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अब 14 किसानों पर कसेगा कानूनी शिकंजा
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
Updated Wed, 08 Nov 2017 12:14 AM IST
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राजमार्ग
- फोटो : amar ujala
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एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले की जांच में जुटी एसआईटी अब जसपुर और काशीपुर तहसील के 14 काश्तकारों को भी गिरफ्तार करने में जुट गई है। इन काश्तकारों ने भूमि का बैक डेट में 143 कराने के बाद करोड़ों का मुआवजा लिया है।
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तहसीलवार भूमि मुआवजा घोटाले की जांच में जुटी एसआईटी ने सोमवार से घोटाले में लिप्त लोगों की गिरफ्तारी शुरू कर जसपुर और काशीपुर तहसील के एक एसडीएम, दो तहसीलदार (इनमें एक सेवानिवृत्त), एक संग्रह अमीन, तहसील के एक अनुसेवक के साथ ही दो काश्तकारों और एक स्टांप वेंडर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सूत्रों के अनुुसार, एसआईटी ने दोनों तहसीलों में ऐसे 14 काश्तकारों को चिन्हित किया है, जिन्होंने एसएलओ कार्यालय के कर्मचारियों के साथ मिलकर चार करोड़ से लेकर 40 करोड़ तक मुआवजा लिया है।
कुछ काश्तकारों ने मुआवजे की रकम में से मोटा हिस्सा कमीशन के रूप में सरकारी कर्मचारियों की जेब में भी डाला। सोमवार को चिन्हित किए गए कुछ काश्तकारों की धरपकड़ के लिए एसआईटी ने उनके ठिकानों पर दबिश भी दी, लेकिन फरार होने के कारण वह एसआईटी की गिरफ्त में नहीं आ सके। कुछ काश्तकारों को एसआईटी ने उनकी फोन डिटेल के आधार पर अपने रडार पर ले लिया है। जल्द ही वे सलाखों के पीछे होंगे।
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डीपी के खिलाफ जारी किया एनबीडब्ल्यू
रुद्रपुर। घोटाले के मुख्य आरोपी पूर्व एसएलओ डीपी सिंह के खिलाफ एसआईटी ने कोर्ट से गैरजमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) ले लिया है। डीपी के विदेश भागने की आशंका के चलते एसआईटी पूर्व में ही उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी कर चुकी है। एनबीडब्ल्यू जारी होने के बाद भी अगर डीपी एसआईटी की गिरफ्त में नहीं आता तो एसआईटी कोर्ट से उसकी संपत्ति कुर्क करने का आदेश लेकर आगे की कार्रवाई करेगी।
डाटा ऑपरेटर ने गिरफ्तारी पर स्टे के लिए हाइकोर्ट में दायर की याचिका
रुद्रपुर। काश्तकारों की भूमि का बैक डेट में 143 कराने में बिचौलिए की भूमिका निभाकर करोड़ों का कमीशन लेने वाले काशीपुर के डाटा एंट्री ऑपरेटर ने पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए हाइकोर्ट में स्टे याचिका दायर की है। एसआईटी की जांच में खुलासा हुआ है कि काशीपुर तहसील में संविदा पर डाटा एंट्री ऑपरेटर के रूप में काम करने वाले अर्पण कुमार ने बिचौलिया बनकर किसानों की जमीन का बैक डेट में 143 कराया और और उनसे मोटा कमीशन लेकर तत्कालीन अफसरों के साथ ही खुद की जेब भी भरी। एसआईटी की जांच में इस बात का खुलासा हुआ कि अर्पण ने जसपुर के किसान ओमप्रकाश और उसके भाई रमेश कुमार की जमीन की बैक डेट में 143 कराकर उनसे कमीशन के रुप में एक करोड़ पांच लाख रुपये लिए। अर्पण की कॉल डिटेल के आधार पर इस दौरान अर्पण घोटाले के मुख्य आरोपी के संपर्क में भी रहा जिससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि अर्पण ने उसे भी कमीशन का मोटा हिस्सा दिया। मुआवजा लेने वाले कई और काश्तकारों की जांच में भी अर्पण संदेह के घेरे में है। अर्पण की याचिका खारिज करने के लिए एसआईटी भी हाई कोर्ट में शपथ पत्र दाखिल करेगी।
जांच में पाये गये साक्ष्यों के आधार पर जसपुर और काशीपुर तहसील के कुछ काश्तकारों को भी चिन्हित किया गया है। गिरफ्तारी से बचने के लिए हाइकोर्ट में स्टे याचिका दायर करने वाले अर्पण कुमार के मामले में एसआईटी भी हाईकोर्ट में शपथ पत्र दाखिल कर स्टे खरीज करने की अपील करेगी। रुद्रपुर कोर्ट में सरेंडर की अर्जी लगाने वाले पेशकार के खिलाफ कोर्ट के निर्णय के बाद कार्रवाई करेंगे। मुख्य आरोपी डीपी सिंह के खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी कर दिया है साथ ही उसकी गिरफ्तारी के लिए भी लगातार दबिश दी जा रही है।
-डा. सदानंद दाते, एसएसपी ऊधमसिंह नगर
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