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दहेज लोभी हत्यारे पति को आजीवन कारावास की सजा
ब्यूरो, अमर उजाला, रुद्रपुर
Updated Fri, 05 Jun 2015 12:27 AM IST
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दहेज लोभी हत्यारे पति को जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरसी कुकरेती की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
जिला शासकीय अधिवक्ता एनएस धामी के अनुसार शहर निवासी सुशांत राय ने 24 अगस्त 2013 को दर्ज रिपोर्ट में कहा था कि उसकी बहन पूर्णिमा का विवाह आदर्श इंदिरा बंगाली कालोनी निवासी सचिन राणा के साथ 2003 में हुआ था। विवाह के बाद ही पति सचिन कम दहेज के ताने देने लगा। आए दिन उसके साथ मारपीट करने लगा। 23 अगस्त 2013 की रात 10.30 बजे उसके बहनोई अमल मंडल ने फोन पर बताया कि सचिन पूर्णिमा के साथ मारपीट कर रहा है। रात अधिक होने के कारण वह मौके पर नहीं गया। सुबह उसे सूचना मिली कि उसकी बहन की मौत हो गई है। जब वह मौके पर पहुंचा तो देखा कि उसकी बहन के गले में साड़ी का फंदा लटका पड़ा था। उसकी मृत्यु हो गई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और पति के खिलाफ धारा आईपीसी 498 ए, 302, 201 का मुकदमा दर्ज कर आरोपी पति को 26 अगस्त 2013 को गिरफ्तार कर लिया। मामले में शासकीय अधिवक्ता ने दस गवाह पेश किए। जिला जज आरसी कुकरेती ने पति को दोषी करार दिया। जिला जज ने पति को आजीवन कारावास व 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही जुर्माने की राशि अदा करने पर 60 हजार रुपये मृतका की चार पुत्रियों को देने का आदेश दिया।
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जिला शासकीय अधिवक्ता एनएस धामी के अनुसार शहर निवासी सुशांत राय ने 24 अगस्त 2013 को दर्ज रिपोर्ट में कहा था कि उसकी बहन पूर्णिमा का विवाह आदर्श इंदिरा बंगाली कालोनी निवासी सचिन राणा के साथ 2003 में हुआ था। विवाह के बाद ही पति सचिन कम दहेज के ताने देने लगा। आए दिन उसके साथ मारपीट करने लगा। 23 अगस्त 2013 की रात 10.30 बजे उसके बहनोई अमल मंडल ने फोन पर बताया कि सचिन पूर्णिमा के साथ मारपीट कर रहा है। रात अधिक होने के कारण वह मौके पर नहीं गया। सुबह उसे सूचना मिली कि उसकी बहन की मौत हो गई है। जब वह मौके पर पहुंचा तो देखा कि उसकी बहन के गले में साड़ी का फंदा लटका पड़ा था। उसकी मृत्यु हो गई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और पति के खिलाफ धारा आईपीसी 498 ए, 302, 201 का मुकदमा दर्ज कर आरोपी पति को 26 अगस्त 2013 को गिरफ्तार कर लिया। मामले में शासकीय अधिवक्ता ने दस गवाह पेश किए। जिला जज आरसी कुकरेती ने पति को दोषी करार दिया। जिला जज ने पति को आजीवन कारावास व 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही जुर्माने की राशि अदा करने पर 60 हजार रुपये मृतका की चार पुत्रियों को देने का आदेश दिया।