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ट्रक चालक से वसूली पर पुलिस से अभद्रता
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
Updated Thu, 26 Oct 2017 12:07 AM IST
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यातायात के सिपाही पर ट्रक चालक से 500 रुपये की वसूली करने का आरोप लगाते हुए कुछ लोगों ने गाबा चौक पर जमकर हंगामा काटा। उन्होंने यातायात सिपाही के साथ धक्का-मुक्की और अभद्रता की। इस बीच नाम पट्टिका छीनने की कोशिश कर रहे कुछ लोगों ने उसकी वर्दी फाड़ दी। गुस्साए लोगों ने वहां मौजूद दरोगा को भी खरी-खोटी सुनाई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने सिपाही को निलंबित कर दिया और दरोगा की संलिप्तता की जांच सीओ यातायात को सौंपी गई है। इधर, दरोगा और सिपाही ने भी सरकारी काम में बाधा डालने और हमला करने का आरोप लगाते हुए कुछ लोगों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है।
मंगलवार देर शाम यातायात पुलिस के दरोगा यशवंत पाल और कांस्टेबल अमित गिरि काशीपुर बाइपास पर गाबा चौक के पास वाहनों की जांच कर रहे थे। बताया जा रहा है कि इसी दौरान एसआई यशवंत पाल ने ट्रक को रोकने के लिए कांस्टेबल अमित गिरि को भेजा। अमित ट्रक चालक से पूछताछ कर वापस लौटा तो कुछ लोगों ने अमित को घेर लिया। उस पर ट्रक चालक से 500 रुपये वसूली करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया।
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हंगामा करने वाले लोग अमित से 500 रुपये की मांग करने के साथ ही मोबाइल से उसका क्लिप बनाने लगे। उन्होंने अमित के साथ गालीगलौच की और उसकी कमीज पर लगी नाम पट्टिका भी छीनने की कोशिश की। अपने बचाव में कुछ कहने की बजाय कांस्टेबल अमित ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन हंगामा करने वालों ने उसे पकड़ लिया और धक्का-मुक्की करने लगे। छीना-झपटी में अमित की जेब फट गई। करीब दस मिनट तक चले हंगामे के दौरान मौके पर मौजूद दरोगा यशवंत पाल और कांस्टेबल अमित ने न तो उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया और न ही हमला होने की सूचना वायरलेस पर दी।
एसएसपी डा. सदानंद दाते ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कांस्टेबल अमित को निलंबित कर दिया। साथ ही दरोगा यशवंत की संलिप्तता की जांच सीओ यातायात को सौंपी है। इधर, प्रकरण की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दरोगा और कांस्टेबल ने हमला करने वाले दो लोगों के खिलाफ कोतवाली पुलिस को तहरीर सौंपी है। तहरीर के आधार पर जांच के बाद पुलिस हमलावरों के खिलाफ भी कार्रवाई कर सकती है।
सिपाही ने भागकर, दरोगा ने चुप्पी साधकर बनाया खुद को संदिग्ध
यातायात पुलिस के दरोगा और कांस्टेबल पर अवैध वसूली का आरोप लगा तो कांस्टेबल ने मौके से भागकर और दरोगा ने मामले में चुप्पी साधकर खुद को अधिकारियों की नजरों में संदिग्ध बना दिया। हालांकि दरोगा और कांस्टेबल पर वसूली का आरोप लगाने वालों ने जो क्लिपिंग सोशल मीडिया पर जारी की है, उसमें सिपाही द्वारा वसूली की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन दस मिनट तक चले हंगामे में सिपाही का मौके से दो बार भागने की कोशिश करना और सिपाही की नाम पट्टिका छीनने, उसके साथ गालीगलौच होने के बाद भी दरोगा का चुप रहना उन्हें संदिग्ध बनाता है। पुलिस के उच्च अधिकारियों का भी मानना है कि घटना के समय दोनों पुलिस कर्मियों का व्यवहार उन्हें शक के दायरे में रखता है। इसी के आधार पर सिपाही के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई भी की गई।
पंजाब का था ट्रक, चालक ने नहीं की शिकायत
पुलिस का मानना है कि रंजिशन बखेड़ा किया गया है। पुलिस के अनुसार, जिस ट्रक चालक से अवैध वसूली करने की बात कही जा रही है, वह पंजाब का था। हंगामे के बाद ट्रक कहां गया इसकी जानकारी किसी को नहीं और ना ही ट्रक चालक ने अवैध वसूली की शिकायत की। पुलिस ने इस मामले में जब पंजाब निवासी ट्रक स्वामी से बातचीत करनी चाही तो उसका फोन नंबर बंद मिला।
आठ महीने में पुलिस पर हमले के दस मामले दर्ज
बीते आठ महीनों में डयूटी के दौरान पुलिस कर्मियों के साथ गालीगलौच और हमला करने के दस मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें दो मामलों में हमलावरों ने पुलिस कर्मियों की वर्दी भी फाड़ दी है। जुलाई में ही कुछ लोगों ने यातायात व्यवस्था संभाल रहे सीपीयू के जवानों के साथ भी गालीगलौच और मारपीट की जिसमें उनके खिलाफ पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज किया गया।
ट्रक चालक से अवैध वसूली किए जाने के प्रकरण में वायरल हुए वीडियो में कांस्टेबल संदिग्ध प्रतीत हो रहा है, जिसके आधार पर उसे निलंबित कर दिया गया और दरोगा की भी जांच की जा रही है। दोनों पुलिस कर्मियों से अभद्रता करने वालों को भी चिन्हित किया जा रहा है मामले की पूरी जांच करने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-डा. सदानंद दाते, एसएसपी
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मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने सिपाही को निलंबित कर दिया और दरोगा की संलिप्तता की जांच सीओ यातायात को सौंपी गई है। इधर, दरोगा और सिपाही ने भी सरकारी काम में बाधा डालने और हमला करने का आरोप लगाते हुए कुछ लोगों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है।
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मंगलवार देर शाम यातायात पुलिस के दरोगा यशवंत पाल और कांस्टेबल अमित गिरि काशीपुर बाइपास पर गाबा चौक के पास वाहनों की जांच कर रहे थे। बताया जा रहा है कि इसी दौरान एसआई यशवंत पाल ने ट्रक को रोकने के लिए कांस्टेबल अमित गिरि को भेजा। अमित ट्रक चालक से पूछताछ कर वापस लौटा तो कुछ लोगों ने अमित को घेर लिया। उस पर ट्रक चालक से 500 रुपये वसूली करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया।
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हंगामा करने वाले लोग अमित से 500 रुपये की मांग करने के साथ ही मोबाइल से उसका क्लिप बनाने लगे। उन्होंने अमित के साथ गालीगलौच की और उसकी कमीज पर लगी नाम पट्टिका भी छीनने की कोशिश की। अपने बचाव में कुछ कहने की बजाय कांस्टेबल अमित ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन हंगामा करने वालों ने उसे पकड़ लिया और धक्का-मुक्की करने लगे। छीना-झपटी में अमित की जेब फट गई। करीब दस मिनट तक चले हंगामे के दौरान मौके पर मौजूद दरोगा यशवंत पाल और कांस्टेबल अमित ने न तो उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया और न ही हमला होने की सूचना वायरलेस पर दी।
एसएसपी डा. सदानंद दाते ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कांस्टेबल अमित को निलंबित कर दिया। साथ ही दरोगा यशवंत की संलिप्तता की जांच सीओ यातायात को सौंपी है। इधर, प्रकरण की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दरोगा और कांस्टेबल ने हमला करने वाले दो लोगों के खिलाफ कोतवाली पुलिस को तहरीर सौंपी है। तहरीर के आधार पर जांच के बाद पुलिस हमलावरों के खिलाफ भी कार्रवाई कर सकती है।
सिपाही ने भागकर, दरोगा ने चुप्पी साधकर बनाया खुद को संदिग्ध
यातायात पुलिस के दरोगा और कांस्टेबल पर अवैध वसूली का आरोप लगा तो कांस्टेबल ने मौके से भागकर और दरोगा ने मामले में चुप्पी साधकर खुद को अधिकारियों की नजरों में संदिग्ध बना दिया। हालांकि दरोगा और कांस्टेबल पर वसूली का आरोप लगाने वालों ने जो क्लिपिंग सोशल मीडिया पर जारी की है, उसमें सिपाही द्वारा वसूली की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन दस मिनट तक चले हंगामे में सिपाही का मौके से दो बार भागने की कोशिश करना और सिपाही की नाम पट्टिका छीनने, उसके साथ गालीगलौच होने के बाद भी दरोगा का चुप रहना उन्हें संदिग्ध बनाता है। पुलिस के उच्च अधिकारियों का भी मानना है कि घटना के समय दोनों पुलिस कर्मियों का व्यवहार उन्हें शक के दायरे में रखता है। इसी के आधार पर सिपाही के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई भी की गई।
पंजाब का था ट्रक, चालक ने नहीं की शिकायत
पुलिस का मानना है कि रंजिशन बखेड़ा किया गया है। पुलिस के अनुसार, जिस ट्रक चालक से अवैध वसूली करने की बात कही जा रही है, वह पंजाब का था। हंगामे के बाद ट्रक कहां गया इसकी जानकारी किसी को नहीं और ना ही ट्रक चालक ने अवैध वसूली की शिकायत की। पुलिस ने इस मामले में जब पंजाब निवासी ट्रक स्वामी से बातचीत करनी चाही तो उसका फोन नंबर बंद मिला।
आठ महीने में पुलिस पर हमले के दस मामले दर्ज
बीते आठ महीनों में डयूटी के दौरान पुलिस कर्मियों के साथ गालीगलौच और हमला करने के दस मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें दो मामलों में हमलावरों ने पुलिस कर्मियों की वर्दी भी फाड़ दी है। जुलाई में ही कुछ लोगों ने यातायात व्यवस्था संभाल रहे सीपीयू के जवानों के साथ भी गालीगलौच और मारपीट की जिसमें उनके खिलाफ पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज किया गया।
ट्रक चालक से अवैध वसूली किए जाने के प्रकरण में वायरल हुए वीडियो में कांस्टेबल संदिग्ध प्रतीत हो रहा है, जिसके आधार पर उसे निलंबित कर दिया गया और दरोगा की भी जांच की जा रही है। दोनों पुलिस कर्मियों से अभद्रता करने वालों को भी चिन्हित किया जा रहा है मामले की पूरी जांच करने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-डा. सदानंद दाते, एसएसपी