरिवर्तन दस्तावेजों में उनके हस्तलेख का नमूना भी जांच के लिए एफएसएल में भेजा गया है। उक्त सभी अधिकारियों से दो दिन पूर्व एसआईटी ने पूछताछ की थी। जांच में खुलासा हुआ था कि इस तहसील के गांव चकबंदी प्रक्रिया के अधीन होने के बाद भी तत्कालीन चकबंदी अधिकारियों द्वारा जमीनों की 143 कराई गई थी। इस पर किसानों ने करोड़ों का मुआवजा लिया था।
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पिछली तारीख में भूमि की 143 कराने के बाद उस पर करोड़ों का मुआवजा लेने वाले ऐसे ही 60 किसानों को एसआईटी ने चिह्नित कर उनसे पूछताछ की गई। पूछताछ में कुछ महत्पूर्ण साक्ष्य मिलने पर एसआईटी ने इन सभी 60 किसानों द्वारा भूमि के 143 दस्तावेजों में किए गए हस्ताक्षर नमूनों को भी जांच के लिए देहरादून एफएसएल में भेजा है। माना जा रहा है कि एफएसएल से जांच रिपोर्ट आने के बाद उक्त तहसील के बड़े घोटाले का खुलासा होगा। इसके आधार पर एसआईटी घोटाले में लिप्त कुछ अफसरों और किसानों की गिरफ्तारी हो सकती है।