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अंतरराज्यीय वन तस्कर गिरोह का भंडाफोड़
Thu, 20 Jun 2019 12:09 AM IST
yashwant yashwant
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: yashwant yashwant
Updated Thu, 20 Jun 2019 12:09 AM IST
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बाजपुर कोतवाली खैर से भरे ट्रक, गिरफ्तार दो तस्कर और पुलिस टीम।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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खैर की लकड़ी से लदा दस टायरा ट्रक समेत अंतरराज्यीय गिरोह के दो तस्करों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जबकि गिरोह का सरगना समेत पांच तस्कर फरार हो गए। ट्रक में 93.80 क्विंटल खैर की लकड़ी बरामद हुई, जिसकी कीमत साढ़े आठ लाख बताई गई है।
बुधवार को कोतवाली में अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद ने बताया कि सूचना पर सीओ एमसी बिन्जौला, यूटी सीओ नरेंद्र पंत, कोतवाल चंचल शर्मा के निर्देशन में पुलिस टीम ने बन्नाखेड़ा मार्ग पर ट्रक आरजे4जीबी0647 को रोककर जांच पड़ताल की। तलाशी में तिरपाल से ढक कर लाई जा रही खैर की लकड़ी बरामद हुई। इसी दौरान मौका पाकर पांच तस्कर फरार हो गए, जबकि हरियाणा के गांव सामगड़ी सोनीपत निवासी चालक सुनील कुमार, बाजपुर के गांव रैंहटा निवासी ममले को गिरफ्तार कर लिया। ममले अवैध खैर की लकड़ी का सप्लायर है, जबकि जस्सा सिंह, रामअवतार निवासी गांव रैंहटा (बाजपुर), अतर सिंह निवासी गांव भीकमपुरी बाजपुर, यासीन, मोहब्बे निवासी गांव बरहैनी बाजपुर फरार हो गए।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ 379/411 और 26 वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया है। पांच तस्करों की तलाश में उनके ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। आरोपियों का आपराधिक रिकार्ड खंगाला जा रहा है। टीम एसआई अशोक कांडपाल, लोकेश तिवारी, नरेंद्र पाठक, संदीप पुंडीर, बसंत पांडे शामिल हैं।
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कत्था की फैक्ट्रियों में सप्लाई होती है खैर की लकड़ी
बाजपुर। एएसपी डॉ. जगदीश चंद ने बताया कि अंतरराज्यीय खैर तस्कर गिरोह में उत्तराखंड की वन संपदा की चोरी कर हरियाणा की कत्था फैक्ट्रियों में दलालों के माध्यम से बेचता था। लकड़ी ले जाते समय तस्कर गिरोह पहले ही रास्ते पर नजर रखता था। गिरोह में ड्राइवर सुनील लकड़ी का सप्लायर का भी काम करता था। ममले बरहैनी और बन्नाखेड़ा क्षेत्र के जंगलों से खैर के पेड़ों की तलाश कर उन्हें काटता था।
जस्सा सिंह हरियाणा में अवैध खैर की लकड़ी की दलाली का काम करता है। इसके अलावा रामअवतार माल सप्लायर, अमर सिंह जंगल से खैर की लकड़ी काटने, यासीन जंगल से खैर काटने और सप्लाई करने, मोहब्बे हरियाणा में दलालों से संपर्क कर बेचने का काम करता है। गिरोह में शामिल सभी सदस्यों के अलग काम बंटे हैं, जिससे लकड़ी ले जाने से बेचने तक कोई दिक्कत ना हो। गिरोह के कई सदस्य पहले पकड़े जाने की बात सामने आई है, लेकिन थानों से संपर्क कर रिकार्ड खंगाला जा रहा है।
गौलापार, बरहैनी, बन्नाखेड़ा से करते थे खैर की तस्करी
बाजपुर। बन्नाखेड़ा पुलिस चौकी इंचार्ज अशोक कांडपाल ने बताया कि वन तस्कर हल्द्वानी के गौलापार जू क्षेत्र, बरहैनी और बन्नाखेड़ा जंगलात क्षेत्र से अवैध कटान कर खैर की लकड़ी को बाइक, साइकिल समेत अन्य छोटे वाहनों से बाजपुर के गांव रैहटा में एक स्थान पर एकत्र करते थे। उसके बाद ट्रक में भरकर हरियाणा जाकर बेचते थे।
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बुधवार को कोतवाली में अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद ने बताया कि सूचना पर सीओ एमसी बिन्जौला, यूटी सीओ नरेंद्र पंत, कोतवाल चंचल शर्मा के निर्देशन में पुलिस टीम ने बन्नाखेड़ा मार्ग पर ट्रक आरजे4जीबी0647 को रोककर जांच पड़ताल की। तलाशी में तिरपाल से ढक कर लाई जा रही खैर की लकड़ी बरामद हुई। इसी दौरान मौका पाकर पांच तस्कर फरार हो गए, जबकि हरियाणा के गांव सामगड़ी सोनीपत निवासी चालक सुनील कुमार, बाजपुर के गांव रैंहटा निवासी ममले को गिरफ्तार कर लिया। ममले अवैध खैर की लकड़ी का सप्लायर है, जबकि जस्सा सिंह, रामअवतार निवासी गांव रैंहटा (बाजपुर), अतर सिंह निवासी गांव भीकमपुरी बाजपुर, यासीन, मोहब्बे निवासी गांव बरहैनी बाजपुर फरार हो गए।
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गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ 379/411 और 26 वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया है। पांच तस्करों की तलाश में उनके ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। आरोपियों का आपराधिक रिकार्ड खंगाला जा रहा है। टीम एसआई अशोक कांडपाल, लोकेश तिवारी, नरेंद्र पाठक, संदीप पुंडीर, बसंत पांडे शामिल हैं।
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कत्था की फैक्ट्रियों में सप्लाई होती है खैर की लकड़ी
बाजपुर। एएसपी डॉ. जगदीश चंद ने बताया कि अंतरराज्यीय खैर तस्कर गिरोह में उत्तराखंड की वन संपदा की चोरी कर हरियाणा की कत्था फैक्ट्रियों में दलालों के माध्यम से बेचता था। लकड़ी ले जाते समय तस्कर गिरोह पहले ही रास्ते पर नजर रखता था। गिरोह में ड्राइवर सुनील लकड़ी का सप्लायर का भी काम करता था। ममले बरहैनी और बन्नाखेड़ा क्षेत्र के जंगलों से खैर के पेड़ों की तलाश कर उन्हें काटता था।
जस्सा सिंह हरियाणा में अवैध खैर की लकड़ी की दलाली का काम करता है। इसके अलावा रामअवतार माल सप्लायर, अमर सिंह जंगल से खैर की लकड़ी काटने, यासीन जंगल से खैर काटने और सप्लाई करने, मोहब्बे हरियाणा में दलालों से संपर्क कर बेचने का काम करता है। गिरोह में शामिल सभी सदस्यों के अलग काम बंटे हैं, जिससे लकड़ी ले जाने से बेचने तक कोई दिक्कत ना हो। गिरोह के कई सदस्य पहले पकड़े जाने की बात सामने आई है, लेकिन थानों से संपर्क कर रिकार्ड खंगाला जा रहा है।
गौलापार, बरहैनी, बन्नाखेड़ा से करते थे खैर की तस्करी
बाजपुर। बन्नाखेड़ा पुलिस चौकी इंचार्ज अशोक कांडपाल ने बताया कि वन तस्कर हल्द्वानी के गौलापार जू क्षेत्र, बरहैनी और बन्नाखेड़ा जंगलात क्षेत्र से अवैध कटान कर खैर की लकड़ी को बाइक, साइकिल समेत अन्य छोटे वाहनों से बाजपुर के गांव रैहटा में एक स्थान पर एकत्र करते थे। उसके बाद ट्रक में भरकर हरियाणा जाकर बेचते थे।