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एसओजी की गिरफ्त में आया स्मैक का अंतरराज्यीय सौदागर
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रुद्रपुर।
Updated Sun, 02 Jul 2017 12:36 AM IST
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पकड़ा गया तस्कर बाबू।
- फोटो : अमर उजाला
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रुद्रपुर। यूपी के साथ ही उत्तराखंड में नशे का कारोबार करने वाले एक स्मैक के सौदागर को एसओजी की टीम ने गिरफ्तार कर उसके पास से 216 ग्राम स्मैक बरामद की है। पकड़ा गया युवक पश्चिम बंगाल के साथ ही दिल्ली और मणिपुर से स्मैक की खेप लाता था। और बरेली मे रहकर अपने कारोबार को संचालित करता था। पुलिस के अनुसार स्मैक कारोबारी के सबसे अधिक ग्राहक उत्तराखंड में थे। कॉल डिटेल के अनुसार वह रोजाना 40 से 50 लोगों को स्मैक की सप्लाई देता था।
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जिले भर में नशे के सौदागरों पर अंकुश लगाने के लिए एसएसपी डा. सदानंद दाते द्वारा विशेष अभियान के तहत शनिवार को एसओजी टीम को उस समय बड़ी सफलता मिली जब टीम ने यूपी के साथ ही पूरे उत्तराखंड में स्मैक की सप्लाई करने वाले एक स्मैक के सौदागर को दबोच लिया। कुछ समय पूर्व एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने स्मैक बेचने वाले कुछ लोगों के पकड़ा था।
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पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली कि रुद्रपुर और आसपास के क्षेत्रों में बरेली के कुछ लोग स्मैक की तस्करी करते हैं। जिस पर एसएसपी ने एएसपी देवेंद्र पिंचा और और सीओ स्वतंत्र कुमार के नेतृत्व में एसओजी टीम को स्मैक कारोबारी की धरपकड़ में लगा दिया।
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शनिवार को मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी ने बताया कि कुछ दिन पूर्व जब एसओजी प्रभारी विद्याधर जोशी ने लोकल स्तर पर स्मैक का नशा करने वाले कुछ नशेड़ियों की कुंडली खंगाली तो पता चला कि सभी नशेड़ी वार्ड नंबर पांच मोहल्ला अंसारी फतेहगंज पश्चिमी जिला बरेली में रहने वाले अंसार उर्फ बाबू पुत्र इम्तियाज से स्मैक खरीदते हैं।
जिसके बाद एसओजी की टीम ने बाबू की धरपकड़ के लिए बरेली में डेरा डाल दिया। लेकिन इसी दौरान बाबू को टीम के बरेली में होने की भनक लग गई और वह वहां से फरार हो गया। शनिवार को एसओजी को मुखबिर से सूचना मिली कि बाबू को तीनपानी तिराहा के पास देखा गया है। जिस पर टीम ने घेराबंदी कर बाबू को पकड़ लिया।
जबकि बाबू का दूसरा साथी रिफाकत निवासी मोहल्ला सराहा वार्ड नंबर 12 फतेहगंज बरेली पुलिस को देखकर मौके से भागने में कामयाब रहा। तलाशी लेने पर पुलिस को बाबू के पास से 216 ग्राम स्मैक बरामद हुई। पूछताछ में बाबू ने बताया कि वह रिफाकत के साथ मिलकर यूपी के साथ ही उत्तराखंड में स्मैक की सप्लाई करता था।
पुलिस ने बाबू के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे जेल के लिए रवाना कर दिया है। फरार चले रहे रिफाकत की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमों की दबिश जारी है। एसएसपी ने खुलासा करने वाली टीम को ढाई हजार और एएसपी पिंचा ने 15 सौ रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
टीम में एसएसआई प्रभात कुमार, एसआई अकरम अहमद, हेड कांस्टेबल प्रकाश भगत, कांस्टेबल अब्दुल मलिक, सतेंद्र सुयाल, राजेंद्र जोशी, प्रवीण गोस्वामी, महेंद्र डंगवाल, पवन कुमार, सुबोध शर्मा, संतोष रावत, दीपक कुमार, प्रदीप कुमार, प्रदीप नेगी, मदन लाल और चंद्र सिंह हैं।
रुद्रपुर। यूपी सहित पूरे उत्तराखंड में स्मैक का कारोबार करने वाला बाबू लंबे समय से स्मैक का कारोबार कर रहा था और पश्चिमी बंगाल, दिल्ली और मणिपुर से स्मैक की बड़ी खेप मंगाता था। कुछ दिन पूर्व भी बाबू के पास मणिपुर से एक किलो स्मैक की खेप आई थी लेकिन कीमत अधिक होने के कारण बाबू ने उसे नहीं लिया और फिर पश्चिम बंगाल के जिला मालदा स्थित सुजापुर से स्मैक मंगाई। यूपी के साथ ही उत्तराखंड के लोग उसके पास स्मैक लेने बरेली आते थे।
रुद्रपुर। स्मैक का कारोबार करने वाला बाबू यूपी में भी स्मैक की सप्लाई देता था लेकिन उत्तराखंड के रुद्रपुर, हल्द्वानी, देहरादून, रुड़की, जसपुर, काशीपुर, बाजपुर, सितारंगज और किच्छा में उसके सबसे अधिक ग्राहक थे और वह फोन पर ही स्मैक की डील करता था।
रुद्रपुर। स्मैक का कारोबार करने वाला बाबू खरीदी गई स्मैक से अधिक मुनाफा कमाने के लिए उसकी मात्रा बढ़ाने को उसमें कट पाउडर मिलाता था। करीब 1200 रुपये ग्राम के हिसाब से एक किलो स्मैक खरीदने के बाद बाबू उसमें 250 ग्राम पाउडर मिलाता था। और 1500 रुपये ग्राम के हिसाब से बेचता था।
रुद्रपुर। स्मैक कारोबार का खुलासा करते हुए एसएसपी डा. सदानंद दाते ने अपने डॉक्टरी अनुभव बांटते हुए बताया कि आम तौर पर सूंघ कर स्मैक का नशा लिया जाता है। लेकिन एक समय बाद स्मैक का नशा करने वाली की स्थिति यह हो जाती है कि उसे सूंघने से नशा नहीं होता और वह स्मैक को मिनरल वाटर में मिलाकर इंजेक्शन के रूप में लेता है और अधिकांश बार ऐसा करने या मात्रा अधिक होने से नशेड़ी की मौत हो जाती है। देहरादून में स्मैक से इस तरह मौत के काफी मामले सामने आए हैं।