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सालों ने की बहनोई की हत्या
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
Updated Thu, 28 Jul 2016 12:03 AM IST
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महिला
- फोटो : अमर उजाला
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अलग-अलग समुदाय के प्रेमी युगल द्वारा शादी करने से आक्रोशित दो सगे भाइयों ने एक अन्य व्यक्ति साथ मिलकर सुनियोजित षड्यंत्र के तहत शादी के पांच साल बाद जीजा की रामपुर के स्वार क्षेत्र में ले जाकर गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्यारोपी भाइयों ने बहन और उसकी मासूम बेटी को भी दो सप्ताह के अंदर जान से मार देने की धमकी दी है। इस सनसनीखेज वारदात से मृतक के परिजनों में दहशत है। घटना के चश्मदीद क्लीनर ने स्वार थाने नामजद तहरीर दी है।
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पुलिस ने धारा 302 में मुकदमा दर्ज करके आरोपियों की तलाश में घर में दबिश दी, मगर आरोपी हाथ नहीं आए।
वर्ष 21 जनवरी 2012 को नेतानगर निवासी अंग्रेज सिंह की बेटी देवेंद्र कौर शादी से एक दिन पहले अपने प्रेमी मोतीपुर निवासी बस चालक सुभाष मंडल के साथ भाग गई थी। उस दौरान युवती के परिजनों को बिरादरी में काफी किरकिरी का सामना करना पड़ा था। आक्रोशित परिजनों ने देशभर में दोनों की काफी खोजबीन की थी। मगर दोनों का कोई पता नहीं चल पाया। परिजनों ने रुद्रपुर पुलिस को तहरीर देकर युवक पर बेटी के अपहरण का आरोप लगाया था। उधर, दोनों प्रेमी युगल ने पश्चिम बंगाल के मंदिर में शादी करने के बाद कोर्ट मैरिज भी कर ली। एक साल बाद युवती ने एक बेटी को जन्म दिया।
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पांच साल बाद बीते फरवरी में दोनों अपनी साढ़े तीन साल की बेटी खुशी के साथ अचानक युवक के घर आ गए। सुभाष ने फिर से बस चलाने का काम शुरू कर दिया और देवेंद्र ने नगर के एक इंग्लिश मीडियम स्कूल में नौकरी कर ली। देवेंद्र के परिजनों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं होने पर दोनों खुशी-खुशी अपना जीवन गुजार रहे थे। लेकिन वह लोग देवेंद्र के भाइयों में बिरादरी में बदनामी के बाद उपजी बदले की भावना से अंजान थे। देवेंद्र कालीनगर निवासी सत्यजीत सरकार की बस संख्या एचआर 57-6552 को चला रहा था। मंगलवार को रुद्रपुर के ओमेक्स निवासी एक व्यक्ति ने सत्यजीत से मिलकर अपने लड़के का मुंडन के लिए हरिद्वार के लिए बस बुक कराई।
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कहा कि परिजन दरोगा फार्म स्वार से बस में सवार होंगे। सुभाष रात नौ बजे क्लीनर जगदीशपुर निवासी प्रकाश बैरागी के साथ उस व्यक्ति के साथ हरिद्वार को निकाल गया। क्लीनर प्रकाश ने बताया कि दोराहे के पास एक ढाबे पर उन्होंने भोजन किया। उसके बाद वह लोग स्वार की ओर निकले। रास्ते में एक सुनसान जगह पर सड़क किनारे खड़े चेहरा ढके दो युवकों को देखकर बुकिंग करने वाले व्यक्ति ने अपने लोग होने की बात कहकर बस रुकवाई। दोनों युवकों ने बस में घुसते ही सुभाष और प्रकाश पर हमला बोल दिया।
प्रकाश ने बताया कि हमलावरों ने उसके हाथ पैर बांध दिए और सुभाष की कनपटी पर रिवाल्वर तान दिया। तीनों ने मिलकर उन्हें पास ही स्थित एक गन्ने के खेत में ले गए और उसके सामने ही सुभाष की गला घोंटकर हत्या कर दी। प्रकाश ने बताया कि चेहरे से नकाब हटते ही उसने हत्यारों को पहचान लिया। हत्यारों ने भी उसे पहचानते हुए उसका कोई कसूर नहीं होने के कारण उसे छोड़ने की बात कही। वह लोग प्रकाश के जेब से नगदी और अन्य कागजात आदि लेकर बाइक पर सवार होकर फरार हो गए।
काफी प्रयास के बाद प्रकाश ने अपने हाथ पांव खोले। इस बीच प्रकाश के मोबाइल पर घर से उसकी पत्नी का फोन आ गया तो उसने घटना की जानकारी दी। साथ ही उसने 100 नंबर पर फोन करके पुलिस को भी जानकारी दी। रात एक बजे के करीब स्वार थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। प्रकाश की तहरीर पर स्वार पुलिस ने नेतानगर निवासी इंद्रपाल सिंह, उसके तहेरे भाई मुख्तयार सिंह और एक अज्ञात के खिलाफ धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।