एक करोड़ की बकाएदारी से बचने को की सूरज की हत्या छह दिन से लापता व्यापारी का शव मिला
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छह दिन से लापता व्यापारी का शव पुलिस ने हत्यारोपियों की निशानदेही पर बरामद कर लिया है। हत्यारों ने शव को घर के आगे बने शौचालय टैंक में छिपाकर रखा था, जिसके ऊपर सीमेंट का प्लास्तर कर दिया गया था। पुलिस ने शव कब्जे में ले लिया है। हत्या के आरोप में चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हत्याकांड के खुलासे के लिए एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले स्वयं यहां कैंप कर रहे थे। ताकवाले ने हत्याकांड के खुलासे के लिए पूरे जिले से पुलिस की टीम यहां बुलाई थी। पुलिस पर दबाव बनाने के लिए बृहस्पतिवार, शुक्रवार को महिलाओं ने एनएच पर जाम लगाया था।
चूना भट्ठा बनबसा चंपावत निवासी सूरज चंद (42) पुत्र भानी चंद यहां आदर्श कॉलोनी में रहता था। वह ब्याज पर रुपये उधार लेता-देता था। तीन जुलाई की सुबह साढ़े नौ बजे बनबसा जाने की बात कहकर वह घर से निकला लेकिन तब से वह घर नहीं लौटा। पुलिस तभी से उसकी तलाश में जुटी थी। शुक्रवार शाम उसका शव अंजनिया गांव में सुरेश राणा के घर के आंगन में बने शौचालय के टैंक से बरामद हुआ।
सूरज की हत्या के आरोप में ललित ज्याला निवासी नौगवांनाथ, सुरेश राणा अंजनिया, ईश्वर खनका छिनकी, पप्पू राणा अंजनिया को गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने तीन जुलाई को ही शाम चार बजे बिगराबाग के आसपास मृतक सूरज को अपहृत कर लिया था। उसके हाथ-पैर बांधकर कार में डाल लिया था। उसे कई जगह लेकर घूमते रहे।
इस बीच चार बजे बिरिया मझोला निवासी उसके साले को फोन कराया और 15 लाख रुपये ललित ज्याला और दिनेश से लाकर देने को कहलावा। चार बजे ही सूरज की स्कूटी इस्लामनगर में छुड़वाई गई। आठ बजे सूरज को उसकी पत्नी से फोन करने को कहा गया। जिसमें उससे आज घर न आने की बात कहलवाई गई। इसी बीच गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई।
उसका शव अंजनिया निवासी सुरेश के आंगन में बने शौचालय के टैंक में डाल दिया गया। जिसे पुलिस ने शुक्रवार शाम आरोपियों की निशानदेही पर परगना मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह की मौजूदगी में हत्यारोपियों से ही खुदवा कर बाहर निकाला। शव बेहद खराब हालत में था। उसके हाथ-पांव बंधे थे। एएसपी पंकज भट्ट ने हत्याकांड का खुलासा शनिवार को करने की बात कही। इसके लिए एसएसपी अनंत शंकर तवाकवले ने रुद्रपुर के कोतवाल जेसी पाठक को जिम्मेदारी सौंपी।
कोतवाल पाठक के आने से पहले व्यापारी के लापता होने की जांच हत्यारोपियों द्वारा बिछाए जाल की तरफ ही जा रही थी। पुलिस स्कूटी मिलने की जगह, मोबाइल की लोकेशन के अनुसार ही आगे जांच कर रही थी। यहां तक कि मृतक के परिजनों का शक भी उसी ओर था, जहां स्कूटी और मोबाइल की लोकेशन दिखाई दे रही थी।
एसएसपी के आदेश पर बृहस्पतिवार को रुद्रपुर के कोतवाल जेसी पाठक को यहां भेजा तो जांच का रुख बदल गया। पाठक ने गौटिया के संदिग्धों को उनके बयानों के आधार पर शक के दायरे से बाहर कर दिया। बयानों को क्रॉस मैच करने में सबसे पहले ईश्वर खनका टूटा। फिर ललित ज्याला, सुरेश राणा, पप्पू राणा ने पूरी कहानी बयान कर दी। कोतवाल पाठक ने बताया कि एक करोड़ की देनदारी के लिए व्यापारी सूरज चंद की हत्या की गयी।