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सिडकुल को 94 करोड़ की लीज शुल्क वसूली का इंतजार

Sat, 23 Dec 2017 12:17 AM IST
धन सिंह बिष्ट/अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर
धन सिंह बिष्ट/अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर Updated Sat, 23 Dec 2017 12:17 AM IST
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SIDKUL waits for lease fee of Rs 94 crores
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सिडकुल में संचालित हो रहे बड़े उद्योग और प्रोजेक्ट भले ही अपने कारोबार से साल भर में करोड़ों का टर्नओवर दे रहे हों, लेकिन लीज पर ली गई भूमि का भुगतान देने में सिडकुल को ठेंगा दिखा रहे हैं। सिडकुल ने लीज शुल्क का भुगतान ना करने वाली 55 कंपनियों को डिफाल्टर सूची में रखा है। इन कंपनियों ने 94 करोड़ से अधिक का भुगतान नहीं किया है।

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तत्कालीन मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने पंतनगर में सिडकुल की स्थापना की थी। सिडकुल में 500 से अधिक उद्योग संचालित हो रहे हैं। कई बिल्डर्स ने भी सिडकुल से जमीन लीज पर लेकर अपार्टमेंट बनाए। इसकी एवज में सिडकुल को लीज शुल्क का भुगतान करना था। वर्ष 2004 से सिडकुल ने कंपनियों को लीज पर जमीनों का आवंटन करना शुरू किया था। लीज पर जमीन देने के बाद कंपनियां लगातार अपना कारोबार करती रहीं लेकिन सिडकुल को लीज शुल्क का भुगतान नहीं किया। 
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सिडकुल भी लापरवाही बरतता रहा और शुल्क वसूली के लिए कोई ठोस पहल करने की जहमत नहीं उठाई। आवास विकास निवासी चार्टर्ड एकाउंटेंट राजीव भटनागर ने सूचना के अधिकार में सिडकुल प्रबंधन से सूचनाएं मांगी थीं। इसमें पता चला कि सिडकुल की जमीन पर स्थापित 55 कंपनियों पर करीब 94 करोड़ से अधिक का लीज शुल्क बकाया है।
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सिडकुल ने अपनी डिफाल्टर सूची में रखा है। इसमें से एसोटेक-सुपरटेक जेवी और सुपरटेक कंपनी के पास 84 करोड़ से अधिक की देनदारी है। एसोटेक-सुपरटेक जेवी को 2007 में और सुपरटेक लिमिटेड को 2012 में ही भूमि आवंटित हो गई थी। दोनों जमीनों पर वर्तमान में बड़ी कॉलोनिया बसी हैं। लंबे से समय से भुगतान रोककर बैठी कंपनियों से रकम अदायगी के लिए अब सिडकुल प्रबंधन गुुहार लगा रहा है, लेकिन कंपनियां ठेंगा दिखाकर अपना कारोबार संचालित कर रही हैं।


सिडकुल को लीज शुल्क का भुगतान ना करने वाली 55 कंपनियों को डिफाल्टर सूची में रखा गया है। इसमें से सुपरटेक लिमिटेड और एसोटेक-सुपरटेक जेवी के पास सिडकुल की 84 करोड़ से अधिक की देनदारी है। दोनों से रिकवरी के लिए आरसी जारी की गई है। बाकी देनदारों को भी जल्द भुगतान करने को कहा गया है। भुगतान नहीं करने पर उनके खिलाफ भी आरसी जारी की जाएगी।
-कमल किशोर कफल्टिया, क्षेत्रीय प्रबंधक, सिडकुल

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