फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Illegal mining will end in Mukundpur and Ajitpur

तबाही की कगार पर यूएस नगर जिले के दो गांव

Tue, 07 Nov 2017 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर।
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर। Updated Tue, 07 Nov 2017 12:47 AM IST
विज्ञापन
Illegal mining will end in Mukundpur and Ajitpur
कोसी किनारे बसे सुल्तानपुरपट्टी के करीबी गांव मुकुंदपुर और अजीतपुर तबाही के कगार पर आ गए हैं।  - फोटो : amar ujala
अवैध खनन का कारोबार बड़ी आपदा को न्यौता दे रहा है। खनन इसी तरह जारी रहा तो कोसी नदी किनारे बसे दो गांवों का अस्तित्व हमेशा के लिए मिट जाएगा। प्रशासन द्वारा ड्रोन से कराए गए सर्वे में जो तस्वीरें सामने आई हैं, वे बेहद भयावह हैं। कोसी के आगोश में समा चुकी कृषि भूमि माफिया के लिए सोना उगल रही हैं। मोटी रकम के लालच में किसान बगैर पट्टों के ही अपने खेतों में खनन का ठेका दे रहे हैं। किसानों की जमीनों से माफिया बेतरतीब अवैध खनन कर रहे हैं। वे दिन-रात खेतों से रेता निकालकर वहीं ढेर लगाते हैं और मौका पाकर माल को स्टोन क्रशरों पर पहुंचा देते हैं। नियोजित खदान न होने से बाढ़ आने की स्थिति में कोसी कहर बरपा सकती है। सोमवार को सुल्तानपुर पट्टी चौकी में स्टोन क्रशर स्वामियों की बैठक के दौरान डीएम डॉ. नीरज खैरवाल ने बताया कि अवैध खनन होने से मुकुंदपुर और अजीतपुर गांव की स्थिति बेहद भयावह हो गई है। प्रशासन द्वारा ड्रोन से कराए गए सर्वे में जो तस्वीरें मिली है वह वाकई चिंतित कर देने वाली हैं। कहा कि कोसी में बाढ़ आने पर नदी का रुख बदल जाएगा और कोसी किनारे बसे इन गांवों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने कहा कि नदी से रात में अवैध खनन होता है। पुलिस के पहुंचने पर वह दूसरे राज्य की सीमा में भाग जाते हैं। कहा कि खनन न रुका तो पुलिस-प्रशासन न्यायालय में जाएगा। इस स्थिति में खनन पूर्णतया बंद भी हो सकता है, इससे स्टोन क्रशर स्वामियों को दिक्कतें आ सकती हैं। लिहाजा क्रशर स्वामी अवैध खनन का माल न खरीदें। एसएसपी ने कहा कि अवैध खनन से बच्चों का भविष्य भी खराब हो रहा है। पढ़ने की उम्र में बच्चे खनन में लग रहे हैं। यह बैठक स्टोन क्रशर स्वामियों के साथ आखिरी बैठक है। इसके बाद भी यदि अवैध खनन नहीं रुका तो पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। पैमाइश बताएगी, कोसी पुल यूपी का या उत्तराखंड का ऊधमसिंह नगर प्रशासन का मानना है कि दोनो राज्यों के बीच कोसी नदी के पुल के स्वामित्व को लेकर भी स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। इसके लिए नए सिरे से पैमाइश की जा सकती है। एक अधिकारी ने बताया कि सीमा पर यूपी की ओर लगे क्रशरों पर कच्चा माल उत्तराखंड के खनन क्षेत्र से जा रहा है, जबकि तैयार माल भेजने के लिए वह उत्तराखंड की सड़क का प्रयोग करते हैं। रोके जाने पर कोसी पुल बंद करने की धमकी देते हैं। संभव है कि कोसी पुल भी उत्तराखंड की सीमा में हो। पैमाइश कराकर इस स्थिति को स्पष्ट किया जा सकता है।
विज्ञापन


अवैध खनन को रोकने को लेकर ऊधमसिंह नगर के डीएम और एसएसपी से चर्चा की गई। रात में खनन होने की सूचना मिली है जिस पर सख्ती से रोक लगाने के लिए एक टीम का गठन करने पर विचार किया गया है। खेतों से खनन कराने वाले 20 से 25 किसानों को नोटिस जारी किया है। उनसे स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। यदि किसी क्रशर में मानक से अधिक स्टॉक पाया गया तो उसका लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। -शिव सहाय अवस्थी, डीएम, रामपुर यूपी।
विज्ञापन


कोसी नदी में अवैध खनन को रोकने के लिए सख्ती से कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। कोसी नदी में जहां खनन होता है वह दो राज्यों की सीमा से लगा है। अवैध खनन करने के बाद छापे के दौरान दूसरे राज्य में भाग जाते हैं, जिससे मुश्किलें होती है। यदि अवैध खनन पाया गया तो पट्टे निरस्त किए जाएंगे। -डॉ. नीरज खैरवाल, डीएम, ऊधमसिंह नगर।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed