एलाइड इन्फ्रा की एमडी और डायरेक्टर पर मुकदमा
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एसआईटी ने एनएच-74 घोटालेे में बड़ी कार्रवाई करते हुए एलाइड इन्फ्रा की एमडी प्रिया शर्मा और डायरेक्टर सुधीर चावला के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि प्रिया शर्मा ने एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में बिचौलियों के कमीशन को ठिकाने लगाने के लिए एक ऐसी जमीन का फर्जी इकरारनामा बनाकर सौदा कर दिया, जो उसके नाम पर नहीं थी और जमीन पर कोर्ट का स्टे भी है। मामले में स्टांप वेंडर को एसआईटी पहले ही जेल भेज चुकी है। बता दें कि 16 नवंबर के अंक में अमर उजाला ने मनी लांड्रिंग के इस खेल का खुलासा किया था।
एनएच-74 घोटाले में जहां अफसरों ने पिछली तिथियों में भूमि का 143 किया, वहीं काश्तकारों ने गलत तरीके से मुआवजा लेकर करोड़ों के राजस्व का नुकसान किया। इसमें काश्तकारों से मिले कमीशन को ठिकाने लगाने के लिए बिचौलियों ने कालोनाइजरों का सहारा लिया। ऐसा ही एक मामला पकड़ में आने पर एसआईटी के विवेचक एवं सीओ सिटी स्वतंत्र कुमार ने एलाइड इन्फ्रा की एमडी प्रिया शर्मा निवासी निवासी नीलम कॉलोनी (हल्द्वानी) और डायरेक्टर सुधीर चावला निवासी एलायंस कॉलोनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार काशीपुर तहसील में एनएच-74 निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान ग्राम कुंडा में रहने वाले किसान अजमेर सिंह, सुखदेव सिंह और उनके तीन भाइयों ने अपनी भूमि का पिछली तिथियों में 143 कराकर मुआवजे के रूप में 23 करोड़ रुपये लिए। साथ ही काशीपुर तहसील के स्टांप वेंडर जीशान को किसानों ने चार करोड़ पांच लाख रुपये बतौर कमीशन दिया। रकम को ठिकाने लगाने के लिए जीशान ने एलाइड इन्फ्रा की एमडी प्रिया शर्मा से फाजलपुर महरौला स्थित खेत नंबर 94 का सौदा किया, जिसमें प्रिया शर्मा ने 1450 वर्ग गज प्लाट का इकरारनामा जीशान के साथ किया। इसके लिए जीशान ने एलाइड इन्फ्रा कंपनी के खाते में आरटीजीएस के जरिए डेढ़ करोड़ रुपये संबंधित अधिकारी को भुगतान करने के लिए दिए। साथ ही 40 लाख कैश भी दिए।
प्रिया शर्मा ने जीशान से प्राप्त कमीशन की राशि को सही दर्शाने के लिए 100 रुपये के स्टांप पर इकरारनामा कर तीन करोड़ 62 लाख का सौदा दर्शाया। काशीपुर तहसील की जांच के दौरान एसआईटी के रडार पर आए जीशान के बैंक खातों को जब जांचा गया तो पता चला कि जिस प्लाट का प्रिया शर्मा ने जीशान के साथ इकरारनामा कर करोड़ों रुपये लिए, दरअसल वह प्लाट प्रिया शर्मा का नहीं बल्कि कुंडा के किसान जगशरण सिंह पुत्र अवतार सिंह के नाम पर था, जिसका मुख्तारे आम गुरप्रीत सिंह संधु है और उक्त जमीन पर हाइकोर्ट का स्टे भी है। इस कारण जमीन की खरीद फरोख्त नहीं की जा सकती, लेकिन इसके बाद भी प्रिया शर्मा ने भूमि का सौदा कर इकरारनामा बनाया।
एसआईटी की मानें तो प्रिया शर्मा ने मुआवजे के रूप में अफसरों द्वारा ली गई करोड़ों की रकम को ठिकाने लगाने के लिए मनी लांड्रिंग का खेल किया। सीओ सिटी स्वतंत्र कुमार ने बताया कि भूमि के असली दस्तावेज और जीशान द्वारा एलाइड इन्फ्रा के खाते में दी गई रकम के साक्ष्य मिलने पर प्रिया शर्मा और सुधीर चावला के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना सीओ काशीपुर राजेश भट्ट को सौंपी गई है। साथ ही कुछ और कालोनाइजरों को भी चिन्हित किया गया है। साक्ष्य मिलने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में मुझे षड्यंत्र के तहत फंसाया जा रहा है। एनएच भूमि घोटाले में मेरा और मेरी कंपनी का कोई लेनादेना नहीं है। मैने काशीपुर के स्टांप वेंडर जीशान को वर्ष 2016 में प्लाट बेचा था और एसआईटी ने जीशान को वर्ष 2017 में अपनी जांच के दायरे में लिया है। मैंने पहले भी पूछताछ में एसआईटी को सहयोग किया है और आगे भी एसआईटी को मेरा सहयोग रहेगा।
प्रिया शर्मा, एमडी, एलाइड इन्फ्रा।
गदरपुर के आरके सहित आठ काश्तकारों से पूछताछ
एनएच घोटाले की जांच के लिए एसआईटी ने शनिवार को गदरपुर तहसील के रजिस्ट्रार कानूनगो यूसुफ अली सहित आठ काश्तकारों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। पूछताछ में भी एसआईटी के हाथ गदरपुर में किए गए घोटाले को लेकर कुछ अहम सुराग लगे हैं।